कल्पना मिश्रा मौत केस: सिरमौर चौराहे पर धरना खत्म, कांग्रेस विधायक गिरफ्तार, डिप्टी सीएम ने कही ये बात
कल्पना मिश्रा मौत मामले में सिरमौर चौराहे पर चल रहे धरना प्रदर्शन को प्रशासन की तरफ से खत्म करवा दिया गया है. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को हिरासत में लिया गया हैं. वहीं डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने जांच की बात कही.
रीवा की कल्पना मिश्रा मौत मामले में माहौल लगातार गरमाता जा रहा है. इस मामले में गुरुवार को एक बार फिर से धरना प्रदर्शन देखने को मिला. इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा भी पहुंचे. वह पुलिस प्रशासन की तरफ से मृतक कल्पना मिश्रा के पिता को हटाए जाने और समर्थकों के साथ मारपीट के विरोध में पहुंचे थे. जहां उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि धरने को जबरन दबाया जा रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि मृतक कल्पना मिश्रा के पिता के साथ मारपीट की गई है.
वहीं, प्रशासन की ओर से एसडीएम अनुराग तिवारी ने धरना स्थल को लेकर कहा कि सिरमौर चौराहे पर धरने की अनुमति नहीं थी. यह धरने के लिए उचित स्थान नहीं है. इसी वजह से प्रशासन की तरफ से धरना समाप्त करवाया गया है. बता दें कि इस दौरान सिरमौर चौराहे पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया. वहीं, पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने विधायक अभय मिश्रा से बात की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया गया. मिली जानकारी के मुताबिक, अभय मिश्रा को पुलिस वाहन में बैठाकर मौके से ले जाया गया है.
जांच लगातार जारी
इस मामले में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला का भी बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि कल्पना मिश्रा की जिस तरह से मौत हुई है, उसको लेकर जांच लगातार जारी है. उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. डिप्टी सीएम का कहना है कि कल जो कार्रवाई हुई है, वह भी जांच के दायरे में आती है. डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि अथर्व और ब्लड बैंक संचालित करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की है.
क्या बोले डिप्टी CM
उन्होंने कहा कि संबंधित ब्लड बैंक बिना अनुमति के चलाया जा रहा था, जिसके चलते उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है. डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि जांच के माध्यम से इस मामले की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है. मुख्य दोषी तक पहुंचने के प्रयास लगातार जारी हैं. उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी. इस पूरे मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. हालांकि, गुरुवार को देर रात ड्रग इंस्पेक्टर राधे श्याम भट्टी समेत ऑपरेशन करने वाली महिला डॉक्टर सोनल अग्रवाल को बर्खास्त कर दिया गया है.
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह मामला रीवा जिले के संजय गांधी स्मृति अस्पताल से जुड़ा हुआ है. 26 अगस्त 2026 को C-सेक्शन में ऑपरेशन के दौरान गर्भवती कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की संदिग्ध मौत हो गई थी. इस मामले में गंभीर लापरवाही के आरोपों के चलते प्रशासन की तरफ से डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया है. वहीं कल्पना मिश्रा के पिता न्याय की मांग को लेकर सिरमौर चौराहे पर आमरण अनशन पर बैठे हैं. जिन्हें लगभग 13 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी भी दोषी डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है. इसके अलावा, जिले में लोगों ने जल सत्याग्रह की शुरुआत की है, उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम भी दिया था.