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Ajmer News: अजमेर जिले के नसीराबाद कस्बे में ट्रांसपोर्ट कारोबारी के घर करीब 3 करोड़ रुपये के जेवरात लूटने के मामले में पुलिस ने 12 घंटे से भी कम समय में वारदात का खुलासा कर दिया. भारत सरकार के फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर घर में घुसे छह आरोपियों को पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से पकड़ लिया. आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए भारत सरकार लिखी काले रंग की स्कॉर्पियो का इस्तेमाल किया था. पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से दो पहले कारोबारी के घर पर काम कर चुके थे और उन्हें परिवार व घर के बारे में जानकारी थी.
तकनीकी सहायता और CCTV फुटेज से मिली मदद
पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि वारदात सामने आने के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गई थीं. पुलिस ने तकनीकी सहायता लेने के साथ घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के CCTV फुटेज खंगाले. जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर सभी छह आरोपियों को दस्तयाब कर लिया.
पुलिस ने आरोपियों को जिले से बाहर भागने से रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में हाई अलर्ट भी जारी किया था. इसी सतर्कता के चलते पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली.
भारत सरकार के फर्जी अधिकारी बनकर पहुंचे थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक, लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने खुद को भारत सरकार का इनकम टैक्स अधिकारी बताया था. इसके लिए उन्होंने भारत सरकार लिखी काले रंग की स्कॉर्पियो का इस्तेमाल किया, ताकि उनकी पहचान पर किसी को शक न हो. इसी तरीके से उन्होंने ट्रांसपोर्ट कारोबारी के घर से करीब 3 करोड़ रुपये के जेवरात लूट लिए.
पांच साल तक घर में काम कर चुका था मुख्य आरोपी
पुलिस के अनुसार, वारदात की योजना देवेंद्र ने बनाई थी. उसने करीब पांच साल तक कारोबारी के घर काम किया था. इस वजह से उसे घर के अलग-अलग हिस्सों और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी थी. वहीं, संजय रावत भी कारोबारी परिवार से व्यावसायिक रूप से जुड़ा हुआ था.
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने करीब एक महीने पहले से ही लूट की योजना बनानी शुरू कर दी थी. इसके बाद वारदात को अंजाम देने के लिए दिन तय किया गया. पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है.
छह आरोपियों की पहचान सामने आई
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में अजमेर के माखुपुरा निवासी देवेंद्र, सेंदरिया निवासी संजय रावत, ढोलाभाटा निवासी रविकांत, उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का निवासी अमित, नागौर जिले के थांवला गांव का तारु सिंह और माखुपुरा निवासी देवा उर्फ देवेंद्र रावत शामिल हैं.
पुलिस ने एक आरोपी की पहचान सार्वजनिक की है, जबकि अन्य पांच आरोपियों की पहचान फिलहाल पर्दे में रखी गई है. मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि लूट की पूरी योजना और वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा सके.