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मध्य प्रदेश के शाजापुर की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म मामले में पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. सजा पाने वालों में 4 पुरुष और एक महिला शामिल बताई जा रही है. कोर्ट ने महिला आरोपी को भी अपराध में साथ देने और सहयोगी मानते हुए दोषी ठहराया है. इन सभी आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास और आर्थिक दंड भी लगाया गया है.
दरअसल, यह मामला शाजापुर जिले के शुजालपुर मंडी थाने का है. 26 जून 2025 को एक पीड़िता के पिता ने अपनी नाबालिग बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उसके बाद जांच में पता चला था कि आरोपियों ने नाबालिग को चाकू दिखाकर जबरन एक पिकअप वाहन में बैठाकर एक ढाबे में लेकर गए. जहां तलघर में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था. इस केस में शाजापुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने जांच, सबूत के आधार पर आरोपियों को दोषी करार दिया है.
1. मयंक उर्फ गोलू विश्वकर्मा
2. शाहदत उर्फ राजा
3. अनस उर्फ अनीस खां
4. दुर्गेश राठौर
5. सुनीता राठौर
जिला अभियोजन अधिकारी प्रदीप भटेले ने बताया कि 26 जून 2025 को पीड़िता के पिता ने शुजालपुर मंडी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस ने तलाश के दौरान 30 जून 2025 को पीड़िता को बरामद किया. महिला पुलिस अधिकारियों के सामने दिए गए बयान में पीड़िता ने बताया कि 25 जून की रात करीब 11 से 12 बजे वह घर से निकलकर पैदल अकोदिया नाके से फुलेन गांव की तरफ जा रही थी. इसी दौरान पीछे से एक पिकअप वाहन आया, जिसमें दो युवक सवार थे.
पुलिस के सामने पीड़िता ने आगे बताया था कि वाहन से उतरे मयंक उर्फ गोलू ने चाकू दिखाकर खुद को अकोदिया का डॉन बताया. उसके बाद फिर पीड़िता को पिकअप में बैठने के लिए मजबूर किया. वाहन को शाहदत उर्फ राजा चला रहा था. इसके बाद मयंक ने मोबाइल से अनस उर्फ अनीस को फोन कर ऑटो रिक्शा बुलाया. पीड़िता को पिकअप से उतारकर ऑटो में बैठाया गया और मेवाड़ा ढाबेपर ले जाया गया. वहीं चाकू दिखाकर ढाबे का ताला खुलवाने का प्रयास किया गया. बाद में ढाबा मालिक को फोन कर बुलाया और ताला खुलवाया गया.
पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने उसे ढाबे के तलघर में ले जाकर मंयक, राजा, अनीस ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. इसके बाद तीनों उसे ऑटो रिक्शा से शाजापुर लेकर पहुंचे और मयंक मौसी सुनीता राठौर के घर ले गए. वहां मयंक ने सुनीता से कहा कि उसके घर में रहने वाले दुर्गेश की शादी नहीं हो रही है, इसलिए वे एक लड़की लेकर आए हैं. उससे दुर्गेश की शादी करवा दी जाए.
इसके बाद दुर्गेश ने भी पीड़िता को दो दिन तक अपनी पत्नी बनाकर रखने के नाम पर उसके साथ दुष्कर्म किया. बाद में दुर्गेश और उसकी मां सुनीता पीड़िता को अकोदिया स्थित मयंक के घर छोड़ने गए. वहां से मयंक, उसकी पत्नी और दुर्गेश पीड़िता को ट्रेन से इंदौर लेकर गए. जहां किराए के कमरे पर भी मयंक और दुर्गेश ने उसके साथ दुष्कर्म किया. बाद में मयंक की पत्नी ने पीड़िता को सारंगपुर जाने वाली बस में बैठा दिया. सारंगपुर स अकोदिया पहुंचने पर सूचना मिलने के बाद शुजालपुर पुलिस उसे लेने के लिए पहुंची.
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कोर्ट ने मयंक उर्फ गोलू, शाहदत उर्फ राजा और अनस उर्फ अनीस को धारा 70 (2) BNS और पॉक्सो एक्ट की धारा 5 (G)(H)/6 समेत एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(वी) में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके अलावा, अलग-अलग धाराओं में 20 वर्ष, 10 वर्ष, 7 वर्ष, 6 माह और 5 वर्ष तक के कठोर कारावास और आर्थिक दंड की भी सजा सुनाई है.
आरोपी दुर्गेश राठौर को धारा 64(2)(M) BNS एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 5(L)/6 समेत एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2) (वी) में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. वहीं आरोपी सुनीता राठौर को धारा 142 BNS में 7 साल का कारावास, पॉक्सो एक्ट की धारा 16/17 में 20 साल का कठोर कारावास और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(वी) में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. सभी आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में अर्थदंड भी लगाया गया.
(रिपोर्टः मनोज जैन, शाजापुर)