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पंचायत आम चुनाव 2026 के तहत जिला परिषद सदस्य पद के लिए नामांकन प्रक्रिया के तीसरे दिन भरतपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में चुनावी गहमागहमी देखने को मिली. बड़ी संख्या में प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे. सुबह से ही कलेक्ट्रेट के बाहर उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की भीड़ जुटने लगी.
कोई ढोल-डीजे की धुन पर नाचते-गाते नामांकन दाखिल करने पहुंचा, तो कहीं समर्थकों के साथ प्रत्याशियों ने अपनी ताकत दिखाई. नामांकन के दौरान महिला प्रत्याशियों में भी खासा उत्साह नजर आया. कुछ महिला उम्मीदवार घूंघट में नामांकन दाखिल करने पहुंचीं. वहीं, चुनावी मैदान में एक MBBS डॉक्टर के उतरने से भी चर्चा का माहौल रहा.
भाजपा-कांग्रेस के साथ निर्दलीय भी मैदान में
नामांकन प्रक्रिया के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर अलग-अलग प्रत्याशियों के समर्थकों की आवाजाही बनी रही. राजनीतिक दलों से जुड़े कार्यकर्ता अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में पहुंचे. भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी दावेदारी पेश करने में जुटे रहे. नामांकन स्थल के बाहर चुनावी चर्चाओं का दौर चला और प्रत्याशियों ने जीत के लिए अपनी-अपनी रणनीति पर चर्चा की.
भाजपा प्रत्याशी डॉ. शिवानी सिंह ने दाखिल किया नामांकन
जिला परिषद के वार्ड नंबर 6 से डॉ. शिवानी सिंह ने भी नामांकन दाखिल किया. उन्होंने भाजपा की ओर से चुनावी मैदान में उतरने की बात कही. डॉ. शिवानी सिंह ने कहा कि वार्ड के विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी. क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ महिला सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
अधूरे विकास कार्य पूरे कराने पर रहेगा जोर
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास से जुड़े जो कार्य अधूरे रह गए हैं, उन्हें पूरा कराने की हरसंभव कोशिश की जाएगी. उनका कहना है कि जनता की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्य कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी. प्रत्याशी ओमवती ने भी नामांकन दाखिल कर क्षेत्र के विकास और किसानों की समस्याओं के समाधान को अपनी प्राथमिकता बताया. उन्होंने कहा कि यदि जनता का सहयोग और आशीर्वाद मिला और वे चुनाव जीतती हैं, तो सबसे पहले किसानों और आमजन से जुड़े मुद्दों पर काम करेंगी.
पानी, बिजली, सड़क और नालियों की समस्या दूर कराने का वादा
ओमवती ने पानी और बिजली की व्यवस्था बेहतर बनाने, सड़कों का विकास कराने तथा नालियों की समस्या का समाधान कराने की बात कही. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य कराने का प्रयास करेंगी. नामांकन प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए. कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश और नामांकन से जुड़ी प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए और प्रत्याशियों के दस्तावेजों की जांच के लिए अधिकारियों की तैनाती की गई.
भारी पुलिस बल तैनात
वहीं, कलेक्ट्रेट के बाहर सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा. रिजर्व पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस जवान बुलाए गए. पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी करती रही. बिना अनुमति वाहनों और भीड़ को परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया.
नामांकन की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है. जिला प्रशासन ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही है. अब चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों की दावेदारी और राजनीतिक दलों की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं.