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मध्य प्रदेश में Gen-Z यानी युवा वोटर्स को साधने के लिए मोहन सरकार एक बड़ा दांव चलने जा रही है. राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 6 अक्टूबर को ‘सीएम यूथ कॉन्क्लेव 2026’ का भव्य आयोजन होगा, जिसमें प्रदेश भर से हजारों कॉलेज छात्र-छात्राएं जुटेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव युवाओं से सीधे संवाद कर उनके करियर, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेंगे. उच्च शिक्षा विभाग ने इस कार्यक्रम के संबंध में विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों और कॉलेजों के प्राचार्यों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं.
छात्रों को मिल सकती हैं बड़ी सौगातें!
इस राज्य-स्तरीय कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और युवाओं के बीच सीधी बातचीत होगी. मुख्यमंत्री छात्रों से उनके करियर, उच्च शिक्षा और भविष्य की प्राथमिकताओं पर सीधे चर्चा करेंगे. राजनीतिक और प्रशासनिक नजरिए से यह कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ऐसी अटकलें हैं कि मुख्यमंत्री मोहन यादव इस मंच के जरिए युवाओं के लिए कई नई कल्याणकारी योजनाओं, स्कॉलरशिप और करियर से जुड़े बड़े तोहफों की घोषणा कर सकते हैं. यह कदम युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें राज्य के विकास में भागीदार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.
GEN-Z को साधने की वजह क्या है?
Gen-Z के ज्यादातर युवा अब 18 साल के हो चुके हैं और वोट देने लायक बन गए हैं, जबकि कुछ अगले 1-2 साल में वोटर बन जाएंगे. यही वजह है कि चुनाव में यह वर्ग सबसे अहम माना जा रहा है. ये युवा किसी एक पार्टी या विचारधारा से नहीं बंधे हैं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और टेक्नोलॉजी जैसे अपने मुद्दों को देखकर वोट करते हैं. इसलिए Gen-Z को साधना भविष्य की राजनीति के लिए जरूरी हो गया है. जो भी दल युवाओं की भाषा और उनकी जरूरतों को समझेगा, वही आगे चलकर मजबूत रहेगा.
आज के युवाओं की प्राथमिकता
आज के युवाओं की प्राथमिकताएं पारंपरिक रोजगार से अलग हैं. वे न केवल सरकारी नौकरियों में, बल्कि स्टार्ट-अप, फ्रीलांसिंग, गिग इकॉनमी और उभरती हुई तकनीकों (जैसे AI और डिजिटल स्किल्स) में भी अवसर तलाशते हैं. अगर सरकारें युवाओं को कौशल विकास, इंटर्नशिप और नए अवसर प्रदान करती हैं, तो उनका भरोसा जीतना आसान हो जाता है.
कुल मिलाकर, 'CM यूथ कॉन्क्लेव 2026' के जरिए मध्य प्रदेश सरकार न सिर्फ युवाओं की समस्याओं पर ध्यान दे रही है, बल्कि भविष्य के सबसे बड़े वोट बैंक यानी Gen-Z के बीच अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की नींव भी रख रही है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव 6 अक्टूबर को लाल परेड ग्राउंड के मंच से युवाओं के लिए क्या नई घोषणाएं करते हैं और यह कदम कितना असरदार साबित होता है.