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पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर में अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासन को आक्रोशित ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. जेसीबी लेकर पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम ने बुलडोजर चलाकर सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई सख्ती से शुरू कर दी है, क्योंकि नोटिस तामिला करवाकर ऑपरेशन बुलडोजर को अंजाम दिया जा रहा है.
दरअसल, सरकारी जमीन पर वर्षों से बसे दर्जनों परिवारों को प्रशासन ने पहले ही नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का निर्देश दे दिया था, बावजूद इसके कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता इसे बेवजह तूल देकर मुद्दा बनाने में जुटे हैं. हालांकि, रामनगर के ईओ मुकेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण खाली करने वालों को अन्यत्र शिफ्ट करने की कवायद तेज है, लोग धैर्य रखें.
बताया जा रहा है कि रामनगर के त्रिवेणी चौक से सबुनी रोड में त्रिवेणी नहर की जमीन पर अतिक्रमण कर कई लोग वर्षों से घर बनाकर रह रहे हैं. लिहाजा, प्रशासन की टीम अतिक्रमण मुक्त कराने पुलिस बल के साथ पहुंची थी, लेकिन लोगों ने जमकर विरोध किया. अतिक्रमण कर घर बनाने वाले दीपावली और छठ पर्व तक अतिक्रमण नहीं हटाने की मांग पर अड़े हैं.
इधर, सूचना पाकर मौके पर पहुंची बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी ने लोगों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराने के बाद पुनः अतिक्रमण हटाने का कार्य तेज करवाया है.
ईओ मुकेश कुमार ने कहा कि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. वहीं, लोगों को ऑपरेशन बुलडोजर में ढहे और ध्वस्त कच्चे-पक्के मकान मालिकों को अन्यत्र बसाने का ईओ ने भरोसा दिया है.
बता दें कि रामनगर के ईओ मुकेश कुमार, सीओ वेदप्रकाश के साथ तालमेल कर सरकारी खाली जमीन पर भूमिहीन अतिक्रमणकारियों की पहचान कर उन्हें बासगीत अभियान बसेरा के तहत पुनः दूसरी जगह बसाने का भरोसा दिलाया है, जबकि कुछ राजनीतिक दल के कार्यकर्ता अतिक्रमण मामले में राजनीतिक रोटियां सेंकने में जुटे हैं, जिसके कारण प्रशासन को थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
रिपोर्ट: इमरान अजीज