SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

पुतिन का नया 'शिकारी', यूक्रेन में खलबली: 1.4 करोड़ कीमत और 1200 किमी की रेंज; कितनी ताकतवर है रूस की फिलिन मिसाइल

रूस ने अपने तरकश से ऐसा 'महाअस्त्र' निकाला है, जिससे यूक्रेन की सांसें ऊपर-नीचे हो गई हैं. इस मिसाइल का नाम है फिलिन और यह 1200 किमी दूर तक मार कर सकती है.

Written By Rachit Kumar
Published: Oct 27, 2026, 11:56 AM IST | Updated: Oct 27, 2026, 12:17 PM IST
Image Credit: रूस की इस मिसाइल से यूक्रेन काफी परेशान है.
Join

24 फरवरी 2022 से लेकर आज की तारीख तक रूस और यूक्रेन का युद्ध जारी है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के लिए हालात और खराब होते जा रहे हैं. पिछले हफ्ते, यूक्रेनी नेता ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर उनके देश को इंटरसेप्टर मिसाइलें भेजने में देरी कर रहा है. उन्होंने कहा,'मिसाइलें तैयार हैं और अब तक यूक्रेन पहुंच जानी चाहिए थीं. लेकिन दुर्भाग्य से, अभी तक कोई मंजूरी नहीं मिली है.' वहीं,यूएस ने उनके दावों को खारिज कर दिया है.

दूसरी ओर, रूस में स्थिति बिल्कुल अलग है. खबरों के मुताबिक, रूस ने अपने पावरबैंक में एक नई जेट-पावर्ड मिसाइल शामिल की है. यह कोई आम मिसाइल नहीं है. यह ऐसी मिसाइल है, जिसने जेलेंस्की की रातों की नींद उड़ा दी है. इस मिसाइल के हमें क्या जानकारी मिली है और इस संघर्ष के बीच यह कितनी खतरनाक है? चलिए जानते हैं.

यूक्रेन में तबाही मचाने वाली मिसाइल

हाल ही में, यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी HUR ने खुलासा किया है कि रूस ने अपने मिसाइल बैंक में एक नई 'फिलिन' (Filin) क्रूज मिसाइल को शामिल किया है. एजेंसी ने यह भी बताया कि रूसी सेना ने 2026 की गर्मियों के आखिर में ही जंग में इस मिसाइल का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था. द कीव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी ने बताया कि 'फिलिन' रूस की ओर से बनाए जा रहे उन हथियारों का हिस्सा है, जो सस्ते हैं, जेट-पावर्ड हैं और जमीन से दागे जाते हैं.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि 'फिलिन' रूस के जेट-पावर्ड 'शाहेद' टाइप के अटैक ड्रोन के मुकाबले कहीं बड़ा खतरा पैदा कर सकती है.

 कितनी है कीमत?

इसके कुछ पुर्जे अमेरिका और चीन में बने पाए गए हैं, और यह क्रूज मिसाइल काफी सस्ती है. इसकी अनुमानित कीमत  1 करोड़ 42 लाख रुपये प्रति यूनिट है, जो पारंपरिक 'Kh-101' क्रूज मिसाइल की कीमत का लगभग 16वां हिस्सा है. इससे इसका बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग करना आसान हो जाता है.

दो बड़े ड्रोन एक्सपर्ट्स और यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय में पूर्व ड्रोन सलाहकार रहे सेरही फ्लैश बेस्क्रेस्तनोव और सेरही स्टर्नेन्को ने इस मिसाइल के वॉरहेड के नतीजों को लेकर चेतावनी दी है. स्टर्नेन्को ने चेताया कि इस तरह के हथियारों की भारी तैनाती यूक्रेन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है. उन्होंने तर्क दिया कि आगे चलकर जेट-पावर्ड 'शाहेद' ड्रोन शायद एक छोटी समस्या लगने लगें.

भारत का पक्का यार, क्या बहेगी बदलाव की बयार: नेतन्याहू की हार या जीत से इजरायल से संबधों पर क्या पड़ेगा असर?

यूक्रेन की क्यों बढ़ गई टेंशन?

'फिलिन'​​के आने से रूस के पास मौजूद सस्ते और लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों का जखीरा और बढ़ गया है. यूक्रेन का एयर डिफेंस सिस्टम पहले ही काफी ज्यादा दबाव में है. बड़ी चिंता यह है कि रूस अपने आधुनिक हथियारों को बड़ी संख्या में बनी सस्ती मिसाइलों के साथ मिलाकर इस्तेमाल कर सकता है. लिहाजा, यूक्रेन को अपने बचाव के कम संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए और भी ज्यादा हमलों का सामना करना पड़ेगा.

इस बीच, यूक्रेन के एक्सपर्ट्स को इस बात की चिंता खाए जा रही है कि'फिलिन'को बड़ी संख्या में तैनात किया जा सकता है, जो यूक्रेन के लिए उन जेट-पावर्ड ड्रोनों की तुलना में कहीं ज्यादा खतरनाक हवाई खतरा बन सकता है, जिनका वह पहले से ही सामना कर रहा है.

क्या हैं फिलिन की खासियतें?

द कीव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलिन एक रूसी क्रूज मिसाइल है, जिसे JSC NPO मोल्निया ने बनाया है. यह कंपनी रूस की 'टैक्टिकल मिसाइल्स कॉरपोरेशन' से जुड़ी है. यह जमीन से लॉन्च की जाने वाली जेट-पावर्ड मिसाइल है. इसकी लंबाई लगभग 3.5 मीटर है और इसके पंखों का फैलाव 3 मीटर है.

साबरमती जेल में लॉरेंस पर '200 खोली' वाला पहरा: 7.5x11 की कालकोठरी में बंद हुआ गैंगस्टर, रंगदारी नेटवर्क ध्वस्त

इसमें 50 किलोग्राम और 100 किलोग्राम वजन वाले दो तरह के वॉरहेड लगाए जा सकते हैं. रूस का दावा है कि इसकी मैक्सिमम स्पीड 800 किमी/घंटा और इसकी अधिकतम रेंज 1,200 किमी है.

किस मटेरियल से बनी है?

इसकी फ्यूजलेज कार्बन फाइबर और फाइबरग्लास जैसे कंपोजिट मटेरियल से बनी है. इसके कुछ पुर्जे 3D-प्रिंटिंग तकनीक का इस्तेमाल करके बनाए गए हैं. इसमें लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सेंट पीटर्सबर्ग स्थित PLAZ LLC कंपनी ने तैयार किया है. यही कंपनी रूस के 'गेरान-2'ड्रोन वेरिएंट्स की 'गारपिया' सीरीज के लिए भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाती है.

एयर डिफेंस के लिए फिलिन की रफ्तार चुनौती कैसे?

'द कीव इंडिपेंडेंट' के मुताबिक, HUR का कहना है कि फिलिन बहुत कम ऊंचाई पर उड़ान भर सकती है या 6 किलोमीटर तक की ऊंचाई तक जा सकती है. इसकी मैक्सिमम स्पीड 800 किमी/घंटा बताई गई है, जो इसे धीमी रफ्तार वाले अटैक ड्रोन की तुलना में रोकना कहीं ज्यादा मुश्किल बना सकती है.

अलग-अलग ऊंचाइयों पर काम करने की इसकी ताकत एयर डिफेंस सिस्टम के लिए एक और चुनौती है. बेस्क्रेस्टनोव ने बताया कि फिलिन रूस के मौजूदा टर्बोजेट-ऑपरेटेड ड्रोनों की तुलना में ज्यादा तेजी से उड़ सकता है और बेहतर तरीके से पैंतरेबाजी (मैन्यूवर) कर सकती है.साथ ही यह ज्यादा भारी पेलोड भी ले जा सकती है. उन्होंने बताया कि कुछ मिसाइलों को हेलीकॉप्टरों और UAVs से लॉन्च किया जा सकता है, जिसके लिए किसी स्पेशल ड्रोन लॉन्च फैसिलिटी की जरूरत नहीं होती है.

यूक्रेन को फिलिन ​​के अंदर क्या मिला?

HUR ने मिसाइल के ऑनबोर्ड इलेक्ट्रॉनिक्स में अमेरिका में बने 35 पुर्जों और चीन में बने पुर्जों की नॉर्मल से ज्यादा मात्रा की पहचान की है. खुफिया एजेंसी ने बताया कि 'फिलिन' के इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे बाकी रूसी मिसाइलों में पाए जाने वाले पुर्जों जैसे ही हैं, लेकिन इसमें चीन में बने पुर्जों की मौजूदगी काफी ज्यादा है. इन पुर्जों में अमेरिका में बने 35 हिस्से, चीन में बने 22 हिस्से,  जापान, स्विट्जरलैंड, ताइवान और नीदरलैंड के 13 पुर्जे शामिल हैं.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES