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जिनपिंग ने चीनियों की चहेती पेंग लियुआन से जब पूछा, 'माफ करना...आपने कौन से गाने गाए हैं', 40 मिनट में जीता दिल

शी जिनपिंग और पेंग लियुआन की पहली मुलाकात से शादी तक की दिलचस्प कहानी जानिए. कैसे एक साधारण सवाल ने चीन की मशहूर गायिका का दिल जीत लिया और कैसे दोनों का रिश्ता आगे बढ़ा.

जिनपिंग ने चीनियों की चहेती पेंग लियुआन से जब पूछा, 'माफ करना...आपने कौन से गाने गाए हैं', 40 मिनट में जीता दिल

किसी मशहूर गायिका से पहली मुलाकात हो और सामने वाला उसके गाने पहचानने के बजाय यह पूछ दे कि आप गाती क्या हैं, तो मामला थोड़ा अजीब जरूर लगेगा. लेकिन इसी सीधे-सादे अंदाज ने एक मुलाकात को ऐसी कहानी में बदल दिया, जिसकी चर्चा आज भी होती है. बात उस दौर की है जब एक तरफ चीन की लोकप्रिय गायिका अपनी आवाज के दम पर घर-घर में पहचान बना चुकी थीं और दूसरी तरफ एक युवा नेता धीरे-धीरे राजनीति में अपनी जगह बना रहे थे. 

पहली मुलाकात में न कोई फिल्मी डायलॉग था, न बड़ा रोमांटिक इशारा. सवाल भी ऐसा था, जिसे सुनकर कोई भी हैरान हो जाए. मगर इसी बातचीत के करीब 40 मिनट में जिंदगी का बड़ा फैसला हो गया. आगे चलकर यही रिश्ता चीन के सबसे चर्चित राजनीतिक परिवारों में शामिल हुआ.

पहली मुलाकात में ऐसा क्या लिए

शी जिनपिंग और पेंग लियुआन की पहली मुलाकात 1986 के आखिर में हुई थी. उस समय शी जिनपिंग फुजियान प्रांत के श्यामेन शहर के डिप्टी मेयर थे, जबकि पेंग लियुआन पहले से ही चीन की मशहूर गायिका थीं. दोनों की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई. पेंग शुरुआत में इतनी दूर जाकर मिलने को लेकर उत्साहित नहीं थीं, लेकिन दोस्त के कहने पर वह मिलने पहुंचीं. उन्हें लगा था कि सामने वाला भी बाकी लोगों की तरह उनके मशहूर गानों या करियर के बारे में बात करेगा. लेकिन शी ने उनसे गायन की शैलियों के बारे में पूछा और फिर साफ कहा कि वह टीवी बहुत कम देख पाते हैं और उनके गाने नहीं जानते.

40 मिनट में दिल जीतने वाला राज क्या था?

पहली मुलाकात का यही हिस्सा इस प्रेम कहानी का सबसे चर्चित किस्सा बन गया. पेंग लियुआन के लिए यह बात अलग थी कि सामने वाला उनकी प्रसिद्धि से प्रभावित होने के बजाय सामान्य तरीके से बात कर रहा था. उपलब्ध चीनी सरकारी और सरकारी मीडिया से जुड़े स्रोतों में बताया गया है कि शी जिनपिंग ने बाद में कहा था कि मुलाकात के शुरुआती करीब 40 मिनट में ही उन्होंने तय कर लिया था कि पेंग उनकी पत्नी बनेंगी. पेंग को भी उनका सीधा और सहज व्यवहार पसंद आया. इस मुलाकात में स्टारडम से ज्यादा बातचीत और व्यक्तित्व की भूमिका रही. यही वजह है कि दोनों की पहली मुलाकात को उनकी प्रेम कहानी का सबसे खास पड़ाव माना जाता है.

पेंग लियुआन पहले से कितनी बड़ी स्टार थीं

पेंग लियुआन की पहचान शी जिनपिंग की पत्नी बनने के बाद नहीं बनी थी. उनका जन्म 20 नवंबर 1962 को चीन के शानदोंग प्रांत में हुआ था. कम उम्र से ही उन्होंने संगीत की ट्रेनिंग शुरू की और चीनी लोक संगीत में पहचान बनाई. उनकी आवाज और मंच पर प्रस्तुति ने उन्हें बहुत जल्दी लोकप्रिय बना दिया. 1983 में China Central Television के New Year's Gala में प्रस्तुति के बाद उनकी लोकप्रियता और बढ़ी. सरकारी टेलीविजन पर लगातार नजर आने की वजह से वह चीन के लाखों दर्शकों के लिए जाना-पहचाना चेहरा बन गई थीं. बाद में न्यूयॉर्क, टोक्यो और वियना जैसे शहरों में भी उन्होंने प्रस्तुतियां दीं.

PLA से जुड़कर गायिका कैसे बनीं?

पेंग लियुआन ने 1980 में People's Liberation Army यानी PLA ज्वाइन की थी. हालांकि, उनकी भूमिका किसी लड़ाकू यूनिट में सैनिक के तौर पर नहीं थी. वह सेना के सांस्कृतिक और कला क्षेत्र से जुड़ी थीं. PLA में ऐसे कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों की भूमिका सैनिकों के मनोबल और राष्ट्रीय व सैन्य कार्यक्रमों में प्रस्तुति से जुड़ी रही है. पेंग इसी क्षेत्र में आगे बढ़ीं. WHO की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वह PLA के General Political Department के Chinese Song and Dance Ensemble से जुड़ी थीं और उन्हें मेजर जनरल का सैन्य रैंक मिला था. इसलिए उन्हें केवल 'सेना की गायिका' कहना उनके पूरे करियर को छोटा करके देखने जैसा होगा.

वर्दी में दिखने के पीछे कहानी थी क्या?

पेंग लियुआन को कई तस्वीरों में सैन्य वर्दी में देखा गया है. इसकी वजह उनका PLA से जुड़ा सांस्कृतिक करियर था. उन्होंने सेना से जुड़े कला संस्थानों और कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसी कारण उनके सैन्य पद और रैंक की चर्चा भी होती रही. लेकिन यहां यह फर्क समझना जरूरी है कि उनका मुख्य करियर संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ा था, न कि किसी युद्धक या खुफिया इकाई से. उनकी आवाज, मंचीय प्रस्तुति और राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भागीदारी ने उन्हें चीन में अलग पहचान दी. बाद में यही सार्वजनिक पहचान उनके First Lady बनने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काम आई.

छह महीने बाद कैसे हुई सादगी वाली शादी?

पहली मुलाकात के करीब छह महीने बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया. सितंबर 1987 में श्यामेन में दोनों की शादी हुई. शादी को लेकर उपलब्ध विवरण बताते हैं कि इसमें कोई बहुत बड़ा तामझाम नहीं था. दोनों ने कुछ करीबी दोस्तों और सहकर्मियों को साधारण डिनर पर बुलाया था. यहां तक कि शादी की मिठाइयां भी पेंग लियुआन ने अचानक बाजार जाकर खुद खरीदी थीं. उस दौर में दोनों की जिंदगी आज जैसी राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय चमक से दूर थी. एक तरफ पेंग अपने संगीत करियर में सक्रिय थीं और दूसरी तरफ शी जिनपिंग प्रशासनिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों में आगे बढ़ रहे थे. शादी के बाद भी दोनों का करियर अलग-अलग चलता रहा.

शादी के बाद दूरी ने रिश्ते की परीक्षा कैसे ली?

शादी के शुरुआती वर्षों में दोनों को अपने-अपने काम की वजह से काफी समय अलग रहना पड़ा. शी जिनपिंग प्रशासनिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों में व्यस्त रहते थे, जबकि पेंग लियुआन सेना की गायिका के तौर पर देश-विदेश में कार्यक्रम करती थीं. पेंग ने अपने रिश्ते की इस स्थिति की तुलना चीन की मशहूर 'चरवाहे और बुनकर लड़की' वाली लोककथा से की थी, जिसमें दोनों प्रेमी लंबे समय तक एक-दूसरे से दूर रहते हैं. व्यस्त जिंदगी के बावजूद दोनों के बीच संपर्क बना रहा. बताया जाता है कि शी जिनपिंग दिन में कम से कम एक बार पेंग को फोन करने की कोशिश करते थे. यह छोटी-सी आदत उनके रिश्ते की खास बात बन गई.

नए साल पर घर में क्या होता था?

पेंग लियुआन लंबे समय तक चीन के लोकप्रिय CCTV Spring Festival Gala का हिस्सा रहीं. जब वह नए साल के इस बड़े कार्यक्रम में प्रस्तुति देती थीं, तब परिवार के लिए भी यह रात खास होती थी. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जब तक कार्यक्रम चलता रहता, शी जिनपिंग घर पर टीवी देखते और डंपलिंग्स बनाते हुए पत्नी के लौटने का इंतजार करते थे. कार्यक्रम खत्म होने के बाद दोनों साथ खाना खाते थे. इस कहानी का दिलचस्प हिस्सा यह है कि जिस समय पेंग लाखों लोगों के सामने मंच पर नजर आती थीं, उसी दौरान घर पर उनकी भूमिका एक आम परिवार के सदस्य जैसी होती थी. यही सादगी उनकी वैवाहिक कहानी को अलग बनाती है.

दुनिया के सामने कैसी दिखी दोनों की केमिस्ट्री?

शी जिनपिंग के चीन के शीर्ष नेता और राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों की सार्वजनिक मौजूदगी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी. विदेशी दौरों में दोनों कई बार साथ दिखाई दिए. उनके कपड़ों के रंगों में तालमेल भी मीडिया की नजर में आया. सितंबर 2014 में भारत यात्रा के दौरान साबरमती रिवरफ्रंट पर दोनों की एक तस्वीर खास चर्चा में रही. पेंग लियुआन झूले पर बैठी थीं और बाद में उन्होंने शी को अपने पास आने का इशारा किया. शी मुस्कुराते हुए उनके पास आकर बैठ गए. ऑस्ट्रेलिया दौरे से जुड़ा एक और चर्चित पल है, जब एक वैज्ञानिक अनुसंधान जहाज की केबिन में चढ़ते समय शी ने पीछे मुड़कर पेंग का हाथ थामा ताकि वह आसानी से ऊपर आ सकें.

First Lady बनने के बाद पेंग की भूमिका कैसे बदली?

शी जिनपिंग के चीन के शीर्ष नेतृत्व में आने के बाद पेंग लियुआन की सार्वजनिक भूमिका भी बदल गई. वह विदेशी दौरों और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में चीन की First Lady के रूप में दिखाई देने लगीं. चीन के कई पुराने नेताओं की पत्नियां सार्वजनिक जीवन में अपेक्षाकृत कम दिखाई देती थीं. इसके मुकाबले पेंग की अपनी लोकप्रियता पहले से थी, इसलिए उनकी मौजूदगी को अलग तरह से देखा गया. उनका संगीत करियर, सैन्य सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और सार्वजनिक कार्यक्रमों का अनुभव उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर सहज बनाता था. हालांकि यह साफ समझना जरूरी है कि पेंग चीन की औपचारिक राजनीतिक व्यवस्था में कोई निर्वाचित राजनीतिक पद नहीं रखतीं. उनकी भूमिका मुख्य रूप से सार्वजनिक, सामाजिक और कूटनीतिक गतिविधियों से जुड़ी है.

महिलाओं और स्वास्थ्य के काम से कैसे जुड़ीं?

First Lady के तौर पर पेंग लियुआन की भूमिका केवल विदेशी दौरों तक सीमित नहीं रही. वह स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता अभियानों से भी जुड़ीं. WHO ने 2011 में उन्हें तपेदिक यानी TB और HIV/AIDS के लिए Goodwill Ambassador नियुक्त किया था. WHO के मुताबिक वह इन बीमारियों के प्रति जागरूकता, भेदभाव कम करने और प्रभावित लोगों के समर्थन से जुड़े अभियानों में सक्रिय रही हैं. महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर भी उनकी सार्वजनिक भूमिका दिखाई दी है. 2026 में भी WHO ने उन्हें TB और HIV-AIDS के लिए Goodwill Ambassador के रूप में संदर्भित किया. इससे उनकी सार्वजनिक पहचान केवल राष्ट्रपति की पत्नी या पूर्व गायिका तक सीमित नहीं रहती.

चीन के संविधान में शादी और महिलाओं को लेकर क्या नियम हैं?

पेंग और शी की कहानी को चीन के संवैधानिक संदर्भ में देखें तो चीन का संविधान महिलाओं और परिवार से जुड़े अधिकारों को भी जगह देता है. संविधान के अनुच्छेद 48 में महिलाओं को राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और पारिवारिक जीवन में पुरुषों के समान अधिकार दिए गए हैं. अनुच्छेद 49 में विवाह, परिवार, मां और बच्चों को राज्य की सुरक्षा की बात कही गई है. इसमें विवाह की स्वतंत्रता के उल्लंघन और महिलाओं, बच्चों तथा बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार पर रोक की बात भी है. यानी पेंग की कहानी को केवल एक राजनीतिक परिवार की प्रेम कहानी के रूप में नहीं, बल्कि उस सामाजिक ढांचे के संदर्भ में भी देखा जा सकता है जिसमें महिलाओं की सार्वजनिक और पारिवारिक भूमिका को संवैधानिक मान्यता दी गई है.

आखिर पेंग लियुआन की कहानी इतनी अलग क्यों है?

पेंग लियुआन की कहानी की खास बात यही है कि उनकी पहचान शी जिनपिंग की पत्नी बनने से बहुत पहले बन चुकी थी. वह कम उम्र में संगीत की दुनिया में आईं, चीन की लोकप्रिय लोक गायिका बनीं, PLA के सांस्कृतिक ढांचे से जुड़ीं और मेजर जनरल का रैंक हासिल किया. 1986 में शी जिनपिंग से मुलाकात हुई और करीब छह महीने बाद 1987 में दोनों ने शादी कर ली. उनकी एक बेटी शी मिंग्जे है. बाद में पेंग First Lady के तौर पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाई दीं और WHO के साथ स्वास्थ्य अभियानों में भी सक्रिय रहीं. इसलिए उनकी कहानी को केवल 'राष्ट्रपति की पत्नी' कहना उनकी पूरी पहचान को अधूरा बताना होगा.

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About the Author

Shivam Tiwari

Shivam Tiwari

शिवम तिवारी, जी न्यूज में डिजिटल कंटेंट राइटर हैं और पत्रकारिता में करीब 2 साल से अधिक का अनुभव रखते हैं. यूपी के प्रयागराज के रहने वाले शिवम ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया है. खबरों की नब्ज पकड़कर उन्हें आसान और साफ भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. शिवम शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों पर खास फोकस रखते हैं. इनमें स्कूल-कॉलेज एडमिशन, बोर्ड परीक्षाएं, प्रवेश परीक्षाएं, सरकारी नौकरियां, रिजल्ट, कॉम्पिटिटिव एग्जाम, करियर टिप्स, करेंट अफेयर्स और जनरल नॉलेज जैसे टॉपिक्स शामिल हैं.इसके अलावा शिवम, टीचर्स, प्रोफेसर्स, एक्सपर्ट्स और करियर काउंसलर्स की सलाह के आधार पर कंटेंट तैयार करते हैं. ये IIT-JEE, NEET, GATE, CLAT और CUET जैसे नेशनल लेवल एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े विषयों पर गहराई से काम करते हैं और छात्रों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराते हैं. शिवम तिवारीर से संपर्क करने के लिए आप उन्हें shivam.tiwari@india.com पर ईमेल कर सकते हैं.
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