अजमेर कांग्रेस के रथ पर सवार हुए 5 निर्दलीय: पार्टी ने 42 पार्षदों के समर्थन से बोर्ड बनाने का दावा
Rajasthan Nikay Chunav: अजमेर नगर निगम चुनाव के बाद मेयर और बोर्ड गठन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच बहुमत का दावा तेज हो गया है. कांग्रेस ने 37 पार्षदों के साथ पांच निर्दलीयों के समर्थन का दावा किया है. कांग्रेस पार्षदों ने शपथ ली, जबकि निर्दलीय घनश्याम वर्मा ने भी शपथ ग्रहण की. कैलाश कोमल समेत तीन अन्य निर्दलीयों ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया है.
Rajasthan Politics: नगर निगम चुनाव अजमेर के नतीजे सामने आने के बाद अब मेयर और निगम बोर्ड के गठन को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. अजमेर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने पक्ष में बहुमत होने का दावा कर रहे हैं. इसी बीच कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों ने शपथ ली. संगठन के पदाधिकारियों ने कांग्रेस पार्षदों को शपथ दिलाई और निर्वाचन अधिकारी से प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया.
कांग्रेस ने 37 पार्षदों के साथ 5 निर्दलीयों का किया दावा
अजमेर कांग्रेस की ओर से 37 पार्षदों की टीम के साथ पांच निर्दलीय प्रत्याशियों के समर्थन का दावा किया गया है. कांग्रेस का कहना है कि इन समर्थनों के साथ उसके पास बोर्ड बनाने के लिए पर्याप्त संख्या है. वहीं, सत्तारूढ़ भाजपा ने भी अपने 32 पार्षदों की टीम के साथ कुल 41 पार्षदों की टीम होने का दावा करते हुए बोर्ड गठन का ऐलान किया है. ऐसे में निगम में बहुमत को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के दावे सामने आ रहे हैं.
निर्दलीयों ने कांग्रेस के साथ बढ़ाया हाथ
कांग्रेस के साथ निर्दलीय प्रत्याशी घनश्याम वर्मा ने भी शपथ ग्रहण की. इसके अलावा निर्दलीय कैलाश कोमल ने कांग्रेस के साथ समर्थन का ऐलान किया. वहीं सोफिया खान, अजमद और रेहान ने भी कांग्रेस को समर्थन देने की बात कही है. निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के बाद कांग्रेस अपने खेमे की संख्या को लेकर बहुमत का दावा कर रही है.
‘एक जाजम’ पर आने का दावा
कांग्रेस शहर अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा कि कांग्रेस ने एक जाजम पर आकर निगम का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी के पास बोर्ड बनाने के लिए बहुमत है. इस दौरान निर्दलीय कैलाश कोमल ने कांग्रेस के साथ अपने जुड़ाव को घर वापसी बताया.
संगठन में असंतोष नहीं होने का दावा
मौके पर मौजूद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विजय जैन ने कहा कि अब संगठन में कोई असंतोष नहीं है और कांग्रेस कार्यकर्ता एक जाजम पर आ गए हैं. चुनाव परिणाम के बाद अब मेयर और निगम बोर्ड के गठन को लेकर दोनों दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं. निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के दावों के बीच अजमेर नगर निगम का आगामी बोर्ड गठन सियासी तौर पर अहम हो गया है.