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Baran News: राजस्थान के बारां शहर के झालावाड़ रोड स्थित तेजाजी चबूतरा, तेल फैक्ट्री क्षेत्र में एक ही परिवार की दो मासूम बच्चियों की 5 दिन में मौत से हड़कंप मच गया है. पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल है.
मृतक बच्चियों के पिता धनराज सुमन ने बताया कि उनके चार बच्चे हैं. सबसे बड़ा बेटा शुभम 19 वर्ष, उससे छोटी बेटी 16 वर्ष, तीसरी 12 वर्षीय इशिका जो कक्षा 6 में पढ़ती थी और सबसे छोटी साढ़े 3 साल की अदिति.
बड़ी बेटी इशिका को 25 अगस्त को बुखार आया. 26 और 27 अगस्त को बारां में इलाज कराया. तबीयत में सुधार नहीं होने पर 28 अगस्त को कोटा के जेके लोन अस्पताल में भर्ती कराया. परिजनों का आरोप है कि वहां ध्यान नहीं दिया गया. इसके बाद उसे निजी मैत्री अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 2 सितंबर को उसकी मौत हो गई.
डेंगू, मलेरिया, स्वाइन फ्लू और कोविड सब की नेगेटिव रिपोर्ट
इशिका की मौत के बाद छोटी बहन अदिति को भी बुखार आ गया. पिछले सोमवार को उसे भी कोटा के मैत्री अस्पताल में भर्ती कराया. वह 8 दिन से वेंटिलेटर पर थी. परिजनों के मुताबिक, डेंगू, मलेरिया, स्वाइन फ्लू और कोविड की सभी जांचें नेगेटिवआईं. रविवार को अस्पताल ने कहा हालत गंभीर है, 60 हजार रुपये रोज का खर्च आएगा.
धनराज के पास पैसे नहीं थे. सोमवार को गंभीर हालत में उसे जयपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. चिकित्सकों ने दोनों को सीवियर निमोनिया बताया है.
पिता हैं मजदूर
धनराज बिजली विभाग में ठेकेदार के यहां मजदूरी करते हैं. उन्होंने जेके लोन अस्पताल पर लापरवाही और निजी अस्पताल पर पैसों के अभाव में इलाज न करने का आरोप लगाया है. दोस्तों से उधार लेकर इलाज में साढ़े 3 लाख खर्च हो गए.
इधर, सीएमएचओ डॉ. जगदीश कुशवाह ने कहा कि कोटा अस्पताल से रिपोर्ट मंगवाई जा रही है. वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि तेल फैक्ट्री क्षेत्र में खाली प्लॉटों में बरसाती पानी भरा है, मच्छर पनप रहे हैं और नगर परिषद ने अब तक फॉगिंग भी नहीं कराई. मोहल्ले में कई अन्य लोग भी बुखार से पीड़ित हैं.
स्वाइन फ्लू का खतरा
इन दिनों भारत के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ रहा है. स्वाइन फ्लू (Swine Flu) इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) नामक वायरस की वजह होने वाली एक संक्रामक सांस की बीमारी है. जब संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता और बात करता है, तो हवा में फैली बूंदों के जरिए यह वायरस दूसरे में फैलता है.
इसके साथ ही संक्रमित व्यक्ति द्वारा छुई गई सतह (जैसे दरवाजे का हैंडल, टेबल या मोबाइल) को छूने और फिर उसी हाथ से अपनी नाक, मुंह या आंखों को छूने से संक्रमण फैलता है.
Report- Ram Mehta