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दिवाली पर इंदौर से अपने घर जाने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए इस बार का सफर काफी मुश्किल और महंगा साबित हो रहा है. इंदौर से दिल्ली, मुंबई, पुणे और जबलपुर समेत अन्य प्रमुख मार्गों पर चलने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट है और यात्रियों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है. ट्रेनों में सीटें न मिलने के कारण यात्रियों को निजी बसों और हवाई जहाजों का सहारा लेना पड़ रहा है. त्योहार के समय भारी मांग को देखते हुए निजी बस संचालकों ने किराया ढाई गुना तक बढ़ा दिया है, जबकि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जाने वाली उड़ानों का किराया भी सामान्य दिनों के मुकाबले दोगुना होकर 20 हजार रुपये तक पहुंच गया है.
ट्रेनों को लेकर स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है. इंदौर से नई दिल्ली, मुंबई, पुणे, हावड़ा और जबलपुर जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट है. 4 से 6 नवंबर के बीच इंदौर-जबलपुर सुपरफास्ट और इंदौर-हावड़ा शिप्रा एक्सप्रेस रिग्रेट (regret) स्थिति में पहुंच गई हैं, जिसका मतलब है कि अब वेटिंग लिस्ट वाले टिकट भी उपलब्ध नहीं हैं. इंदौर-नई दिल्ली एक्सप्रेस में वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों की संख्या 90 के पार पहुंच गई है. अन्य ट्रेनों का भी यही हाल है. कन्फर्म टिकट न मिल पाने के कारण यात्रियों को प्राइवेट बसों या उड़ानों का सहारा लेना पड़ रहा है. इस स्थिति का फायदा उठाते हुए प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने अपना किराया ढाई गुना तक बढ़ा दिया है.
सामान्य दिनों में इंदौर से ग्वालियर तक का बस किराया 700 से 1,000 रुपये हुआ करता था, जो अब बढ़कर 2,200 से 3,500 रुपये हो गया है. इसी तरह इंदौर-जयपुर का किराया 3,350 रुपये, इंदौर-जबलपुर का किराया 2,800 रुपये और इंदौर-अहमदाबाद का किराया 2,300 रुपये है.
हवाई यात्रा के मामले में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है. दिवाली के इस हफ्ते के दौरान इंदौर से जाने वाली सभी प्रमुख उड़ानों के किराए दोगुने से भी ज्यादा हो गए हैं. इंदौर से कोलकाता जाने वाली उड़ानों के टिकट की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं, जो ₹15,850 से लेकर ₹19,840 (लगभग ₹20,000) के बीच हैं. वहीं दिल्ली के टिकट ₹7,500 में, मुंबई के ₹8,500 में और चेन्नई के टिकट ₹9,500 में बिक रहे हैं.
दिवाली पर घर जाने की जल्दबाजी और परिवहन के सीमित विकल्पों के कारण यात्रियों की जेब पर भारी असर पड़ रहा है. सस्ते विकल्पों के अभाव में आम जनता को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.