पाकिस्तान की नौसेना ने रविवार को 'हंगोर' पनडुब्बी से उत्तर अरब सागर में पहली बार असल हथियार का टेस्ट किया है. पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ISPR के मुताबिक, हंगोर ने पानी के अंदर से लंबी दूरी तक हमला करने वाली एंटी-शिप क्रूज मिसाइल दागी. पाकिस्तानी सेना ने इस टेस्ट के जरिए हंगोर पनडुब्बी के हथियार सिस्टम और उसकी युद्ध क्षमता की जांच की. पाकिस्तानी नौसेना ने इसे अपनी अंडरवॉटर वॉरफेयर यानी पानी के नीचे जंग करने की ताकत में एक अहम कामयाबी बताया है.
हंगोर क्लास पाकिस्तान की नई पनडुब्बियों की एक श्रेणी है. जो चीन और पाकिस्तान मिलकर बना रहे हैं. पाकिस्तान ने चीन के साथ ऐसी 8 पनडुब्बियों का समझौता किया है. यह पनडुब्बी डीजल और इलेक्ट्रिक दोनों सिस्टम को सपोर्ट करती है. इस पनडुब्बी का काम समुद्र के अंदर छिपकर दुश्मन के युद्धपोतों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर हमला करने के लिए बनाई गई है. खास बात यह है कि इसकी मदद से एंटी शिप क्रूज मिसाइल जैसे हथियार दागे जा सकते हैं.

इसके अंदर एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक भी मौजूद है. इस तकनीक की मदद से पनडुब्बी लंबे समय तक पानी में रह सकती है. जिसकी अवधि लगभग तीन से चार सप्ताह बताई जाती है. इस पनडुब्बी में चीन का बनाया हुआ AIP सिस्टम इस्तेमाल किया गया है. माना जाता है कि यह स्टर्लिंग साइकिल तकनीक पर आधारित है. यह सिस्टम बिना हवा से ऑक्सीजन लिए पानी के अंदर बिजली पैदा कर सकता है.
चीन के साथ हुए इस समझौते के तहत 8 में से 4 पनडुब्बी चीन में बनेंगे, जबकि 4 पनडुब्बियां पाकिस्तान के कराची में शिपयार्ड में तकनीकी सहयोग के साथ बनेंगी. पहली बार यह पनडुब्बी 30 अप्रैल 2026 को पाकिस्तानी नौसेना में शामिल किया गया था. हेंगोर क्लास की 3 पनडुब्बियां चीन में बनकर पहले ही लॉन्च हो चुकी हैं, लेकिन अभी सर्विस में नहीं हैं.

पाकिस्तान की हंगोर क्लास पनडुब्बी नई तकनीक पर आधारित है, लेकिन ऐसा नहीं है कि भारत के पास इसका तोड़ नहीं है. भारतीय नौसेना के पास इस तरह की पनडुब्बियों को रोकने और तबाह करने की पूरी क्षमता पहले से ही मौजूद है.
इनके अलावा भारत के पास इस तरह की पनडुब्बियों को तबाह करने के लिए भी काफी कुछ है.
