SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

ग्वालियर में सड़कों की खराब हालत पर HC सख्त, NHAI को लगाई फटकार, कोर्ट ने कहा-जिम्मेदार किसी कीमत पर नहीं बख्शे जाएंगे

ग्वालियर की खराब सड़कों को लेकर MP हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने सख्ती दिखाई है. कोर्ट ने कहा कि NHAI की सड़कें मानकों में फेल हैं और जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा. ठेकेदारों और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए उनके भुगतान पर रोक लगा दी है.

Written By Pooja
Published: Oct 07, 2026, 09:38 PM IST | Updated: Oct 07, 2026, 09:41 PM IST
Join

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच ने ग्वालियर में जर्जर और गड्ढों वाली सड़कों को लेकर बहुत सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने साफ कहा है कि NHAI की सड़कें जरूरी मानकों पर पूरी तरह खरी नहीं उतरी हैं और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. ठेकेदारों और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कोर्ट ने उनके पेमेंट भी रोक दिए हैं. साथ ही कोर्ट ने नगर निगम द्वारा अब तक भरे गए सड़कों के गड्ढों के बारे में भी जानकारी मांगी है.

हाई कोर्ट ने ग्वालियर में सड़कों की खराब हालत पर गहरी नाराजगी जताई. सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने NHAI और ठेकेदारों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये की कड़ी आलोचना की. सख्त कदम उठाते हुए कोर्ट ने निर्देश दिया कि ठेकेदार को दी जाने वाली 26.53 करोड़ की अगली किस्त जारी न की जाए, बल्कि उसे किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट रिसिप्ट (FDR) के तौर पर सुरक्षित रखा जाए. कोर्ट ने साफ कर दिया कि जब तक काम तय मानकों के अनुसार पूरा नहीं हो जाता, तब तक कोई भुगतान नहीं किया जाएगा. ग्वालियर की जनता को ऐसी घटिया सड़कों के कारण परेशानी में नहीं छोड़ा जा सकता. सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में एक अजीब स्थिति भी पैदा हो गई, जब NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर कोर्ट के अंदर ही सीधे अपने वकीलों से बातचीत करने लगे, जिस पर जजों ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई.

NHAI की गलत रिपोर्ट पर हाईकोर्ट सख्त
कोर्ट ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर के इस आचरण को अदालत में तमाशा करार दिया और कहा कि इससे न्यायिक कार्रवाई पर असर पड़ा है. एक और चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब NHAI के वकील ने कोर्ट में माना कि तैयार की गई पायलट रिपोर्ट गलत थी. प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने उसे ठीक से जांचे या पढ़े बिना ही उस पर साइन कर दिए थे. हाई कोर्ट ने इसे बहुत गंभीर मामला माना. कोर्ट ने कड़ी चेतावनी दी कि भविष्य में कोई भी गलत या गुमराह करने वाली रिपोर्ट जमा किए जाने पर संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा. अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को तय की गई है, तब तक NHAI को सड़कों पर किए गए वास्तविक सुधारों की जानकारी देने वाली रिपोर्ट जमा करनी होगी.

ये भी पढ़ें: 7, 8 और 9 अक्टूबर को MP में मतदाता सूची में नाम जोड़ने का विशेष अभियान, फॉर्म-6 के अलावा नहीं देना होगा कोई घोषणा पत्र

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

पूजा सिंह एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया में 5 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय (हाइपरलोकल) मुद्दों की सटीक व रियल-टाइम डिजिटल कवरेज पर उनकी मजबूत पकड़ है.माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद पूजा ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने Inshorts और नवभारत जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम करते हुए डिजिटल जर्नलिज्म, कंटेंट क्यूरेशन और न्यूज़ डेस्क ऑपरेशंस का अनुभव हासिल किया. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देती हैं, ताकि पाठकों तक हर जरूरी अपडेट तेजी से पहुंचे.पूजा सिंह से आप Pooja1.Singh@India.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES