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12 महीने में 4 ट्रांसफर...मध्य प्रदेश में IAS नेहा मारव्या के मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है. आईएएस अधिकारी नेहा मारव्या के बार-बार हो रहे ट्रांसफर पर कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने सीएम मोहन यादव को पत्र लिखकर कई सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने पत्र में लिखा कि IAS नेहा मारव्या का 12 महीने में चार बार ट्रांसफर किया गया है. उन्होंने दावा किया है कि इससे पहले नेहा मारव्या ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास के अंतर्गत आजीविका मिशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में काम किया था, जहां पर IAS ललित मोहन बेलवाल के भ्रष्टाचार की जांच की गई थी.
इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार की जांच से प्रभावित होकर नेहा मारव्या का तबादला पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से राजस्व विभाग में कर दिया गया. वहां पर सीनियर अधिकारियों ने उन्हें कोई काम नहीं दिया. इसके बाद उन्हें करीब 8 महीने पहले 2025 में डिंडोरी का कलेक्टर बनाया गया, लेकिन एक साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही कलेक्टर पद से हटा दिया गया. विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि ईमानदार अधिकारियों को इस तरह से परेशान किया जाना उचित नहीं है. उन्होंने सीएम से सवाल पूछते हुए लिखा कि क्या 12 महीने में चार बार ट्रांसफर और 8 महीने में कलेक्टरी से हटाना ईमानदार अधिकारियों को हतोत्साहित करने का प्रयास नहीं है?
कांग्रेस विधायक ने उठाए सवाल
विधायक ने कहा कि IAS अधिकारी नेहा मारव्या की जहां-जहां पोस्टिंग हुई है, वहां पर उन्होंने भ्रष्टाचार को फलने-फूलने नहीं दिया. बरैया ने कहा कि इसी ईमानदारी के चलते उनके लगातार तबादले किए जा रहे हैं. या फिर उन्हें सुनियोजित तरीके से परेशान किया जा रहा है. विधायक फूल सिंह बरैया ने यह भी लिखा है कि प्रदेश लगतार भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है. उनकी पार्टी के कई विधायक प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार के संबंध में आवाज उठाते रहे हैं. उन्होंने सीएम से अपील करते हुए लिखा है कि नेहा मारव्या जैसी ईमानदारी IAS अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाए.
एसोसिएशन ग्रुप में बताई पीड़ा
दरअसल, IAS अधिकारी नेहा मारव्या ने खुद IAS एसोसिएशन के WhatsApp ग्रुप पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए एक मैसेज लिखा है. उन्होंने उस मैसेज में लिखा है कि, मैं 5 सितंबर 2026 की जारी तबादला सूची देखकर बहुत परेशान हूं, जिसमें एक बार फिर मेरा नाम शामिल है. उन्होंने लिखा कि, ज्वाइन करने के महज 50 दिनों के अंदर मेरा ट्रांसफर कर दिया गया. एक साल में यह चौथी बार ट्रांसफर सूची में नाम शामिल है. उन्होंने ग्रुप में लिखा है कि मैं यहां पर अपनी नाराजगी और परेशानी के बारे में बताना चाहती हूं. उन्होंने लिखा कि उम्मीद है कि मेरी समस्या का कोई समाधान निकाला जाएगा.
हमेशा सरकार के आदेश माने
IAS अधिकारी नेहा मारव्या ने लिखा है कि, मैं पूरी तरह समझती हूं कि एक आईएएस अधिकारी होने के नाते मुझे राज्य सरकार जहां भी काम करने के लिए कहे, वहां अपनी जिम्मेदारी निभानी होती है. मैंने हमेशा सरकार के आदेशों को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया है. लेकिन इस बार मैं खुद को बेहद हतोत्साहित महसूस कर रही हूं. मेरा तबादला इसलिए किया जा रहा है क्योंकि मेरे अधीनस्थ कर्मचारी, जिनकी नियुक्ति मेरे साथ नहीं बल्कि विभाग के साथ है, उन्होंने मेरे खिलाफ बगावत जैसी स्थिति पैदा कर दी. वे मेरी मेज पर फाइलें पटकते हुए मुझे तबादला करवाने की धमकी दे रहे थे.
'कार्रवाई के बजाय मेरा ट्रांसफर'
इसके अलावा, उन्होंने यह भी लिखा कि, मैंने अधीनस्थ कर्मचारियों की इस अनुशासनहीनता, फाइलों को रोकने और विभाग में मेरे साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार की शिकायत उचित माध्यम से की थी. मुझे उम्मीद थी कि इस मामले में जरूरी कार्रवाई की जाएगी. लेकिन कार्रवाई करने के बजाय मेरा ही तबादला कर दिया गया. अब सवाल यह है कि इससे क्या संदेश जाएगा? क्या एक आईएएस अधिकारी इतना कमजोर है कि उसके अधीनस्थ कर्मचारी एकजुट होकर उसके खिलाफ बगावत करें और उसका तबादला करवा दें? उन्होंने लिखा कि, आखिर मैंने ऐसा क्या कर दिया कि ज्वाइन करने के एक महीने के भीतर ही मेरे अधीनस्थ कर्मचारियों ने मेरे खिलाफ बगावत कर दी? मुझे नहीं लगता कि कोई भी आईएएस अधिकारी ज्वाइन करने के एक महीने के भीतर ऐसा कुछ कर सकता है, जिससे उसके अधीनस्थ इस स्तर पर उसके खिलाफ खड़े हो जाएं.
कौन हैं IAS नेहा मारव्या सिंह ?
1. नेहा मारव्या सिंह 2011 बैच की IAS अधिकारी हैं.
2. CSE-2010 में ऑल इंडिया रैंक 100 हासिल की थी.
3. उन्हें मध्य प्रदेश कैडर आवंटित किया गया था.
4. उन्होंने MNNIT इलाहाबाद से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है.
5. बीटेक के बाद UPSC की तैयारी शुरू की और सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की.
6. UPSC फाइनल रिजल्ट में उन्हें कुल 1224 अंक मिले थे.
7. IAS बनने के करीब 14 साल बाद 29 जनवरी 2025 को पहली बार कलेक्टर बनीं.
8. उन्हें डिंडोरी जिले का कलेक्टर बनाया गया था.
9. डिंडोरी कलेक्टर से एक साल होने से पहले ही हटा दिया गया.
10. उनका 12 महीने में 4 बार ट्रांसफर हुआ है.