3 महीने से नहीं मिली वृद्धावस्था पेंशन: दिव्यांग बुजुर्ग 7 घंटे ट्राई साइकिल चलाकर पहुंचा कलेक्ट्रेट, दफ्तर बंद मिला तो छलके आंसू
Baran News: बारां में 78 वर्षीय दिव्यांग लाइक मोहम्मद पिछले तीन महीने से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने के कारण परेशान हैं. पेंशन के लिए वह बैंक और सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं. शनिवार को वह 2 बजे ट्राई साइकिल से करीब 7 घंटे का सफर तय करके कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन कार्यालय बंद मिला.
Baran News: राजस्थान के बारां जिले में श्रमिक कॉलोनी निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग लाइक मोहम्मद पिछले तीन महीने से अपनी वृद्धावस्था पेंशन के लिए दर-दर भटक रहे हैं. अपंगता से पीड़ित होने के कारण इनका शरीर पूरी तरह से लाचार है और जिंदा रहने के लिए एकमात्र सहारा यही पेंशन है. पेंशन नहीं मिलने से कई-कई दिन भूखा रहना पड़ रहा है.
तीन महीने से काट रहे सरकारी कार्यालयों के चक्कर
78 वर्षीय बुजुर्ग ने बताया कि आज सुबह 2 बजे वह ट्राई साइकिल से घर से कलेक्ट्रेट के लिए निकले. 7 घंटे का सफर तय कर वह कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन शनिवार होने के कारण कलेक्ट्रेट बंद मिला. सुनवाई नहीं होने पर बुजुर्ग की आंखों से आंसू निकल आए.
घर से आने में रास्ते में आरओबी पुलिया चढ़ने के लिए लाइक मोहम्मद मददगारों का इंतजार करते रहते हैं. कोई मदद करता है तब जाकर पुलिया पार करते हैं और कलेक्ट्रेट पहुंच पाते हैं. तीन महीने से लाइक मोहम्मद बैंक और सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं.
7 घंटे का सफर तय कर पहुंचते हैं कलेक्ट्रेट
घर से कलेक्ट्रेट तक ट्राई साइकिल से आने-जाने में ही 7-7 घंटे लग जाते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं. 78 साल की उम्र में बीमार शरीर के साथ रोजाना कार्यालयों के चक्कर काटना इस बुजुर्ग के लिए किसी सजा से कम नहीं है. अब सवाल यह है कि प्रशासन कब इस लाचार बुजुर्ग की सुध लेगा और कब तक उसे अपनी दो वक्त की रोटी के लिए यूं ही भटकना पड़ेगा.
पढ़ें बारां की एक और बड़ी खबर
बारां जिले के अंता थाना क्षेत्र के ग्राम अमलसरा में शराब के नशे में गाली-गलौज का विरोध करना एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया. आरोपी ने घर जाकर कुल्हाड़ी लाकर व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें पीड़ित के हाथ में गंभीर चोट आई है. पीड़ित ननरेश कुमार राठौर निवासी अमलसरा ने पुलिस थाना अंता में रिपोर्ट दर्ज करवाई है.
रिपोर्ट में बताया कि गांव का त्रिलोक बैरागी शराब पीकर दुकान पर गाली-गलौज कर रहा था. जब नरेश कुमार ने उसे गाली-गलौज करने से मना किया तो इस बात से नाराज होकर आरोपी त्रिलोक बैरागी अपने घर गया और कुल्हाड़ी लेकर वापस आया. इसके बाद आरोपी ने नरेश कुमार के हाथ पर वार कर दिया, जिससे उसके हाथ में गंभीर चोट आ गई. पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.