दिवाली से पहले बड़ी सौगात: MP के हजारों कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, प्रमोशन का रास्ता साफ, पूरी करनी होंगी ये शर्तें
दिवाली से पहले मध्य प्रदेश सरकार ने हजारों कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है. सामान्य प्रशासन विभाग ने चतुर्थ श्रेणी से सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए आदेश जारी किया है. यह आदेश मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के लगभग दो महीने बाद आया है.
मध्य प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है. सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने चतुर्थ श्रेणी से सहायक ग्रेड-3 ते पद पर पदोन्नचि के संबंध में समेकित आदेश जारी किया है. आदेश के अनुसार, कर्मचारियों को दो साल की परीवीक्षा (Probation) अवधि पर पदोन्नत किया जाएगा. इस दौरान उन्हें तय शैक्षणिक योग्यता के साथ कंप्यूटर से जुड़ी आवश्यक योग्यताएं भी पूरी करनी होंगी.
मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के लगभग दो महीने बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. आदेश के तहत विभागीय पदोन्नति के मामलों में पात्र कर्मचारियों को कंप्यूटर दक्षता प्रमाणपत्र परीक्षा (CPCT) का स्कोर कार्ड जमा करने से छूट दी जाएगी.
2 साल में पूरी करनी होंगी ये शर्तें
सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रमोशन की प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों को दूर करने और योग्य कर्मचारियों को समान अवसर देने के लिए यह व्यवस्था शुरू की है. आदेश के अनुसार, जरूरी शैक्षणिक योग्यता रखने वाले चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को दो साल के प्रोबेशन पीरियड पर असिस्टेंट ग्रेड-3 के पद पर प्रमोट किया जाएगा. इस दौरान उन्हें CPCT परीक्षा पास करनी होगी और किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से एक साल का कंप्यूटर डिप्लोमा या सर्टिफिकेट हासिल करना होगा.
5 साल में योग्यता पूरी नहीं की तो मूल पद पर लौटेंगे कर्मचारी
अगर कोई कर्मचारी जरूरी योग्यता हासिल नहीं कर पाता है या तय परीक्षा पास नहीं कर पाता है, तो इस प्रोबेशन पीरियड को ज्यादा से ज्यादा तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है. अगर कुल पांच साल की इस अवधि के बाद भी जरूरी योग्यता हासिल नहीं होती है, तो संबंधित कर्मचारी को उनके मूल चतुर्थ श्रेणी पद पर वापस भेज दिया जाएगा.
इन कर्मचारियों को मिली छूट
सरकार ने 45 साल या उससे ज्यादा उम्र के कर्मचारियों को CPCT स्कोर कार्ड की जरूरत से छूट देने का प्रावधान किया है. हालांकि उन्हें अपने काम के लिए जरूरी कंप्यूटर दक्षता के मानकों को पूरा करना होगा. प्रमोशन की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे इसके लिए राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी प्रमुख विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं.