)
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बड़ौदा पुलिस स्टेशन इलाके के गलमान्या गांव में जहरीले सांप के काटने से दो छोटी बहनों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान 4 साल की पूर्ति बैरवा और 8 महीने की मीनाक्षी बैरवा के रुप में हुई है. दो छोटी बेटियों की एक साथ मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया और वे गम में डूब गए. वहीं थाना प्रभारी ने कहा कि आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के नतीजों के आधार पर की जाएगी.
घर में सो रही दो बहनों को सांप ने डसा
परिजनों के अनुसार, यह घटना 27 सितंबर की देर रात रात 10 से 11 बजे के बीच हुई, जब परिवार के सदस्य सो रहे थे. सबसे पहले सांप ने चार साल की पूर्ति को काटा. बच्ची के रोने पर परिवार वाले जाग गए. इसी बीच, सांप ने पास ही सो रही आठ महीने की मीनाक्षी को भी काट लिया. परिवार के सदस्यों ने सांप को भगाने और दोनों बच्चों की देखभाल करने की कोशिश की. हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. दो मासूम बेटियों की एक साथ मौत की खबर सुनकर परिवार गम और मातम में डूब गया.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी कार्रवाई
बड़ौदा थाना प्रभारी रामनिवास नागर के अनुसार, अपनी मां के पास सोते समय जहरीले सांप के काटने से दोनों बच्चियों की मौत हो गई. परिवार से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने शवों को अपने कब्ज़े में लिया, उनका पोस्टमार्टम करवाया और बाद में शव परिजनों को सौंप दिए. थाना प्रभारी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
बता दें कि मध्य प्रदेश में सांप के काटने की यह कोई पहली घटना नहीं है. राज्य के अलग-अलग जिलों से पहले भी ऐसे कई दुखद और चौंकाने वाले मामले सामने आ चुके हैं. श्योपुर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों को रात में सोते समय सांप ने काट लिया था. समय पर इलाज न मिल पाने के कारण तीनों की मौत हो गई थी. वहीं शहडोल में सांप के काटने के बाद एक व्यक्ति डॉक्टर को दिखाने के लिए ज़िंदा सांप को हाथ में लेकर अस्पताल पहुंचा था, जिससे वहां हड़कंप मच गया था.
राज्य में बार-बार होने वाली ये घटनाएं बताती हैं कि बारिश और उमस भरे मौसम में ग्रामीण इलाकों में जहरीले जीवों से कितना ज्यादा खतरा होता है. लोगों में जागरूकता की कमी, अंधविश्वास और समय पर एंटी-वेनम इलाज न मिल पाना ही सांप के काटने से होने वाली मौतों की मुख्य वजहें हैं. सांप के काटने के बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों या झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना ही जान बचाने का एकमात्र तरीका है.