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Druglord का होगा Endgame: कबड्डी के मैदान से क्राइम वर्ल्ड तक गोल्डी ने लिखा खूनी इतिहास, अब नहीं छोड़ेगा US

अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ पर 10 लाख डॉलर यानी करीब 10 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की है. 'ऑपरेशन हार्डबॉल' के तहत अमेरिका और कनाडा में उसके संगठित अपराध नेटवर्क को खत्म करने की कार्रवाई शुरू हो गई है. जानिए उसकी क्राइम कुंडली.

Written By Rachit Kumar
Published: Sep 29, 2026, 01:31 PM IST | Updated: Sep 29, 2026, 03:10 PM IST
Image Credit: गोल्डी बराड़ को पकड़ने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है.
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सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़. 32 साल का ये कुख्यात गैंगस्टर अमेरिका, कनाडा और यूरोप से लेकर भारत तक दशहत का दूसरा नाम बन चुका है. अमेरिका में बैठकर ये ना सिर्फ बड़ा क्रिमिनल नेटवर्क चलाता है, बल्कि हथियारों से लेकर मानव तस्करी के भी आरोप लगे हैं. लेकिन अब अमेरिका में गोल्डी बराड़ की खैर नहीं. अमेरिकी जांच एजेंसियां 10 करोड़ रुपये के इनाम के साथ गोल्डी बराड़ और पूरे गैंग के खिलाफ एक्टिव हो गई हैं. 

एफबीआई ने गोल्डी पर जिस तरह के संगीन आरोपों की डिटेल जारी की है, उसे सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे. एक स्टूडेंट लीडर से कैसे इतना बड़ा गैंगलॉर्ड बन गया गोल्डी बराड़, ये आपको बताएंगे, लेकिन पहले आपको यूएस के ऑपरेशन के बारे में बताते हैं.

गोल्डी के ठिकानों पर एक्शन शुरू

दुनिया की सबसे तेज-तर्रार जांच एजेंसियों में से एक अमेरिका की FBI का ऑपरेशन हार्ड बॉल अब गोल्डी बराड़ के ठिकानों पर शुरू हो गया है. ये अमेरिकी एजेंसी का वो ऑपरेशन है, जिसने अमेरिका से ऑपरेट कर रहे दर्जनों अपराधियों और स्मग्लर्स को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. अब वही ऑपरेशन अमेरिका की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में आने के बाद गोल्डी बराड़ के खिलाफ एक्टिव हो चुका है.

गोल्डी बराड़ के खिलाफ अमेरिका में इस ऑपरेशन और 10 करोड़ इनाम का मतलब है, एफबीआई के पास उसकी पूरी क्राइम कुंडली पहुंच चुकी है. अब बस इस कुख्यात गैंगस्टर के ठिकाने की सुराग मिलने भर की देर है.

गोल्डी के बारे में एफबीआई के पास जो सूचना है, उसके मुताबिक उत्तरी अमेरिका के किसी सीक्रेट ठिकाने से ऑपरेट कर रहा है. पहले वो लॉरेन्स गैंग का हिस्सा था, अब वो अपना गैंग खुद चला रहा है.

एफबीआई के असिस्टेंट डायरेक्टर पैट्रिक ग्रैंडी ने कहा, 'आज FBI सतिंदरजीत सिंह, उर्फ गोल्डी बराड़ के बारे में सूचना देने के लिए 10 लाख डॉलर के इनाम की घोषणा करती है. गोल्डी का नाम आज अमेरिका के टॉप-10 भगोड़े और कुख्यात गैंगस्टर्स की लिस्ट में शामिल किया गया है. ये इनाम गोल्डी के साथ उसके साथी अपराधियों पर भी है. इसके पोस्टर लगाए जा रहे हैं.'

FBI के मुताबिक, सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ अमेरिका में बैठकर लॉरेंस बिश्नोई के सिंडिकेट का कामकाज संभालता है. यह गैंग अमेरिका, कनाडा और भारत समेत कई देशों में हत्या, रंगदारी, फिरौती और ड्रग्स के अवैध कारोबार जैसी वारदातों को अंजाम देता रहा है.

1 जुलाई को जारी किया वॉरंट

अमेरिका में किये आपराधिक मामले की गंभीरता को देखते हुए लॉस एंजेलिस कोर्ट ने उसके खिलाफ पिछले साल 1 जुलाई को गिरफ्तारी वॉरंट भी जारी किया था. अब गोल्डी अमेरिका की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल होने वाला 543वां भगोड़ा बन चुका है. उसमें भी टॉप-10 लिस्ट में.

फिलहाल गोल्डी बराड़ फरार है. उसकी तलाश के लिए अमेरिकी एजेंसियां जुटी हुई हैं. गोल्डी की तलाश में 10 लाख डॉलर यानी करीब 10 करोड़ रुपये का इनाम निर्णायक हो सकता है.

गोल्डी बराड़ के खिलाफ एफबीआई का एक्शन जुलाई 2026 से ही शुरू हो गया था. जब उसने 'ऑपरेशन हार्डबॉल' शुरू किया. इसके तहत भारत से जुड़े तीन बड़े आपराधिक गिरोहों के 37 लोगों के खिलाफ आरोप सार्वजनिक किए गए थे, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के गुर्गे भी शामिल थे. FBI के मुताबिक, गोल्डी बराड़ का पूरा गैंग उत्तरी अमेरिका में आपराधिक नेटवर्क चलता है. ये गैंग कॉन्ट्रैक्ट किलिंग करता है, गोलीबारी कर और लोगों को डरा-धमकाकर वसूली करता है. ये सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और अदालत में कानूनी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है. लेकिन 10 करोड़ की इनामी राशि बताती है, एफबीआई को गोल्डी बराड़ के खिलाफ ठोस सबूत हाथ लग चुके हैं.

क्या बोले एफबीआई के अफसर

गोल्डी बराड़ अमेरिका में छिपा बैठा है, ये एफबीआई को पुख्ता पता है. क्योंकि एफबीआई के असिस्टेंट डायरेक्टर पैट्रिक ग्रैंडी इस बात को जोर देकर मीडिया के सामने बताते नजर आए. उन्होंने कहा, 'गोल्डी बराड़ अमेरिका के किसी ठिकाने से ऑपरेट करता है और पूरे उत्तरी अमेरिका में क्रिमिनल नेटवर्क चलाता है. लॉस एंजेलिस कोर्ट ने कानून तोड़ने के कई मामलों में आरोप भी तय किए हैं. लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह से उनका संबंध, टारगेट किलिंग, जबरन वसूली, नशीले पदार्थों की तस्करी आदि शामिल हैं.'

तो अब सोचिए, 10 करोड़ रुपये के इनाम के बाद और ऑपरेशन हार्ड बॉल के एक्शन के बाद ये कुख्यात गैंगस्टर कितने दिनों तक बचेगा?

और जिस दिन ऐसा हुआ, गोल्डी बराड़ जिस दिन एफबीआई के हत्थे चढ़ा, उस दिन पूरे अमेरिका में इंटरनेशनल क्रिमिनल नेटवर्क की धज्जियां उड़ जाएंगी. क्योंकि गोल्डी बराड़ उसके गुर्गे छिपे जरूर अमेरिका में हैं, लेकिन उनकी दहशत भारत तक है.

क्राइम वर्ल्ड में कैसे हुई गोल्डी बराड़ की एंट्री

अपराध की दुनिया में गोल्डी बराड़ की कहानी लॉरेंस बिश्नोई के साथ शुरू होती है. तब ये दोनों पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे. गोल्डी इससे पहले स्टेट लेवल का कबड्डी प्लेयर था. लेकिन लॉरेन्स विश्नोई के संपर्क में आने के बाद पूरी अपराध कथा बदल गई. 2010 में जब गोल्डी बराड़ पंजाब यूनिवर्सिटी आया, तब लॉरेंस बिश्नोई लॉरेंस छात्र राजनीति का बड़ा चेहरा था और गोल्डी के चचेरे भाई गुरलाल बराड़ का अच्छा मित्र था. गुरलाल के जरिए दोनों मिले और काफी करीब हो गए. लॉरेंस और उसके गैंग के साथ मिलकर कॉलेज और चंडीगढ़ में कई वारदातें की गईं.

2020 तक यूनिवर्सिटी के बाहर नहीं जानता था कोई

यह सिलसिला करीब 2020 तक चला. तब तक गोल्डी को यूनिवर्सिटी से बाहर कोई नहीं जानता था.
इसके बाद गोल्डी बराड़ के चचेरे भाई गुरलाल की 11 अक्टूबर 2020 को इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एक क्लब के बाहर देर रात गोलियां मारकर हत्या कर दी गई. तब गुरलाल पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) का बड़ा छात्र नेता था. इस हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस के एंटी चल रहे बंबीहा गैंग ने ली थी. इसके बाद गोल्डी ने गैंगवॉर में कदम रखा. गुरलाल की मौत के बाद लॉरेंस ने एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उसने लिखा था कि अब से नई जंग की शुरुआत होगी. इसके बाद गोल्डी ने चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में बंबीहा और बंबीहा गैंग के साथ चलने वाले कई गैंगस्टरों की हत्या करवाई.

पिता ने भेजा था कनाडा

हालांकि, उन हत्याओं में गोल्डी खुद सामने नहीं आया था, मगर उसका नाम पंजाब पुलिस की जांच में सामने आ गया था. इन सभी तथ्यों के बारे में गोल्डी के पिता को पता चल गया, क्योंकि वह पंजाब पुलिस में ही कार्यरत थे. गोल्डी बराड़ के पिता शमशेर सिंह पंजाब पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर थे. उन्हें जब गोल्डी के गैंगवॉर में शामिल होने का पता चला, तो उन्होंने बेटे को सुरक्षित रखने के लिए कनाडा भेज दिया. ये साल 2021 की बात है, जब गोल्डी स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गया. लेकिन कनाडा पहुंचते ही गोल्डी ने अपना खेल शुरू कर दिया. गोल्डी ने कनाडा पहुंचकर लॉरेंस से संपर्क किया और उसका सारा गैंग खुद चलाना शुरू किया. गोल्डी का नाम सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद चर्चा में आ गया.

मूसेवाला की हत्या में आया नाम

पंजाब के मनसा जिले में जिस तरह से मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की गई, इसने लॉरेस बिश्नोई और खासतौर पर गोल्डी बराड़ को नए सिरे चर्चा में ला दिया. ये हत्या मनसा जिले के जवाहरके गांव के पास की गई थी. हमले में करीब 6 शूटरों ने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला पर दनादन गोलियां बरसाईं, जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

मोहाली में मिड्डूखेड़ा की हत्या में शामिल लोगों को मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत सिंह ने रहने की जगह मुहैया करवाई थी. जब मूसेवाला को पता चला कि लॉरेंस गैंग शगनप्रीत को टारगेट कर रहा था तो उसने अपने मैनेजर को ऑस्ट्रेलिया भेज दिया. इसके चलते सिद्धू की हत्या करवाई.

इस हत्या के बाद तो गोल्डी बराड़ पंजाब में खूनी खेल पर उतारू हो गया. साल 2022 के अंत में डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह कटारिया की हत्या हुई. इसकी भी जिम्मेदारी गोल्डी ने ली. पंजाब के मुक्तसर के मलौट में रणजीत सिंह उर्फ राणा सिद्धू की हत्या में भी गोल्डी बराड़ शामिल था. 

अपराधों की लंबी है फेहरिस्त

हरियाणा में बंबीहा और कौशल गैंग के कई शूटरों की हत्या गोल्डी बराड़ ने करवाई. यह सिलसिला करीब 20 हत्याओं तक पहुंचा. 5 दिसंबर 2023 को राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की घर में घुसकर हत्या करवा दी गई. इसके बाद फ्रांस के इंटरपोल सेक्रेटेरिएट जनरल ने 12 दिसंबर 2022 को गोल्डी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस और गैर-जमानती वॉरंट जारी किया. लेकिन गोल्डी यहीं नहीं रुका.

गोल्डी ने एक निजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि उसका गैंग बॉलीवुड एक्टर सलमान खान को जरूर मारेगा. जब भी मौका मिलेगा, उसे मार देंगे. गोल्डी ने कहा कि सलमान को मारने का ऑर्डर बड़े भाई, यानी लॉरेंस बिश्नोई ने दिया है. गोल्डी ने कनाडा में पंजाबी सिंगर गिप्पी ग्रेवाल के घर पर गोल्डी बराड़ ने फायरिंग करवाई थी. गिप्पी की सलमान खान के साथ फोटो वायरल हुई थी. इसके बाद गोल्डी ने कनाडा स्थित गिप्पी के घर पर फायरिंग करवाई.

गोल्डी की हिस्ट्रीशीट को देखते हुए केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने 2 साल पहले UAPA के तहत आतंकी घोषित कर दिया है. अब अमेरिका में उसके खिलाफ 10 करोड़ का इनाम और एफबीआई का स्पेशल ऑपरेशन. गोल्डी का बचना अब नामुमकिन है.

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About the Author

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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