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कर्मचारियों की समस्याएं होंगी दूर: MP में फिर से गठित हुआ राज्य कर्मचारी आयोग, रिटायर्ड IAS अधिकारी को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश ने राज्य कर्मचारी आयोग का पुनर्गठन कर दिया है. वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार, रिटायर्ड आईएएस अधिकारी मलय श्रीवास्तव को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश अरुण कुमार सिंह और पूर्व कार्यालय अधीक्षक बादाम सिंह को सदस्य नियुक्त किया गया है.

Written By Pooja
Published: Oct 14, 2026, 09:37 PM IST | Updated: Oct 14, 2026, 10:25 PM IST
Image Credit: AI जनरेटेड इमेज
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मध्य प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की समस्याओं को दूर करने के लिए राज्य कर्मचारी आयोग का फिर से गठन किया है. वित्त विभाग ने इसे लेकर आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया है. यह आयोग कर्मचारियों के वेतन, सेवा शर्तों और अन्य समस्याओं से जुड़े मामलों को देखेगा. करीब 6 साल पहले कमलनाथ सरकार ने इस आयोग का गठन किया था, लेकिन भाजपा सरकार के सत्ता में आने बाद यह निष्क्रिय हो गया था. अब सरकार ने इसे दोबारा शुरू किया है. आयोग में कुल सात पद रखे गए हैं. राज्य कर्मचारी आयोग की जिम्मेदारी रिटायर्ड आईएएस अधिकारी मलय श्रीवास्तव को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वही सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश अरुण कुमार सिंह को न्यायिक सेवा का सदस्य नियुक्त किया गया है.

राज्य कर्मचारी आयोग में नई नियुक्तियां
इसके अलावा सेवानिवृत्त कार्यालय अधीक्षक बादाम सिंह को भी आयोग में सदस्य बनाया गया है. पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा संचालनालय (मध्य प्रदेश) के संचालन को अतिरिक्त प्रभार के साथ आयोग का सदस्य बनाया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) और वित्त विभाग में सचिव स्तर के नामित अधिकारियों को भी सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं आयोग के प्रशासनिक कामकाज को संभालने के लिए वित्त विभाग के सेवानिवृत्त उपसचिव अजय चौबे को नया सचिव नियुक्त किया गया है.

राज्य कर्मचारी आयोग पुराने नियमों के तहत करेगा काम
कर्मचारी आयोग के काम करने के नियम वही रहेंगे जो 12 दिसंबर 2019 को जारी सरकारी नोटिफिकेशन में बताए गए थे. अपनी सिफारिशें तैयार करते समय, आयोग दूसरे राज्यों में समान पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों के वेतनमान और पद, राज्य की प्रति व्यक्ति आय, आर्थिक स्थिति, सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, वित्तीय संसाधनों और आर्थिक विकास की जरूरतों को ध्यान में रखेगा. आयोग को अपनी कार्यप्रणाली तय करने और जरूरी जानकारी हासिल करने का अधिकार होगा. राज्य सरकार आयोग को जरूरी जानकारी, दस्तावेज और सहायता भी उपलब्ध कराएगी.

राज्य कर्मचारी आयोग तय समय में सौंपेगा रिपोर्ट
आयोग राज्य सरकार द्वारा तय समय-सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा. अगर जरूरी हुआ, तो जिन संदर्भों पर सिफारिशें पहले ही तय हो चुकी हैं, उनके बारे में एक अंतरिम रिपोर्ट भी सौंपी जा सकती है. आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों और सचिव की सेवा की शर्तें अलग से तय की जाएंगी. आयोग के बजट और कार्यालय की व्यवस्था की जिम्मेदारी वित्त विभाग को सौंपी गई है.

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About the Author

पूजा सिंह एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया में 5 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय (हाइपरलोकल) मुद्दों की सटीक व रियल-टाइम डिजिटल कवरेज पर उनकी मजबूत पकड़ है.माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद पूजा ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने Inshorts और नवभारत जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम करते हुए डिजिटल जर्नलिज्म, कंटेंट क्यूरेशन और न्यूज़ डेस्क ऑपरेशंस का अनुभव हासिल किया. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देती हैं, ताकि पाठकों तक हर जरूरी अपडेट तेजी से पहुंचे.पूजा सिंह से आप Pooja1.Singh@India.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं.
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