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बारां के छबड़ा में डीएपी खाद को लेकर गुरुवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. अलसुबह से ही खाद की दुकानों के आगे किसानों की लंबी कतारें लग गईं. भूखे-प्यासे किसान खाद की उम्मीद में खेल मैदान में डटे रहे, लेकिन सुबह से खाद वितरण के लिए कृषि विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा.
कृषि मंत्री मुर्दाबाद के लगाए नारे
इससे आक्रोशित किसान सड़क पर आ गए और छबड़ा के मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया. किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कृषि मंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाए. जाम लगने से मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.
सूचना मिलने पर किसान नेता नरेश मीणा भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने पेड़ पर चढ़कर किसानों को संबोधित किया। मीणा ने अधिकारियों को एक घंटे के भीतर मौके पर पहुंचकर किसानों की समस्या का समाधान करने की मांग की. न्होंने कहा कि जब तक खाद का वितरण शुरू नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा.
इसके बाद मीणा के नेतृत्व में किसान उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए. सानों का कहना है कि रबी की बुवाई का समय निकल रहा है, लेकिन उन्हें डीएपी नहीं मिल रहा है.
किसानों और सिक्योरिटी गार्डों के बीच विवाद
शहर की कृषि उपज मंडी में बुधवार रात किसानों और सिक्योरिटी गार्डों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. डी के पीछे वाले गेट पर ट्रैक्टरों की एंट्री को लेकर हुई मामूली कहासुनी के बाद गार्डों ने किसानों पर लाठियों से हमला कर दिया.
मंडी में किसानों से मारपीट, तीन घायल
जानकारी के अनुसार, विवाद के दौरान गार्डों ने किसानों के साथ मारपीट की, जिसमें तीन किसान घायल हो गए. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में गार्ड लाठियां चलाते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं.
मंडी में किसानों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मंडी में किसानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. अपनी उपज लेकर मंडी आने वाले किसानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है, इसको लेकर किसानों में भारी रोष है. किसान दोषी गार्डों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. इधर, मंडी सचिव का कहना है कि मामले की जानकारी ली जा रही है. जांच के बाद दोषी गार्डों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
छबड़ा में डीएपी खाद के लिए लगी लंबी कतारें
छबड़ा क्षेत्र में रबी फसलों की बुवाई का समय नजदीक आते ही छबड़ा क्षेत्र में डीएपी खाद को लेकर किसानों में हलचल बढ़ गई है. गुरुवार को अलसुबह से ही कस्बे की खाद दुकानों के आगे किसानों की लंबी कतारें लग गईं. समय पर खाद मिलने की उम्मीद में किसान सुबह से ही लाइन में खड़े नजर आए.
तीन कट्टे खाद के लिए सुबह से इंतजार
तीन कट्टे खाद के लिए सुबह से ही दुकानों के आगे महिला, पुरुष और बुजुर्ग सभी कतार में लगे रहे. कई बुजुर्ग तो थक-हार कर जमीन पर ही बैठ गए. किसानों का कहना है कि बुवाई का समय सिर पर है, इसलिए खाद के लिए सुबह से ही आना पड़ रहा है.
कृषि विभाग की ओर से डीएपी खाद वितरण की व्यवस्था निर्धारित कर दी गई है. सहायक कृषि निदेशक सुरेश मालव ने बताया कि किसानों को राहत देने के उद्देश्य से प्रत्येक किसान को डीएपी खाद के तीन कट्टे वितरित किए जाएंगे. इसके तहत कुल 2960 कट्टे डीएपी खाद का वितरण किया जाएगा.
सात दुकानों से होगा खाद का वितरण
विभाग की ओर से जारी सूची में सात दुकानों की फर्मों को खाद वितरण के लिए निर्धारित किया गया है. इन्हीं दुकानों से किसानों को खाद उपलब्ध कराया जाएगा. खाद प्राप्त करने के लिए किसानों को अपनी जमीन की नकल और आधार कार्ड प्रस्तुत करना होगा. दस्तावेजों की जांच के बाद ही निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, खाद दिया जाएगा. विभाग का प्रयास है कि वितरण व्यवस्थित रहे और किसानों को खाद लेने में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
Report-Ram Mehta