गेमिंग साइट का पैनल खरीदकर खिला रहे थे सट्टा, 50 से ज्यादा बैंक खाते मिले, 35 से ज्यादा UPI ID ब्लॉक
जयपुर के करणी विहार थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में चल रहे सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में 50 से ज्यादा बैंक खाते, 35 से अधिक UPI ID और करोड़ों का संदिग्ध लेन-देन सामने आया.
जयपुर में ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर सट्टेबाजी का खेल चलाने वाले नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है. शहर के करणी विहार थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस मुख्यालय के म्यूल हंटर अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का पता चला है. जांच में आरोपियों से जुड़े 50 से ज्यादा बैंक खाते और 35 से अधिक UPI ID सामने आई हैं. पुलिस ने इन खातों और UPI ID को ब्लॉक करवाया है.
गेमिंग साइट का पैनल खरीदकर चला रहे थे सट्टा
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़ी वेबसाइटों के पैनल खरीदकर उनका संचालन कर रहे थे. आरोपियों के पास एक मास्टर आईडी भी मिली है. इसी के जरिए सट्टेबाजी का नेटवर्क चलाया जा रहा था. ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को सट्टा खिलवाया जाता था. इस खेल में लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था.
50 से ज्यादा बैंक खाते और 35 UPI ID मिलीं
पुलिस जांच में सट्टेबाजी के नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन की कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. आरोपियों से जुड़े 50 से ज्यादा बैंक खातों और 35 से अधिक UPI ID का पता चला है. इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ. पुलिस ने संबंधित बैंक खातों और UPI ID को ब्लॉक करवाया है. इसके साथ ही बैंक खातों में मौजूद करीब 5 लाख रुपये फ्रीज करवाए गए हैं.
3,200 USDT क्रिप्टोकरेंसी भी ब्लॉक
पुलिस के अनुसार, आरोपी सट्टेबाजी से मिलने वाली रकम के लेन-देन के लिए बैंक खातों और UPI ID का इस्तेमाल कर रहे थे. इसके अलावा USDT क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट के जरिए भी डिजिटल करेंसी में लेन-देन किया जा रहा था. पुलिस ने करीब 3,200 USDT क्रिप्टोकरेंसी ब्लॉक करवाई है. इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 3 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है.
19 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है. अब इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ मास्टर आईडी, बैंक खातों, UPI ID और क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है. पुलिस को उम्मीद है कि इस जांच से नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका भी सामने आएगी.
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश
जयपुर शहर पश्चिम पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को गेमिंग साइट के पैनल किसने उपलब्ध करवाए और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन में कौन-कौन शामिल है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है. साइबर सेल की आईपीएस अदिति उपाध्याय की टीम और तकनीकी शाखा के प्रयासों से इस नेटवर्क का खुलासा हुआ. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.