दिवाली पर बुझ गया घर का चिराग! ट्रैक्टर सहित कुएं में गिरा 17 साल का युवक, दर्दनाक मौत
अलवर के थानागाजी क्षेत्र के बल्लूवास गांव में ट्रैक्टर सहित कुएं में गिरने से 17 वर्षीय ओमप्रकाश की मौत हो गई. वह छह बहनों का इकलौता भाई था. हादसे के बाद ग्रामीणों ने दूसरे ट्रैक्टरों की मदद से वाहन और उसके नीचे दबे युवक को बाहर निकाला.
दिवाली की खुशियों के बीच थानागाजी क्षेत्र के बल्लूवास गांव में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. शनिवार दोपहर खेत में जुताई के दौरान हुए हादसे में 17 साल के ओमप्रकाश गोस्वामी की जान चली गई. बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर चलाने की कोशिश के दौरान वह ट्रैक्टर सहित खेत के पास बने कुएं में जा गिरा. ट्रैक्टर के नीचे दबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई. ओमप्रकाश छह बहनों का इकलौता भाई था. उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया.
ट्रैक्टर चलाने की कोशिश में हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, बल्लूवास निवासी ओमप्रकाश (17) पुत्र संतोश गोस्वामी शनिवार दोपहर खेत में चल रही जुताई के दौरान ट्रैक्टर चालक के पास पहुंचा था. बताया जा रहा है कि इसी दौरान वह ट्रैक्टर चलाने के लिए उस पर चढ़ गया और गलती से ट्रैक्टर चला दिया. इससे ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और खेत के पास बने कुएं में जा गिरा. इस दौरान ओमप्रकाश ट्रैक्टर के नीचे दब गया. हादसा इतना गंभीर था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
चालक के शोर मचाने पर पहुंचे ग्रामीण
घटना के समय मौके पर मौजूद ट्रैक्टर चालक रामफूल ने शोर मचाकर ग्रामीणों को मदद के लिए बुलाया. आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे. इसके बाद ग्रामीणों ने दूसरे ट्रैक्टरों की मदद से कुएं में गिरे ट्रैक्टर को बाहर निकालने का प्रयास किया. काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर और उसके नीचे दबे ओमप्रकाश को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी.
ओमप्रकाश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था. वह छह बहनों का इकलौता भाई और परिवार में सबसे छोटा था. कम उम्र में परिवार के इकलौते बेटे को खोने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
हादसे के बाद परिजन ओमप्रकाश के शव को प्रतापगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर पहुंचे. सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची. पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए पंचनामा तैयार किया. इसके बाद पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया. हादसे के बाद बल्लूवास गांव में शोक का माहौल है.
अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है. डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.