'सिर हम फोड़े हैं, अगर पुलिस न...', जंतर-मंतर हिंसा में स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद आर-पार की जंग
जंतर-मंतर पर बवाल और विवादित बयान के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार. पुलिस कार्रवाई के बाद तनाव बढ़ा, पढ़ें पूरे विवाद की वजह और अब तक के ताजा अपडेट.
जंतर-मंतर पर हुई मारपीट के मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज सलाखों के पीछे तो पहुंच गया, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मामले ने एकदम नया और तीखा मोड़ ले लिया है. एक तरफ हिंदू संगठन खुलकर स्वतंत्र के पक्ष में लामबंद हो गए हैं, तो दूसरी तरफ पीड़ित पक्ष की तरफ से सामने आए एक वीडियो ने इंटरनेट पर आग लगा दी है. यह विवाद अब धरने और शिकायतों से आगे निकलकर सीधी धमकियों तक आ पहुंचा है.
दरअसल इस पूरे विवाद की जड़ स्वतंत्र भारद्वाज के दिए गए एक पॉडकास्ट इंटरव्यू है. इस इंटरव्यू में स्वतंत्र भारतद्वाज ने खुले आम इस बात का ऐलान किया था, 'नीशू के पिता का सिर हम फाड़े हैं आपको पता है इसमें कौन सी धारा लगती है- हाफ मर्डर, 307 का लेकिन हम अगले दिन बाहर...' स्वतंत्र भारद्वाज की ये बातें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हैं. लेकिन दिल्ली पुलिस की सफाई से उस पर प्रदर्शनकारियों पर हमला करने वाले को बचाने का आरोप लग रहा है. बिहार के दरभंगा के मूलनिवासी स्वतंत्र भारद्वाज ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में दावा किया कि उसने 23 जून 2026 को सीजेपी प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता पर हमला किया था लेकिन बावजूद इसके पुलिस ने उसे छोड़ दिया.
बुलंदशहर से गिरफ्तारी और गरमाई सियासत
कल जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन और फिर दर्ज हुई SC/ST एक्ट की धाराओं के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र को यूपी के बुलंदशहर से धर दबोचा. लेकिन जैसे ही यह गिरफ्तारी हुई, मामला सियासी रूप से और ज्यादा गरमा गया. कल तक जहां निशु आजाद के समर्थन में लोग सड़कों पर आवाज उठा रहे थे, वहीं आज तस्वीर बदल गई और हिंदू संगठनों ने स्वतंत्र की रिहाई की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया.
वायरल वीडियो से बदला पूरा खेल
जिस स्वतंत्र को अब तक सोशल मीडिया पर कटघरे में खड़ा किया जा रहा था, उस पूरी कहानी में ट्विस्ट निशु के पिता के बयान से आया है. जिस बेटी ने पिता के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी तक से गुहार लगाई थी, उसी के पिता का एक वीडियो अब तेजी से वायरल है. वीडियो में संजय कुमार साफ लहजे में कहते दिख रहे हैं कि पुलिस को गलतफहमी हो गई थी, अगर पुलिस बीच में न आती तो स्वतंत्र का क्या हश्र होता, यह सब देख लेते.
सोशल मीडिया पर 'शेर' बनने की होड़
जंतर-मंतर की यह तनातनी अब कानून की चौखट लांघकर 'कौन कितना भारी' की जंग बन चुकी है. दोनों ही पक्ष खुद को सोशल मीडिया पर दबंग साबित करने में लगे हैं. बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर स्वतंत्र भारद्वाज कानून हाथ में लेने का दोषी है, तो फिर कैमरे पर खुलेआम धमकियां देने वाले संजय कुमार के बयान को कैसे जायज ठहराया जा सकता है?
क्या अब संजय कुमार पर भी कसेगा शिकंजा?
पूरे विवाद की चिंगारी स्वतंत्र के उस पॉडकास्ट कबूलनामे से भड़की थी, जिसकी कीमत उसे गिरफ्तारी से चुकानी पड़ी. मगर अब हिंदू संगठन पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं और इसे पूरी तरह एकतरफा कार्रवाई बता रहे हैं. पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में संजय कुमार के खिलाफ भी लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दिल्ली पुलिस सिर्फ एक तरफ डंडा चलाएगी या धमकी देने वाले वायरल वीडियो पर भी सख्त एक्शन लेगी.