)
मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ग्वालियर में लिफ्ट में फंस गए. वे जयेंद्रगंज इलाके में एक स्पोकन इंग्लिश सेंटर के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे. जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान वे तीसरी मंजिल पर जाने के लिए लिफ्ट में सवार हुए. तभी तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट बीच में ही बंद हो गई. लिफ्ट बंद होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
काफी मशक्कत के बाद निकाला गया बाहर
लिफ्ट के अचानक रुकने और पूर्व गृह मंत्री के उसमें फंस जाने से वहां मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया. हालांकि, तुरंत हरकत में आए लोगों और रेस्क्यू प्रयासों के जरिए काफी मशक्कत की गई और लिफ्ट के दरवाजे खोलकर नरोत्तम मिश्रा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. अच्छी बात यह रही कि इस तकनीकी खराबी के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. इस पूरी घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है और इसकी खूब चर्चा हो रही है.
स्पोकन इंग्लिश सेंटर का उद्घाटन करने पहुंचे थे
जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर के लश्कर इलाके में जयेंद्रगंज में संजय कॉम्प्लेक्स के सामने एक बिल्डिंग में ग्वालियर नंबर 01 स्पोकन इंग्लिश क्लासेस की नई ब्रांच का उद्घाटन समारोह था. इस कार्यक्रम में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा मुख्य अतिथि थे. वे शाम को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और कोचिंग सेंटर तक जाने के लिए लिफ्ट में सवार हुए. जैसे ही लिफ्ट ऊपर जा रही थी, तकनीकी खराबी के कारण वह अचानक झटके के साथ दो मंजिलों के बीच रुक गई, जिससे उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए.
मचा हड़कंप
इस घटना की खबर से बिल्डिंग के कर्मचारियों और कार्यक्रम आयोजकों में हड़कंप मच गया. कर्मचारियों ने तुरंत लिफ्ट के दरवाजे खोलने की कोशिश की और लगभग 10 से 15 मिनट की मशक्कत के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. लिफ्ट के बाहर आने के बाद डॉ. मिश्रा ने कोचिंग संस्थान का रिबन काटकर उद्घाटन किया.
चाहे कोई नेता हो या आम नागरिक, तकनीकी खराबी और लिफ्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं की वजह से कोई भी अचानक मुश्किल में पड़ सकता है. ग्वालियर में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ हुई घटना बहुमंजिला इमारतों में लिफ्ट के रखरखाव और सुरक्षा जांच के महत्व की याद दिलाती है. अच्छी बात यह रही कि उन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई अनहोनी नहीं हुई. हालांकि, ऐसी घटनाएं आयोजकों और बिल्डिंग मैनेजमेंट को उपकरण की नियमित जांच सुनिश्चित करने का सबक देती हैं, ताकि भविष्य में ऐसी अप्रिय और अफरातफरी वाली स्थितियों से बचा जा सके.