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मध्यप्रदेश के जंगलों के लिए 11 अक्टूबर आज का दिन ऐतिहासिक है. करीब 100 साल बाद कान्हा टाइगर रिजर्व में एक बार फिर जंगली भैंसों की बसाहट का सपना साकार होता नजर आ रहा है. मुख्यमंत्री मोहन यादव कान्हा के सूपखार रेंज पहुंचे, जहां उन्होंने आसाम से लाए गए जंगली भैंसों का दीदार किया.
इसके बाद मुख्यमंत्री ने इन भैंसों को छोटे बाड़ों से निकालकर बड़े बाड़े में छोड़ा, जहां अब ये प्राकृतिक वातावरण में स्वच्छंद विचरण कर सकेंगे. वन्यजीव संरक्षण की दिशा में इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
आज कान्हा टाइगर रिजर्व के सूपखार क्षेत्र में असम से लाए गए 8 जंगली भैंसों को बड़े बाड़े में छोड़ा। लगभग 100 वर्षों बाद मध्यप्रदेश में जंगली भैंसों की पुनर्बसाहट वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार प्रदेश के वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की विभिन्न प्रजातियों को पुनः बसाकर प्राकृतिक इकोसिस्टम को विकसित कर रही है। इस अभियान में विशेष सहयोग के लिए असम के माननीय मुख्यमंत्री श्री @himantabiswa जी का हार्दिक आभार।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) October 11, 2026
जीवित करने की ऐतिहासिक पहल
यहां सिर्फ जंगली भैंसों की रिहाई नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के जंगलों में करीब 100 पुरानी वन्यजीव विरासत को फिर से जीवित करने की ऐतिहासिक पहल है. कान्हा टाइगर रिजर्व के सूपखार रेंज में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आसाम से लाए गए जंगली भैंसों को बड़े बाड़े में छोड़ा. अब ये विशालकाय वन्यजीव अपने अनुकूल वातावरण में स्वच्छंद विचरण कर सकेंगे.
कभी थी जंगली भैंसों की मौजूदगी
दरअसल, कभी मध्यप्रदेश की धरती पर भी जंगली भैंसों की मौजूदगी हुआ करती थी, लेकिन समय के साथ ये यहां से विलुप्त हो गए. कान्हा की जैव विविधता और अनुकूल प्राकृतिक परिस्थितियों को देखते हुए इन्हें फिर से यहां बसाने की योजना बनाई गई.
8 जंगली भैंसों को छोड़ा गया
इसी अभियान के तहत 28 अप्रैल को आसाम से आठ जंगली भैंसों को कान्हा लाया गया था. कई महीनों तक अनुकूल वातावरण में रखने के बाद अब इन्हें बड़े बाड़े में छोड़ा गया है. उम्मीद है कि आने वाले समय में कान्हा के जंगलों में इनकी आबादी बढ़ेगी और इनका कुनबा फिर आबाद होगा.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का आभार जताया. उन्होंने कहा कि जंगली भैंसों को कान्हा में फिर से स्थापित करने का यह अभियान का दूसरा चरण है.
इकोसिस्टम की दिशा में काम
मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदेश में वन्यजीवों को उनके अनुकूल इकोसिस्टम उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. बीते दिनों नौरादेही में चीतों को छोड़ने के बाद अब कान्हा में जंगली भैंसों को खुले वातावरण में विचरण का अवसर देना इसी प्रयास की अगली कड़ी है.
पूरी दुनिया में पहचान बन रही
मुख्यमंत्री ने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व की पहचान पूरी दुनिया में है. यहां वन्यजीवों की कई अद्भुत प्रजातियां मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन्यजीवों के संरक्षण और उनके अनुकूल आवास विकसित करने के साथ ही मानव और वन्यजीवों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं.