भाषा चुनें
  • Hindi
  • English
  • Marathi
  • Bengali
  • Tamil
  • Malayalam
  • Gujarati
  • Telugu
  • Kannada
  • Odisha
  • Z Bharat
  • ZEE PHH
  • ZEE Business
  • WION
राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • मध्य प्रदेश
  • छत्‍तीसगढ़
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार
  • झारखण्ड
  • राजस्‍थान
  • हिमाचल प्रदेश
  • हिन्दीEnglishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡଓଡ଼ିଶାZ BharatPHHBusinessWION
  • facebookyoutubetwitterlinkedinwhatsapp
Zee News Hindi
App
Zee News Hindi
  • News
  • वीडियो
  • फोटोज़
  • रील्स
  • लाइव ब्लॉग
  • राज्य चुनें

Add Zee Business As A Preferred Source
App
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • LIVE टीवी
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • ज़ी न्यूज़ हिंदी
  • /राजस्थान
  • /3 महीने से नहीं मिली वृद्धावस्था पेंशन: दिव्यांग बुजुर्ग 7 घंटे ट्राई साइकिल चलाकर पहुंचा कलेक्ट्रेट, दफ्तर बंद मिला तो छलके आंसू

3 महीने से नहीं मिली वृद्धावस्था पेंशन: दिव्यांग बुजुर्ग 7 घंटे ट्राई साइकिल चलाकर पहुंचा कलेक्ट्रेट, दफ्तर बंद मिला तो छलके आंसू

Baran News: बारां में 78 वर्षीय दिव्यांग लाइक मोहम्मद पिछले तीन महीने से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने के कारण परेशान हैं. पेंशन के लिए वह बैंक और सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं. शनिवार को वह 2 बजे ट्राई साइकिल से करीब 7 घंटे का सफर तय करके कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन कार्यालय बंद मिला.

Written ByAman Singh
Published: Oct 03, 2026, 06:44 PM IST|Updated: Oct 03, 2026, 07:10 PM IST
joinshare
3 महीने से नहीं मिली वृद्धावस्था पेंशन: दिव्यांग बुजुर्ग 7 घंटे ट्राई साइकिल चलाकर पहुंचा कलेक्ट्रेट, दफ्तर बंद मिला तो छलके आंसू
Image Credit: Zee Media

About the Author

Aman Singh

Aman Singh

जून 2023 से ज़ी राजस्थान के साथ कार्यरत अमन लगातार अपनी क्रिएटिविटी और प्रोफेशनल स्किल्स के जरिए पाठकों तक तेज, सटीक और भरोसेमंद खबरें पहुंचा रहे हैं. वे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं, अमन ने जौनपुर से ही अपनी इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. डिजिटल पत्रकारिता में गहरी समझ, तेज खबर पकड़ने की क्षमता के कारण अमन सिंह एक उभरते हुए और भरोसेमंद मीडिया प्रोफेशनल के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं.
Read More

ट्रेंडिंग

  • न्यूज़
  • फोटो
  • वीडियो
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का बिहार पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश के आसार, 29 को पूरे राज्य में 'ऑरेंज अलर्ट'

चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का बिहार पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश के आसार, 29 को पूरे राज्य में 'ऑरेंज अलर्ट'

2

PM मोदी के पिता पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: गजेंद्र सिंह शेखावत और अतुल भंसाली ने कांग्रेस को घेरा

3

SBI-PNB-HDFC में 16 दिन नहीं होगा काम! चेक करें नवंबर में कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

4

एटम बम का घमंड धड़ाम: भारत की परमाणु पावर से 'जिन्नालैंड' में हड़कंप; बिलबिला उठे सियासतदान

5

BJP vs Congress: 1 नवंबर को कांग्रेस की रैली के जवाब में बीजेपी करेगी पदयात्रा

logo
  • contact us
  • privacy policy
  • legal
  • investor info
  • advertise with us
© 1998-2026 Indiadotcom Digital Private Limited, All Rights Reserved.

Baran News: राजस्थान के बारां जिले में श्रमिक कॉलोनी निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग लाइक मोहम्मद पिछले तीन महीने से अपनी वृद्धावस्था पेंशन के लिए दर-दर भटक रहे हैं. अपंगता से पीड़ित होने के कारण इनका शरीर पूरी तरह से लाचार है और जिंदा रहने के लिए एकमात्र सहारा यही पेंशन है. पेंशन नहीं मिलने से कई-कई दिन भूखा रहना पड़ रहा है.

तीन महीने से काट रहे सरकारी कार्यालयों के चक्कर

78 वर्षीय बुजुर्ग ने बताया कि आज सुबह 2 बजे वह ट्राई साइकिल से घर से कलेक्ट्रेट के लिए निकले. 7 घंटे का सफर तय कर वह कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन शनिवार होने के कारण कलेक्ट्रेट बंद मिला. सुनवाई नहीं होने पर बुजुर्ग की आंखों से आंसू निकल आए.

घर से आने में रास्ते में आरओबी पुलिया चढ़ने के लिए लाइक मोहम्मद मददगारों का इंतजार करते रहते हैं. कोई मदद करता है तब जाकर पुलिया पार करते हैं और कलेक्ट्रेट पहुंच पाते हैं. तीन महीने से लाइक मोहम्मद बैंक और सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं.

7 घंटे का सफर तय कर पहुंचते हैं कलेक्ट्रेट

घर से कलेक्ट्रेट तक ट्राई साइकिल से आने-जाने में ही 7-7 घंटे लग जाते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं. 78 साल की उम्र में बीमार शरीर के साथ रोजाना कार्यालयों के चक्कर काटना इस बुजुर्ग के लिए किसी सजा से कम नहीं है. अब सवाल यह है कि प्रशासन कब इस लाचार बुजुर्ग की सुध लेगा और कब तक उसे अपनी दो वक्त की रोटी के लिए यूं ही भटकना पड़ेगा.

पढ़ें बारां की एक और बड़ी खबर

बारां जिले के अंता थाना क्षेत्र के ग्राम अमलसरा में शराब के नशे में गाली-गलौज का विरोध करना एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया. आरोपी ने घर जाकर कुल्हाड़ी लाकर व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें पीड़ित के हाथ में गंभीर चोट आई है. पीड़ित ननरेश कुमार राठौर निवासी अमलसरा ने पुलिस थाना अंता में रिपोर्ट दर्ज करवाई है.

रिपोर्ट में बताया कि गांव का त्रिलोक बैरागी शराब पीकर दुकान पर गाली-गलौज कर रहा था. जब नरेश कुमार ने उसे गाली-गलौज करने से मना किया तो इस बात से नाराज होकर आरोपी त्रिलोक बैरागी अपने घर गया और कुल्हाड़ी लेकर वापस आया. इसके बाद आरोपी ने नरेश कुमार के हाथ पर वार कर दिया, जिससे उसके हाथ में गंभीर चोट आ गई. पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:
Baran News