जयपुर में पूर्व सांसद के बेटे की संदिग्ध मौत: पिता ने बहू-पोते समेत 5 के खिलाफ दर्ज करवाई FIR, लगाया हत्या का आरोप
भरतपुर के पूर्व कांग्रेस सांसद रतन सिंह ने अपने बेटे राजेंद्र प्रताप सिंह की जहर देकर हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए जयपुर के जवाहर सर्किल थाने में बहू नीतू सिंह, पोते सौरव सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. राजेंद्र सिंह 11 सितंबर को जयपुर स्थित अपने घर में बेसुध मिले थे, जिसके बाद अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
Rajasthan Crime: भरतपुर से कांग्रेस के पूर्व सांसद रतन सिंह ने अपने बेटे राजेंद्र प्रताप सिंह की जहर देकर हत्या किए जाने की आशंका जताई है. इस मामले में उन्होंने 29 सितंबर को जयपुर के जवाहर सर्किल थाने में अपनी बहू नीतू सिंह, पोते सौरव सिंह समेत 5 लोगों के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में FIR दर्ज कराई थी. शिकायत की जानकारी अब सामने आई है. राजेंद्र सिंह सार्वजनिक निर्माण विभाग में एक्सईएन थे.
पूर्व सांसद के मुताबिक, राजेंद्र सिंह 11 सितंबर को मालवीय नगर स्थित अपने घर में बेसुध हालत में मिले थे. उनके होंठ नीले पड़ गए थे. इसके बाद उन्हें जवाहर सर्किल के पास स्थित EHCC हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. रतन सिंह को आशंका है कि उनके बेटे को जहर देकर मारा गया. हालांकि, मौत के कारणों और हत्या के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
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शादी के बाद से चल रहा था विवाद
रतन सिंह की शिकायत के मुताबिक, राजेंद्र प्रताप सिंह की शादी 11 मई 2005 को नीतू सिंह से हुई थी. दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. राजेंद्र ने पारिवारिक न्यायालय में तलाक का मामला भी दायर किया था. शिकायत में दावा किया गया है कि नीतू और सौरव करीब 6-7 साल तक अलग रहने के बाद मई 2026 से राजेंद्र के साथ रहने लगे थे. इसके बाद घर और पैसों को लेकर विवाद बढ़ने लगा.
4 सितंबर को जान से मारने की धमकी देने का आरोप
पूर्व सांसद ने FIR में आरोप लगाया है कि 4 सितंबर को नीतू और सौरव ने मकान और पैसों को लेकर राजेंद्र के साथ विवाद किया था. इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी. रतन सिंह के अनुसार, राजेंद्र ने परिवार के अन्य सदस्यों को भी अपने साथ हो रहे विवाद और धमकियों के बारे में बताया था. उन्होंने नीतू के पिता और भाइयों पर भी फोन के जरिए धमकी देने का आरोप लगाया है. रतन सिंह का दावा है कि बेटे की नौकरी और संपत्ति हासिल करने के उद्देश्य से हत्या की साजिश रची गई. ये आरोप फिलहाल शिकायत का हिस्सा हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
CCTV कैमरे तोड़ने और सबूत मिटाने का आरोप
रतन सिंह ने घर में लगे CCTV कैमरों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत के मुताबिक, 4 और 5 सितंबर को घर के CCTV कैमरे तोड़ दिए गए थे. पूर्व सांसद को आशंका है कि ऐसा वारदात से जुड़े साक्ष्य मिटाने के लिए किया गया. उन्होंने घर के DVR में महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद होने की बात भी कही है. पुलिस की जांच में CCTV फुटेज और DVR की भूमिका अहम हो सकती है.
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बहू के पिता ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
दूसरी तरफ, नीतू सिंह के पिता विमल ने पूर्व सांसद के आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि राजेंद्र के परिजन संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से झूठा मुकदमा दर्ज करवा रहे हैं. विमल ने दावा किया कि उनके पास अपने पक्ष में कई सबूत और वीडियो फुटेज मौजूद हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी को घर से बाहर निकाल दिया गया है.
पुलिस ने परिजनों और पड़ोसियों से की पूछताछ
जवाहर सर्किल थानाधिकारी महेश चंद्र के अनुसार, रतन सिंह की शिकायत के आधार पर परिजनों, पड़ोसियों और ससुराल पक्ष के लोगों से पूछताछ की गई है. फिलहाल, मामले में पूर्व सांसद ने बेटे की मौत को लेकर हत्या की आशंका जताई है, जबकि बहू के पिता ने आरोपों को निराधार बताया है. अब पुलिस जांच में मौत के कारणों, पारिवारिक विवाद, कथित धमकियों और CCTV से जुड़े आरोपों की पड़ताल अहम होगी.
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद ही खुलासा
थानाधिकारी महेशचंद का कहना है कि इस मामले में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट अहम है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं मिली है. मेडिकल रिपोर्ट का भी अध्ययन किया जाएगा. अभी पेथोलॉजी और एफएसएल की रिपोर्ट बकाया है. उनके आने के बाद ही मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी.