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मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है. दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई से ठीक पहले राज्य में बारिश का एक आखिरी और जबरदस्त दौर शुरू होने की उम्मीद है. मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है. इसके 21 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक 'डिप्रेशन' में बदलने और 22 सितंबर को और मजबूत होने की संभावना है. इस मानसून सिस्टम का असर मध्य प्रदेश में 23 सितंबर से महसूस होने लगेगा और 24 सितंबर से कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है, जिनमें छतरपुर, सतना, दमोह, डिंडोरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा शामिल हैं.
अब तक कितनी हुई बारिश
अब तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में औसतन 33.9 इंच बारिश हुई है, जो कुल मानसून कोटे का लगभग 91 प्रतिशत है. हालांकि, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण काफी असमान रहा है. जहां अनूपपुर, भोपाल, ग्वालियर, रीवा और भिंड समेत 23 जिलों में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है, वहीं पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के लगभग 32 जिलों में अभी भी सामान्य से 5% से 49% कम बारिश हुई है. उम्मीद है कि इस नए सिस्टम से कम बारिश वाले जिलों में जल स्तर में सुधार होगा.
इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़्र, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई.
आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट
21 सितंबर को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
कम दबाव का क्षेत्र
इसके अलावा 24 सितंबर के लिए छतरपुर, सतना, दमोह, डिंडोरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार तक उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था. रविवार को यह आगे बढ़ा. यह 21 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक डिप्रेशन और 22 सितंबर को डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा. इस वजह से 23 सितंबर से यह और अधिक एक्टिव हो सकता है और 24 सितंबर से भारी बारिश शुरू होने की संभावना है.