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Investigation: नेपाल बॉर्डर पर काले-सफेद का 'डर्टी गेम', फैला करंसी के अवैध लेनदेन का जाल, गोरखधंधे की INSIDE STORY

Nepal Border: रक्सौल में रुपये का बाजार सजा हुआ है. यहां खुलेआम नेपाली और भारतीय करेंसी के अवैध लेन-देन का खेल चल रहा है. सीमा क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. भारत की अर्थव्यवस्था के खिलाफ बड़े खेल का यह नजारा नेपाल सीमा के रक्सौल का है.

Investigation:  नेपाल बॉर्डर पर काले-सफेद का 'डर्टी गेम', फैला करंसी के अवैध लेनदेन का जाल, गोरखधंधे की INSIDE STORY

नेपाल बॉर्डर के रक्सौल के इलाकों में हवाला का कारोबार खूब चल रहा है. मनी एक्सचेंज के नाम पर यह धंधा खुलेआम संचालित है. इस खेल में मूल रूप से दोनों देशों के बड़े-बड़े व्यापारी और कारोबारी लिप्त है, जो काले धन को सफेद करते हैं. बॉर्डर पर हवाला का कारोबार कोई नई बात भी नहीं है. काफी पुराना धंधा है. अबतक कई लोग पकड़े भी जा चुके हैं और उनसे करोड़ों रुपये जब्त भी किया जा चुका है. 

धंधे से दोनों देशों के बॉर्डर से जुड़े प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी पूरी तरह वाकिफ हैं. बावजूद इसे रोकने के लिए अपेक्षित और कारगर कदम नहीं उठाया जा सका है. हालांकि , पिछले दिनों पटना सचिवालय में मुख्य सचिव के नेतृत्व में हुई बैठक में 80 से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठानों को चिन्हित किया गया लेकिन मनी एक्सचेंज के जरिये इस हवाला के खेल को रोका नहीं जा सका.

कैसे होता है पूरा खेल?

रक्सौल में भारतीय रुपयों को बॉर्डर इलाकों के बाजारों में नेपाली करेंसी में बदला जाता है. बाद में यह रकम काठमांडू में बैठे व्यापारियों के पास पहुंच जाती है. फिर नेपाली कारोबारी भारतीय क्षेत्र में बैठे कारोबारियों के पास वैध तरीके से इन रुपयों को पहुंचा देते हैं. इस धंधे में बॉर्डर क्षेत्र के बड़ी संख्या में युवक कुरियर बॉय के तौर पर काम करते हैं. इसके एवज में उन्हें कमीशन मिलता है. वहीं, काले धन को सफेद करने के लिए 20 से 25 फीसदी कमीशन काटा जाता है. 

पूर्वी चंपारण जिले में रक्सौल बॉर्डर से सटे बाजार में सैकड़ों की संख्या में लोग अवैध तरीके से मनी एक्सचेंज के काम से जुड़े हुए हैं. जानकारों की मानें, तो प्रतिदिन करीब 100 करोड़ रुपये काले धन से सफेद बनाया जाता है. इसके एवज में मनी एक्सचेंजर को एक लाख पर 1,500 से 4,000 रुपये तक की आमदनी होती है.

जानकारों ने बताया कि बॉर्डर क्षेत्र के बाजारों में मनी एक्सचेंज करने वाले छोटे-छोटे कारोबार करते हैं. इसी की आड़ में ये गोरखधंधा किया जाता है. जानकारी के मुताबिक, दिल्ली एवं कोलकता समेत अन्य शहरों से विभिन्न माध्यमों से बॉर्डर इलाके के बड़े कारोबारियों के पास मोटी रकम भेजी जाती है. फिर यहां उस रकम को नेपाली करेंसी में बदला जाता है. इस खेल में 5 व्यापारिक प्रतिष्ठानों की जानकारी सरकार के पास है. बावजूद हवाला का यह कारोबार छोटे कुरियर के जरिये जारी है.

धंधेबाज ने बताया पूरा ब्लूप्रिंट

बॉर्डर इलाके में मनी एक्सचेंज से जुड़े इस धंधेबाज ने बताया कि नेपाली लोग बड़ी संख्या में बॉर्डर से सटे भारतीय क्षेत्र के बाजारों में खरीदारी करने आते हैं. इनके पास नेपाली करेंसी होती है, जबकि यहां उन्हें भारतीय पैसे की जरूरत होती है. ऐसे लोगों पर धंधेबाजों की नजर बनी रहती है और हवाला से प्राप्त रुपये इन नेपाली लोगों से एक्सचेंज कर लेते हैं. यानी नेपाली के पास भारतीय रुपया और धंधेबाज के पास नेपाली रुपया आसानी से चला आता है. फिर इन नेपाली रुपयों को काठमांडू में बैठे हवाला के 'आका' को पहुंचा दिया जाता है. इस धंधेबाज ने ZEE MEDIA को बताया कि काठमांडू में बैठे लोग फर्जी बिल और अन्य कागजात बनाकर बैंकों के जरिए दिल्ली और कोलकाता के कारोबारियों तक रुपये पहुंचा देते हैं.

इस हवाला और मनी एक्सचेंज के धंधे को रोकने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय टीम बनी हुई है. एसएसबी और पुलिस मनी एक्सचेंज और ट्रैफिकिंग की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी कर रही है. 2026 बड़े पैमाने पर छापेमारी हुई, लेकिन इंडियन करेंसी के धंधेबाजों पर कोई असर नहीं हुआ और आज फिर रुपयों का बाजार सजा हुआ है.

भारत-नेपाल के बिहार से जुड़े सीमावर्ती जिलों में जिला प्रशासन और एसएसबी ने सैकड़ों व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की, इनमें अब तक 80 प्रतिष्ठान संदिग्ध पाए गए हैं.  सीतामढ़ी में 28, किशनगंज में 21, पश्चिम चम्पारण में नौ, मधुबनी और सुपौल में छह-छह, अररिया और पूर्वी चम्पारण में पांच-पांच प्रतिष्ठान संदिग्ध पाए गए हैं. मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों समेत सभी सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया कि इन संदिग्ध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच के बाद कार्रवाई हो.

4 प्रतिष्ठान जांच के घेरे में

बिहार-नेपाल की सर्वाधिक व्यस्त सीमा रक्सौल में भी 4 व्यावसायिक प्रतिष्ठान जांच के घेरे में हैं, जो हवाला कारोबार और अवैध तरीके से मनी एक्सचेंज का कारोबार करते हैं. सूत्रों के मुताबिक, ये हवाला कारोबारी दिखावे के लिए व्यवसाय करते हैं लेकिन इनका व्यवसाय मनी एक्सचेंज और हवाला है. सूत्रों के मुताबिक सरकार की नजर रक्सौल समेत बिहार के सीमावर्ती इलाके में मनी एक्सचेंजर भी हैं जो बॉर्डर के पास स्टॉल लगाकर नेपाली करेंसी से लेकर डॉलर तक को इंडियन करेंसी में कन्वर्ट करते हैं. अब समझिए कि बॉर्डर को लेकर सरकार की चिंता क्या है?

रक्सौल बाजार से आगे आप जैसे ही भारतीय चेकिंग पॉइंट पर पहुंचने से पहले सड़क के दोनों किनारे लगभग 50 स्टॉल हैं, जो मनी एक्सचेंज करते हैं. ये तमाम स्टाल तीन व्यवसायियों के बताए जाते हैं जो मनी एक्सचेंज के दौरान कमीशन लेकर यह कोई भी करेंसी को इंडियन रुपये में कन्वर्ट करते हैं. बिहार नेपाल सीमा जागरण मंच के कन्वीनर महेश अग्रवाल कहते हैं कि बॉर्डर पर मनी एक्सचेंज का यह कारोबार चल रहा है और इसपर रोक लगाने के लिए सरकार को पहल करनी होगी नहीं तो ये सुरक्षा पर खतरा है.हालांकि सरकार ने गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद बॉर्डर पर तैनात एसएसबी और पुलिस को इनपर नकेल कसने के सख्त निर्देश भी दिए हैं.

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About the Author

Rachit Kumar

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रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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