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फेसबुक पर लड़की बनकर करते थे दोस्ती: फिर अश्लील वीडियो से ब्लैकमेलिंग! अलवर में हजारों बांग्लादेशियों से 1 करोड़ से ज्यादा की ठगी

अलवर में सेक्सटॉर्शन गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत 4 गिरफ्तार किए गए. पुलिस के मुताबिक, आरोपी अश्लील वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर बांग्लादेश के करीब 1,000 नागरिकों को ब्लैकमेल कर चुके हैं. अब तक 1 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का खुलासा हुआ है.

Written By SAGAR CHAUDHARY
Published: Oct 21, 2026, 10:51 PM IST | Updated: Oct 21, 2026, 10:56 PM IST
Image Credit: Alwar Sextortion Gang Busted (Zee Media)
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अलवर में साइबर संग्राम अभियान के तहत अलवर जिले की धौलागढ़ थाना पुलिस, साइबर क्राइम टीम और क्यूआरटी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सेक्सटॉर्शन के जरिए बांग्लादेशी नागरिकों को ब्लैकमेल कर साइबर ठगी करने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह वर्ष 2024 से सक्रिय था और अब तक बांग्लादेश के करीब 1000 नागरिकों को अश्लील वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग के जरिए ब्लैकमेल कर एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की जा चुकी है.

गिरोह में करीब 20 सदस्य
पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सरगना शालीम खान व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से करीब 20 सदस्यों के नेटवर्क का संचालन करता था. गिरोह के सदस्य फेसबुक पर लड़कियों के नाम से फर्जी आईडी बनाकर बांग्लादेशी नागरिकों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते थे. दोस्ती होने के बाद वीडियो कॉल के दौरान अश्लील वीडियो तैयार कर उसकी रिकॉर्डिंग की जाती थी. इसके बाद वीडियो को एडिट कर संबंधित व्यक्ति को भेजा जाता और फेसबुक, यूट्यूब सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे जाते थे. बदनामी के डर से कई पीड़ित आरोपियों को रकम देने के लिए मजबूर हो जाते थे.

बांग्लादेश के 'बिकाश' ऐप से लेते थे रकम
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह बांग्लादेश में इस्तेमाल होने वाले 'बिकाश' डिजिटल भुगतान ऐप के जरिए रकम प्राप्त करता था. इसके बाद बांग्लादेश में मौजूद कथित सहयोगियों की मदद से राशि बैंक खातों और अन्य माध्यमों से आगे भेजी जाती थी. ठगी की रकम निकालने और आरोपियों तक पहुंचाने के लिए नकदी सहित विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि लेनदेन का पता लगाना मुश्किल हो. जांच में भारत और बांग्लादेश के बैंक खातों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है.

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टीम में कौन-कौन शामिल?
पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार और डॉ. प्रियंका रघुवंशी के मार्गदर्शन तथा साइबर क्राइम डीएसपी वीरेंद्र सिंह भाटी के सुपरविजन में विशेष टीम गठित की गई थी. मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उकसी गांव के बांध की पाल पर दबिश दी. यहां से शालीम खान, दीनू खान, राहुल खान और निजामुद्दीन को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार, आरोपी गोठड़ा उपला और गोठड़ा निचला क्षेत्र के निवासी हैं.

कार्रवाई में क्या हुआ बरामद?
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड और दो एयरटेल सिम कार्ड बरामद किए हैं. मामले में धौलागढ़ थाने में एफआईआर संख्या 221/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D व 66E में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की रही तलाश
पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और बांग्लादेश में सक्रिय कथित सहयोगियों की तलाश कर रही है. साथ ही ठगी की कुल रकम, पीड़ितों की वास्तविक संख्या और वसूली गई राशि को विभिन्न बैंक खातों व अन्य माध्यमों से निकालने के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है. पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर साइबर ठगी से जुड़े अन्य संपर्कों और वित्तीय लेनदेन का भी खुलासा हो सकता है.

Reporter - Jugal Gandhi

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About the Author

सागर चौधरी, अप्रैल 2024 से वे ज़ी न्यूज़ संस्थान का हिस्सा हैं और अपनी मेहनत व काम करने की क्षमता से लगातार टीम में योगदान दे रहे हैं.सागर चौधरी का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद से है, जहां उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की और मीडिया क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की.
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