App

उज्जैन खड़े हनुमान मंदिर विवादः ‘अब पांचवां प्रयास नहीं होना चाहिए...’, हर्षानंद गिरी ने संत समाज से भी की बड़ी अपील

Ujjain Khade Hanuman Temple: उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं. वहीं साधु-संतों का भी जमावड़ा देखने को मिल रहा है. यहां पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि की शिष्या हर्षानंद गिरी पहुंची. जहां पर उन्होंने भव्य मंदिर बनवाने की मांग की है. इसके अलावा, उन्होंने संत समाज से अपील भी की है.

उज्जैन खड़े हनुमान मंदिर विवादः ‘अब पांचवां प्रयास नहीं होना चाहिए...’, हर्षानंद गिरी ने संत समाज से भी की बड़ी अपील
Image Credit: Ujjain Harshanand Giri

Ujjain Temple News: उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब साधु-संतों का जमावड़ा लगने लगा है. इसी बीच हर्षानंद गिरी भी खड़े हनुमान मंदिर पहुंचीं. जहां उन्होंने बटुकों और अन्य साधु-संतों के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया. इसके बाद उन्होंने मंदिर को लेकर अपनी बात रखी और साधु-संत समाज से सामने आने की अपील की.

हर्षानंद गिरी ने कहा कि पहले उन्हें भी इस बारे में जानकारी नहीं थी, कि जिसकी जानकारी न हो, उस पर सही या गलत बोलना उचित नहीं है. लेकिन जब वह हनुमान जी के दर्शन करने पहुंचीं, तो प्रतिमा के दोनों तरफ करीब सात फीट के गड्ढे खुदे हुए देखे. इस पर उन्होंने सवाल खड़े करते हुए कहा कि ये गड्ढे कोई कुत्ता अपने आगे के पंजों से तो नहीं खोद सकता. उन्होंने कहा कि यहां पर मशीनों और उपकरणों का इस्तेमाल हुआ है. इस मूर्ति को विस्थापित करने की कोशिश भी की गई है.

भव्य मंदिर बनाने की मांग
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने प्रतिमा को किसी तरह की क्षति न पहुंचे और उसे सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित किया जा सके. इसके लिए पूरी कोशिश की है और वह इस कोशिश का सम्मान करती हैं. उन्होंने आगे कहा कि सरकार चार बार प्रयास कर चुकी है. अब पांचवा प्रयास नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जहां हनुमान जी का मंदिर तोड़ा गया है, अब वहीं दोबारा मंदिर का निर्माण किया जाए. मंदिर को और भी भव्य बनाने की मांग की है.

श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करने की बात
मंदिर को लेकर हर्षानंद गिरी ने कहा कि अलग-अलग राज्यों और शहरों से श्रद्धालु खड़े हनुमान मंदिर पहुंच रहे हैं. लोग यहां झाड़ा लगवा रहे हैं और ताबीज पहन रहे हैं. उन्होंने कहा कि लोगों की जिस तरह की आस्था इस स्थान से जुड़ी है, उसका सम्मान किया जाना चाहिए. हर्षानंद गिरी का कहना है कि खड़े हनुमान मंदिर को लोग छोटा 'AIIMS' मानते हैं. यहां पर अनुमान जी को वैध के रूप में देखते हैं. इस बात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर लोगों को यहां से किसी तरह लाभ या चमत्कार महसूस नहीं होता, तो वे किसी की तारीफ क्यों करेंगे. हर्षानंद गिरी का कहना है कि लोगों की आस्था में कुछ चमत्कार हुए होंगे. इसीलिए वे भगवान की तारीफ करते हैं. इसी आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए.

धार्मिक स्थलों को हटाने का प्रयास बंद हो
हर्षानंद गिरी का कहना है कि उज्जैन, एक महाकाल की नगरी है. यहां भैरव बाबा और मां हरसिद्धि जैसे धार्मिक स्थलों के प्रति भी लोगों की आस्था है. ऐसे में धार्मिक स्थलों को हटाने का प्रयास बंद होना चाहिए. इसके साथ-साथ खड़े हनुमान मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए. उन्होंने अयोध्या रामलला मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि वह उज्जैन में हनुमान जी के साथ वैसा ही हाल नहीं देखना चाहती हैं. उनका कहना था कि उज्जैन मंदिरों की भूमि है. यहां पर मंदिरों को इस तरह से क्षतिग्रस्त करना ठीक नहीं है.

ईश्वर की इच्छा का सम्मान करें
हर्षानंद गिरी ने साधु-संतों को लेकर कहा कि जो लोग हिंदुओं को एक करने की बात करते हैं, उन्हें हिंदुओं के किसी धर्मस्थल को हटाए जाने पर सामने आना चाहिए. उन्होंने कहा कि उज्जैन में कई महामंडलेश्वर हैं. इनमें से कुछ यहां दर्शन करने आए, लेकिन बाकी लोगों की ओर से कोई बात सामने नहीं आई. हर्षानंद गिरी ने आगे कहा कि शुरुआत में बोलना उचित नहीं था, क्योंकि वे सरकार के साथ हैं. सरकार के हर काम में उसका साथ देना चाहिए. लेकिन अगर किसी जगह ईश्वर ने खुद यह जता दिया है कि वह वहां से नहीं हटना चाहते, तो धर्म से जुड़े लोगों और साधु-संतों की जिम्मेदारी है कि वे ईश्वर की इच्छा का सम्मान करते हुए उनके साथ खड़े हों.

हर्षानंद गिरी की साधु-संतों से अपील
हर्षानंद गिरी ने संत समाज से अपील की है, कि अगर आज मठों, अखाड़ों और आश्रमों से निकलकर साधु-संत हनुमान जी के साथ खड़े नहीं होंगे, तो आने वाले समय में कुछ नहीं बचेगा. उन्होंने इसे संत समाज के लिए शर्म की बात भी बताया. उन्होंने कहा कि हनुमान जी के दर्शन टेंट में करने की स्थिति बन गई है. उन्होंने साफ कहा है कि सरकार के विकास कार्यों का विरोध उनका उद्देश्य नहीं है. लेकिन खड़े हनुमान मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं की भावनाओं और धार्मिक आस्था का सम्मान होना चाहिए. उनका कहना है कि अब प्रतिमा को हटाने की कोशिश बंद कर उसी स्थान पर मंदिर निर्माण कराया जाए.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

Manish Kushawah

Manish Kushawah

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
Read More