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मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है. बुधवार को जिले के अलग-अलग स्थानों पर दो सगी बहनों ने अपने बच्चों के साथ कुएं में कूदकर अपनी जान दे दी. सामूहिक आत्महत्या की इन दो अलग-अलग घटनाओं में कुल छह लोगों की दुखद मौत हो गई. पुलिस फिलहाल दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है.
मिली जानकारी के अनुसार, पहली घटना बैराड़ थाना क्षेत्र के गूंगरगांव की है, जहां अंजलि रावत नाम की एक महिला, जो आठ महीने की गर्भवती थी और अपने पति की मौत के सदमे में थी, अपने 6 साल के बेटे के साथ कुएं में कूद गई. इस हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. दूसरी घटना कोलारस थाना क्षेत्र के खोंकर गांव में हुई, जब छोटी बहन अंजलि और उसके बेटे की मौत की खबर उसकी बड़ी बहन सीता रावत को मिली, तो वह इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सकीं. बड़ी बहन सीता ने भी मानसिक तनाव के चलते अपने तीन मासूम बच्चों के साथ कुएं में छलांग लगा दी. इस घटना में कुल 6 लोगों की मौत हो गई.
एक ही दिन दो बहनों और चार बच्चों की मौत से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है. पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर लिए हैं और आगे की कानूनी व तथ्यात्मक जांच कर रही है.
इस बीच, पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मेनहा गांव में 11 साल की एक बच्ची फंदे से लटकी हुई मिली. इस घटना के पीछे का कारण अभी पता नहीं चल पाया है. इस खबर के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. मिली जानकारी के अनुसार, 11 साल की सरस्वती प्रजापति चंद्र ज्योति विद्या मंदिर में छठी कक्षा की छात्रा थी.
बच्ची के पिता ब्रजेश प्रजापति ने बताया कि वह रोज की तरह सुबह करीब 9:30 बजे अपने ऑटो-रिक्शा के साथ घर से निकले थे. उनकी बेटी यह कहकर घर से निकली थी कि वह स्कूल जा रही है, जबकि उनकी पत्नी पानी लेने बाहर गई थीं. पिता के अनुसार, उनकी पत्नी सुबह करीब 11:30 बजे उस जगह पहुंचीं जहां गायें रखी जाती हैं, और वहां उन्होंने अपनी बेटी को फंदे से लटका हुआ पाया. इस घटना का पता चलते ही परिवार में कोहराम मच गया. घटना के पीछे का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. फिलहाल मामले की जांच चल रही है.
पूनम पुरोहित की रिपोर्ट