Bharatpur Mayor Election: भरतपुर में BJP का निर्विरोध मेयर बनना तय! निर्दलीय विचित्रा सिंह आज लेंगी नाम वापस
भरतपुर मेयर चुनाव में भाजपा की अनुराधा सिंह का निर्विरोध चुना जाना संभव है. निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह आज सुबह 11 बजे के बाद नामांकन वापस ले सकती हैं. नाम वापसी को लेकर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने उनके पति शिव सिंह भोंट से बातचीत की है. हालांकि, नामांकन वापसी की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है.
Bharatpur Mayor Election: भरतपुर नगर निकाय चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. भाजपा की अनुराधा सिंह का मेयर बनना तय माना जा रहा है. निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह आज अपना नामांकन वापस ले सकती हैं. नाम वापसी के बाद भाजपा प्रत्याशी के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो जाएगा.
नाम वापसी के लिए बातचीत
जानकारी के अनुसार, निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह के नामांकन वापस लेने को लेकर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने पहल की है. बेढम विचित्रा सिंह के पति शिव सिंह भोंट को मनाने के लिए सिद्धेश रिसॉर्ट पहुंचे. दोनों के बीच बातचीत के बाद नाम वापसी को लेकर सहमति बनने की बात सामने आई है.
11 बजे के बाद नाम वापसी की चर्चा
भाजपा सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, विचित्रा सिंह आज सुबह 11 बजे के बाद अपना नामांकन वापस ले सकती हैं. बताया जा रहा है कि शिव सिंह भोंट ने मुख्यमंत्री से भी बातचीत की है. हालांकि, नाम वापसी की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.
रिश्तेदारी के कारण भी चर्चा में चुनाव
भरतपुर मेयर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अनुराधा सिंह और निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह के बीच रिश्तेदारी भी चर्चा में है. दोनों एक-दूसरे की समधन हैं. यदि विचित्रा सिंह नामांकन वापस लेती हैं, तो अनुराधा सिंह के निर्विरोध मेयर चुने जाने की स्थिति बन सकती है.
कौन हैं भाजपा प्रत्याशी अनुराधा सिंह?
भरतपुर नगर निगम के मेयर चुनाव को लेकर भाजपा ने अनुराधा सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है. अनुराधा सिंह पूर्व पार्षद और पूर्व भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष हजारी सिंह की पत्नी हैं. वह पहले भी दो बार पार्षद रह चुकी हैं. इस बार भाजपा ने उन्हें वार्ड नंबर 61 से पार्षद का चुनाव लड़ाया था. अनुराधा सिंह को 673 वोट मिले, जबकि दूसरे स्थान पर रहीं अनीता सिंह को 632 वोट मिले. अनुराधा सिंह ने 41 वोटों से जीत दर्ज की. इस वार्ड से कुल चार प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे.
मेयर पद के लिए भाजपा ने बनाया प्रत्याशी
भरतपुर नगर निगम के मेयर पद के लिए सामान्य महिला की लॉटरी निकली थी. इसके बाद कई सामान्य वर्ग की महिला पार्षदों को मेयर पद का दावेदार माना जा रहा था. हालांकि भाजपा ने सामान्य महिला के बजाय ओबीसी वर्ग से आने वाली अनुराधा सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया. अनुराधा सिंह ने 15 सितंबर को भाजपा की ओर से मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल किया. भाजपा की ओर से उनके अलावा किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया.
करीब 1.75 करोड़ रुपये की संपत्ति
चुनावी जानकारी के मुताबिक अनुराधा सिंह के पास करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये की संपत्ति है. वह वर्ष 2014 और 2019 में वार्ड नंबर 62 से पार्षद रह चुकी हैं. उनके पति हजारी सिंह भाजपा में जिला उपाध्यक्ष और युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं. हजारी सिंह का मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी लंबे समय से राजनीतिक जुड़ाव बताया जाता है.
कांग्रेस समर्थित निर्दलीय विचित्रा सिंह भी मैदान में
मेयर चुनाव में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह भी महत्वपूर्ण दावेदार हैं. उन्होंने वार्ड नंबर 17 से पार्षद का चुनाव जीता है. विचित्रा सिंह पूर्व मेयर शिव सिंह भोंट की पत्नी हैं और पहली बार पार्षद बनी हैं. उन्होंने मेयर पद के लिए दो नामांकन दाखिल किए हैं. फिलहाल वह कांग्रेस समर्थित पार्षदों की बाड़ेबंदी में शामिल हैं. चुनावी हलफनामे के मुताबिक विचित्रा सिंह के पास करीब 95 करोड़ रुपये की संपत्ति बताई गई है.
क्रॉस वोटिंग की चर्चा
भरतपुर मेयर चुनाव में क्रॉस वोटिंग की संभावना को लेकर भी चर्चा तेज है. सामान्य महिला के लिए आरक्षित मेयर पद पर भाजपा ने ओबीसी वर्ग की अनुराधा सिंह को प्रत्याशी बनाया है. पार्टी की ओर से उन्हें मैदान में उतारे जाने को जाट वोट बैंक की राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है. वहीं, नगर निगम चुनाव में कई सामान्य वर्ग की महिला पार्षद भी चुनाव मैदान में थीं और मेयर पद की दौड़ में खुद को दावेदार मान रही थीं. इनमें से कुछ चुनाव जीतने में सफल रहीं, लेकिन भाजपा ने मेयर पद के लिए उनका नाम आगे नहीं बढ़ाया.
ऐसे में भाजपा के भीतर मेयर पद के दावेदारों को लेकर असंतोष और पार्षदों के रुख पर नजर बनी हुई है. चुनाव में पार्टी के पार्षदों के अलावा अन्य पार्षदों के समर्थन की भी अहम भूमिका होगी. इसी वजह से मेयर चुनाव से पहले क्रॉस वोटिंग को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं.