सागर जहरीली शराबकांड: मुख्य आरोपी मनीष लोधी और साथी आशीष साहू का शॉर्ट एनकाउंटर, पैर में लगी गोली
Sagar Poisonous Liquor Case: जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी मनीष लोधी और उसके साथी आशीष साहू के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई. इसमें दोनों बदमाश घायल हो गए। पुलिस ने मौके से दो देसी कट्टे बरामद किए हैं. दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
मध्य प्रदेश के सागर जिले के चर्चित बंडा जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर और उसके साथी आशीष साहू का पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर कर दिया है. आज सुबह करीब 3 बजे मालथौन थाना क्षेत्र के नोनिया सेसई रोड घाटी के पास पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें मनीष लोधी के पैर में गोली लगी है. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. बता दें कि मनीष लोधी पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था.
मनीष लोधी और साथी आशीष साहू का शॉर्ट एनकाउंटर
दरअसल, सागर पुलिस को खबर मिली थी कि मुख्य आरोपी अपने एक साथी के साथ नोनिया-सेसई रोड के घाटी इलाके में मौजूद है. जब पुलिस टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ने की कोशिश की, तो मनीष लोधी और उसके साथी आशीष साहू ने गिरफ्तारी से बचने के लिए फायरिंग शुरू कर दी. आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मनीष लोधी के पैर में गोली लगी. वहीं, भागने की कोशिश में उसका साथी आशीष साहू भी घायल हो गया.
अवैध हथियार और बेसबॉल डंडा भी जब्त
मुठभेड़ के तुरंत बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और उन्हें इलाज के लिए पास के अस्पताल पहुंचाया. मौके से पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 02 देशी कट्टे, 05 जिंदा कारतूस और 01 बेसबॉल डंडा जब्त किया है. फिलहाल, घटनास्थल पर सबूत इकट्ठा करने और आगे की कानूनी जांच की प्रक्रिया चल रही है.
फरार चल रहा था मुख्य आरोपी मनीष लोधी
बता दें कि मुख्य आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर पुलिस रिकॉर्ड में फरार चल रहा था. उस पर इनाम घोषित था, फिर भी उसके बैंक खाते से लेन-देन जारी था. FIR और इनाम के बाद भी 11, 14 और 15 सितंबर को उसके अकाउंट से 3 बार में 7.95 लाख रुपये निकाले गए. जानकारी के मुताबिक, बंडा स्थित निजी बैंक के खाते से 11 सितंबर को 1 लाख, 14 सितंबर को 6.70 लाख और 15 सितंबर को 25 हजार रुपये सेल्फ चेक से निकले. सवाल उठ रहा है कि आरोपी फरार है तो बैंक में सेल्फ चेक लेकर कौन पहुंचा और पैसे कैसे निकल गए. जांच में पता चला है कि आरोपी शराब के कारोबार के लिए किसान गोल्ड कार्ड वाले खाते का इस्तेमाल कर रहा था.
₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता
इस बीच, राज्य सरकार ने मंगलवार को हाई कोर्ट में जहरीली शराब से हुई मौतों के बारे में विस्तृत जवाब दाखिल किया. सरकार ने कोर्ट को बताया कि इस घटना में कई लोगों की मौत हुई है और मृतकों के परिवारों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता दी गई है. इस मामले की न्यायिक जांच के लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस वीपीएस चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया गया है.