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मध्य प्रदेश के भिंड जिले के देहात थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक खतरनाक हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश किया है. यह गैंग बुजुर्ग और अधेड़ उम्र के पुरुषों को निशाना बनाकर उनसे पैसे ऐंठता था. यह मामला तब सामने आया जब एक पीड़ित किसान ने पुलिस स्टेशन जाकर अपनी आपबीती सुनाई. पुलिस ने एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गैंग के दो अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं.
अश्लील वीडियो बनाकर धमकी
यह मामला तब सामने आया जब एक बुजुर्ग पीड़ित देहात पुलिस स्टेशन पहुंचा और अपनी आपबीती सुनाई. पीड़ित के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले उन्हें एक अनजान महिला का फोन आया जिसने खुद को रिश्तेदार बताकर मीठी-मीठी बातें कीं और मिलने के बहाने सर्किट हाउस के पास बुलाया. इसके बाद चाय पिलाने के बहाने वह महिला उस बुजुर्ग को अपने घर ले गई. एक पहले से सोची-समझी साजिश के तहत गैंग के सदस्यों ने पीड़ित का एक अश्लील वीडियो बना लिया. उन्होंने वीडियो वायरल करने, रेप और SC/ST एक्ट के झूठे मामलों में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर ₹5 लाख की रंगदारी मांगी. डर के मारे पीड़ित ने दो घंटे के अंदर ही ₹1 लाख दे दिए.
जानिए पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक, यह घटना भिंड के देहात पुलिस स्टेशन इलाके की है. आरोप है कि रेछेड़ी रोड स्थित कृष्णा नगर की रहने वाली बेबी जाटव ने एक किसान को हनी ट्रैप में फंसाया. पुलिस ने बताया कि पहले फोन पर किसान से दोस्ती की गई और फिर 5 अक्टूबर को उसे अपने घर बुलाया गया. आरोप है कि उसके आने पर किसान का एक प्राइवेट, अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किया गया. इसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने और समाज में उसकी बदनामी करने की धमकी देकर उससे एक लाख रुपये नकद ऐंठ लिए गए.
एक महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार
ब्लैकमेलिंग यहीं नहीं रुकी. आरोप है कि ममता बघेल, बबलू उपाध्याय और विश्ववीर सिंह बिस्से ने भी किसान को फोन करके धमकाना शुरू कर दिया. उन्होंने जान-पहचान वाला या रिश्तेदार बताकर किसान पर दबाव बनाया. जब फिर से पैसे की मांग की गई, तो पीड़ित ने डरकर झुकने के बजाय पुलिस में शिकायत करने का फैसला किया. किसान की शिकायत पर देहात पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस ने बेबी जाटव और विश्ववीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि ममता बघेल और बबलू उपाध्याय की तलाश जारी है.
बुजुर्गों को बनाते थे निशाना
पुलिस के मुताबिक, यह गैंग मुख्य रूप से अधेड़ उम्र और बुजुर्ग लोगों को अपना शिकार बनाता था, ताकि बदनामी के डर से पीड़ित पुलिस के पास जाने की हिम्मत न जुटा सकें. भिंड में चार महीने के भीतर हनीट्रैप का यह दूसरा मामला सामने आने से ऐसे अपराधों को लेकर चिंता बढ़ गई है. यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि फोन पर या आमने-सामने की मुलाकातों में अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सावधानी बरतना ज़रूरी है.