चुनाव आयोग (ECI) ने मध्य प्रदेश की एक राज्यसभा सीट पर उपचुनाव कराने के लिए तारीख का ऐलान कर दिया है और इसके लिए 12 नवंबर को मतदान होगा. पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट के लिए तारीख की घोषणा होते ही उम्मीदवार के नाम को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी है. इस बीच चर्चा है कि एल. मुरुगन की सीट पर फिर कोई बाहरी राज्यसभा जा सकता है. हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब तक नामों की घोषणा नहीं की है और फाइनल प्रत्याशी का नाम दिल्ली से ही तय होगा.
मध्य प्रदेश से राज्यसभा जाने को लेकर चार नेताओं के नाम की चर्चा तेज है. इसमें पूर्व IAS एसके संधू, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और तमिलनाडु से वानती श्रीनिवासन रेस में सबसे आगे है. इसके अलावा मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया को भी राज्यसभा भेजे जाने की संभावना है. तो चलिए आपको बताते हैं कि राज्यसभा चुनाव के लिए कौन उम्मीदवार हो सकता है और उम्मीदवार बनाए जाने का क्या आधार हो सकता है.
एसके संधू साल 1987 बैच के पंजाब कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं. प्रशासनिक सेवा के दौरान एसके संधू के पास विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने का लंबा अनुभव है. अगले साल पंजाब में होने वाले चुनाव और शीर्ष स्तर पर प्रशासनिक अनुभव के अलावा सांगठनिक समन्वय को साधने के लिए इन्हें एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प माना जा रहा है.
हरदीप सिंह पुरी वर्तमान में केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय संभाल रहे हैं. पुरी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं और इस साल नवंबर में उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है. ऐसे में उनके मंत्री पद को बरकरार रखने के लिए राज्यसभा की सदस्यता अनिवार्य है. हरदीप सिंह पुरी भारतीय विदेश सेवा (IFS) के पूर्व अधिकारी रहे हैं और मोदी सरकार में कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. हरदीप सिंह पुरी की राजनीति में मजबूत पकड़, वैश्विक कूटनीति और प्रशासनिक विशेषज्ञता के कारण पार्टी उन्हें संसद में बनाए रखना चाहती है.
वानती श्रीनिवासन भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महिला मोर्चा की अध्यक्ष और तमिलनाडु की फायरब्रांड नेता हैं. कोयम्बटूर दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक रह चुकी हैं और पार्टी में संगठन स्तर पर लंबे समय से सक्रिय हैं. तमिलनाडु समेत दक्षिण भारतीय राज्यों में पार्टी के सांगठनिक आधार को मजबूत करने और राष्ट्रीय स्तर पर महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की रणनीति के तहत पार्टी उन्हें राज्यसभा भेज सकती है. यह सीट एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई है और वो तमिलनाडु से आते हैं, तो ऐसे में वानती श्रीनिवासन का दावा मजबूत हो सकता है.
अरविंद सिंह भदौरिया मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं. संघ पृष्ठभूमि से आने वाले अरविंद सिंह भदौरिया की मध्य प्रदेश की राजनीति के साथ-साथ पार्टी संगठन के विभिन्न चुनावों और रणनीतियों में सक्रिय भूमिका रही है. पार्टी संगठन और पूर्व मंत्री के रूप में उनके अनुभव के अलावा चंबल क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत करने में मकसद से उन्हें मौका दिया जा सकता है. इसके अलावा मध्य प्रदेश के ही किसी नेता को मौका देने की मांग के तहत उनका नाम सबसे आगे चल रहा है.
डॉ. एल मुरुगन ने 14 अक्टूबर को इस्तीफा दिया था, जबकि उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक था. इसी खाली सीट को भरने के लिए अब उपचुनाव कराया जा रहा हा है, जिसके लिए चुनाव आयोग ने चुनाव का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है. इसके लिए 26 अक्टूबर को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा और नामांकन की आखिरी तारीख 2 नवंबर है. नामांकन पत्रों की जांच 3 नवंबर को होगी और नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 5 नवंबर है. अगर जरूरत पड़ी तो 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और वोटों की गिनती उसी दिन शाम 5 बजे होगी. चुनाव पूरा होने की आखिरी तारीख 16 नवंबर तय की गई है.
चुनाव आयोग ने एक सीट पर राज्यसभा चुनाव के तारीख का ऐलान करने के साथ ही मतदान प्रक्रिया को लेकर भी कुछ अहम निर्देश दिए हैं. आयोग ने कहा है कि बैलेट पेपर पर वरीयता अंकित करने के लिए सिर्फ बैंगनी रंग का स्केच पेन ही इस्तेमाल किया जाएगा. यह पेन रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा दिया जाएगा और पहले से तय मानक का होगा. इसके अलावा किसी भी अन्य पेन का इस्तेमाल किसी भी हालत में नहीं किया जा सकेगा. (इनपुट- न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस)