EVM खराबी से फर्जी वोटिंग के आरोप तक, जयपुर में मतदान के बीच दिनभर हाई वोल्टेज ड्रामा
Jaipur Municipal Election: जयपुर नगर निगम चुनाव में 63.55 फीसदी रिकॉर्ड मतदान के बीच कई बूथों पर EVM की तकनीकी खराबी और विवाद देखने को मिले. मॉक पोल से मतदान तक कुल 151 CU-BU यूनिट बदली गईं. वार्ड 49, 62, 101 और 102 में फर्जी मतदान के आरोप लगे, जबकि वार्ड 114 और 26 में भी विवाद हुआ. इसके बावजूद मतदान की रफ्तार नहीं टूटी और 15.46 लाख मतदाताओं ने वोट डाला.
Rajasthan News: जयपुर नगर निगम चुनाव में इस बार 63.55 फीसदी रिकॉर्ड मतदान हुआ. लेकिन रिकॉर्ड वोटिंग के साथ मतदान केंद्रों पर दिनभर कई तरह के विवाद भी सामने आए. कहीं EVM की तकनीकी खराबी के कारण मतदान प्रभावित हुआ, तो कहीं फर्जी मतदान के आरोपों ने सियासी पारा चढ़ा दिया. कुछ जगह प्रत्याशियों और समर्थकों के बीच तनातनी भी देखने को मिली. इन तमाम घटनाओं के बावजूद वोटर्स की कतारें नहीं टूटीं और 15 लाख 46 हजार 193 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.
मॉक पोल से ही शुरू हुआ EVM बदलने का सिलसिला
मतदान शुरू होने से पहले मॉक पोल के दौरान ही EVM बदलने की शुरुआत हो गई थी. EVM रिप्लेसमेंट रिपोर्ट के मुताबिक मॉक पोल के दौरान 58 कंट्रोल यूनिट और 46 बैलेट यूनिट, यानी कुल 104 यूनिट बदली गईं. इसके बाद वास्तविक मतदान के दौरान 23 कंट्रोल यूनिट और 24 बैलेट यूनिट, यानी 47 यूनिट और बदली गईं. इस तरह मॉक पोल से मतदान तक कुल 81 CU और 70 BU, यानी 151 मशीन यूनिट बदली गईं.
मॉक पोल के दौरान सबसे ज्यादा बदलाव हवामहल में हुआ, जहां 20 यूनिट बदली गईं. बगरू में 18, झोटवाड़ा में 14 और सांगानेर में 9 यूनिट बदली गईं. वास्तविक मतदान के दौरान विद्याधर नगर में 14 यूनिट बदली गईं. झोटवाड़ा में 8, किशनपोल में 6, जबकि सांगानेर, मालवीय नगर और हवामहल में 4-4 यूनिट बदली गईं.
फर्जी मतदान के आरोपों से गरमाया माहौल
सांगानेर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड-49 में कांग्रेस प्रत्याशी धर्म सिंह सिंघानिया ने फर्जी मतदान का आरोप लगाया. उनका आरोप था कि कुछ मतदाता जब वोट डालने पहुंचे तो उनके नाम पर पहले ही वोट डाले जाने की बात सामने आई. उन्होंने निर्वाचन अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की और कार्रवाई नहीं होने पर धरने की चेतावनी दी.
वार्ड-62 के बूथ नंबर-23 पर भी फर्जी मतदान के आरोप को लेकर हंगामा हुआ. तीन निर्दलीय प्रत्याशियों और कांग्रेस प्रत्याशी ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को लिखित शिकायत दी. शिकायत में करीब 150 शिफ्टेड मतदाताओं के नाम पर फर्जी वोट डालने का आरोप लगाया गया.
कई वार्डों में शिकायत और विवाद
सिविल लाइंस के वार्ड-101 और 102 में भी फर्जी मतदान की शिकायतें सामने आईं. वार्ड-101 के पानीपेच वाटर वर्क्स बूथ पर निर्दलीय प्रत्याशी विष्णु ब्याणी के समर्थकों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए. शिकायत के बाद चुनाव प्रभारी डॉ. सौम्या गुर्जर और समन्वयक अपूर्व सिंह मौके पर पहुंचे.
वार्ड-26 में कांग्रेस प्रत्याशी अनीता देवी ने पार्टी एजेंट को मतदान केंद्र पर नहीं बैठने देने को लेकर विरोध जताया और मतदान कर्मचारियों पर मिलीभगत के आरोप लगाए. वहीं वार्ड-114 में बूथ के अंदर प्रत्याशी की मौजूदगी को लेकर विवाद हुआ और समर्थक आमने-सामने आ गए. पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया.
वार्ड-113 में EVM खराब होने पर मतदाताओं ने विरोध जताया. वहीं जगतपुरा के वार्ड-66 में मतदान केंद्र के बाहर अलग टेबल लगाकर NOTA के पक्ष में मतदान की अपील की गई.
रिकॉर्ड वोटिंग के साथ खत्म हुआ मतदान
जयपुर में इन तकनीकी अड़चनों और विवादों के बावजूद मतदान की रफ्तार नहीं टूटी. कुल 24 लाख 33 हजार 198 मतदाताओं में से 15 लाख 46 हजार 193 ने वोट डाला. मतदान का अंतिम आंकड़ा 63.55 फीसदी रहा. अब 14 सितंबर को होने वाली मतगणना में EVM में बंद जनादेश सामने आएगा और पता चलेगा कि रिकॉर्ड मतदान के साथ बूथों पर दिखी चुनावी सक्रियता ने जीत-हार का गणित किस तरह बदला.