Zee News Ground Report: कदम-कदम पर पहरा, केली कुंज की खामोशी पर सस्पेंस गहराया, आखिर कहां हैं प्रेमानंद महाराज?
शिष्य रसिक दुलाई की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. 11 दिन बीत जाने के बाद भी कुछ मालूम नहीं चल पाया है. पुलिस के हाथ खाली है. लेकिन ऐसे में प्रेमानंद महाराज कहां हैं? जी न्यूज के रिपोर्टर परिवेश वात्स्यायन ने उनका पता खोज निकाला है.
संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत को 11 दिन हो चुके हैं. लेकिन केली कुंज आश्रम कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रेमानंद महाराज कहां हैं. जी न्यूज संवाददाता परिवेश वात्स्यायन ने आखिरकार उस जगह को तलाश लिया, जहां प्रेमानंद मौजूद है. लेकिन वहां किसी को जाने नहीं दिया जा रहा है. गांव के लोगों का कहना है कि केली कुंज से तकरीबन 20 किमी दूर यमुना के उस पार बेलवन गांव है, जहां यमुना के डूब क्षेत्र में आश्रम है. वहां लक्ष्मी जी का प्रसिद्ध मंदिर है. लेकिन लोग वहां अब कम आते हैं. लेकिन यहां की जमीन की रकम अब करोड़ों की हो गई है. जैसे ही कैमरा ऑन होता है, खामोशी पसर जाती है. पूरे रास्ते पर आश्रम के लोग बैठे हैं जो किसी भी बाहरी लोग को अंदर जाने नहीं देते है. जब तक कैमरा ऑफ था तो हमें भी आगे जाने नहीं दिया गया. कैमरा ऑन होते ही सब मौन हो गए. सिर्फ राधे-राधे कहते नजर आए.
शिष्य ने की आत्महत्या
बता दें 25 सितंबर को दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी ने आश्रम की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी. इस घटना के दो सीसीटीवी वायरल हुए थे, जिन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया. इसके बाद 3 लोगों के लापता होने की खबर से वृंदावनवासी हैरान हैं. परिजनों ने केली कुंज के बाहर हंगामा तक किया. इससे पहले जी न्यूज के स्टिंग ऑपरेशन में एक हेड कॉन्स्टेबल ने कबूला था कि आश्रम में पुलिस के जाने की मनाही है. और प्रेमानंद महाराज कैद में हैं. जब पूछा गया कि क्या कोई संत कानून से ऊपर हो गया. तो पुलिसवाले ने कहा कि सिपाही तो छोड़ो अधिकारियों को भी एंट्री नहीं मिलती है. प्रेमानंद महाराज बहुत अच्छे हैं.
संत बोले- आश्रम दो गुटों में बंटा
वहीं, इस मामले पर मथुरा के कुछ मशहूर संतों ने भी बयान दिया है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा फलाहारी ने कहा कि आश्रम दो गुटों में बंट गया है. एक गुट असली संतों का है और दूसरा नकली संतों का. नकली संत जमीनों, प्रॉपर्टी के धंधों में लगे हैं. नकली संतों का करीब 15 आश्रमों पर कब्जा है. इसी से प्रेमानंद महाराज दुखी हैं और वह असली संतों के साथ बेलवन जाकर रह रहे हैं.
वहीं मथुरा की साध्वी इंदुलेखा का भी ऐसा ही कहना है. उन्होंने दावा किया कि कुछ शरारती तत्व प्रेमानंद महाराज की इमेज को खराब कर रहे हैं. वह प्रेमानंद महाराज के नाम का सहारा लेकर जमीनों पर अवैध तरीके से कब्जा कर रहे हैं. प्रेमानंद महाराज के लिए भी खतरा पैदा हो गया है. उनकी सुरक्षा में इजाफा करना चाहिए.