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रीवा में कल्पना मिश्रा मामला: 13 दिन से आमरण अनशन, अब जल सत्याग्रह की शुरुआत, प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम

रीवा में कल्पना मिश्रा मौत मामले में अब जल सत्याग्रह की शुरुआत हो चुकी है. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है, कि अगर 24 घंटे में दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो अनिश्चितकालीन धरना देंगे. वहीं दूसरी तरफ कल्पना के पिता सिरमौर चौराहे पर बैठे आमरण अनशन पर बैठे हैं.

Written ByManish Kushawah
Published: Sep 14, 2026, 04:59 PM IST|Updated: Sep 14, 2026, 05:02 PM IST
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रीवा में कल्पना मिश्रा मामला: 13 दिन से आमरण अनशन, अब जल सत्याग्रह की शुरुआत, प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम
Image Credit: Kalpana Mishra case

About the Author

Manish Kushawah

Manish Kushawah

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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मध्य प्रदेश के रीवा जिले में प्रसूता कल्पना मिश्रा की मौत मामले ने तूल पकड़ लिया है. एक तरफ जहां कल्पना के पिता पिछले 13 दिनों से धरने पर बैठे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर अब जल सत्याग्रह की शुरुआत हो गई है. जल सत्याग्रह कर रहे प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि कल्पना मिश्रा की मौत मामले में जल्द से जल्द से दोषी डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर 24 घंटे के अंदर दोषी डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती है, तो वे अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह करने के लिए मजबूर होंगे. उन्होंने कहा कि कल्पना के पिता पिछले 13 दिनों से धरने पर बैठे हैं, उन्होंने अन्य का एक निवाला तक नहीं खाया है. उनका आरोप है कि प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि 24 घंटे के अंदर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

प्रशासन मूक और अंधा है
वहीं ZEE Media की टीम ने इन प्रदर्शनकारियों से बात की, तो उन्होंने कहा प्रशासन मूक और अंधा है. इसलिए हम लोगों को जल सत्याग्रह की जरूरत पड़ी है. जल सत्याग्रह के जरिए प्रशासन को हम जगाने का काम करेंगे. उन्होंने कहा कि प्रशासन को दिख नहीं रहा है, न ही कुछ समझ आ रहा है. आज 13 दिन से ज्यादा हो गए हैं. कल्पना मिश्रा के पिता सिरमौर चौराहे पर बैठे हैं. उन्होंने अन्न का एक निवाला तक नहीं खाया है. उन्होंने बताया कि उनकी हालत ऐसी हो गई है कि अब वो अकेले उठ भी नहीं पा रहे हैं. उनको एक आदमी उठाने वाला चाहिए. इसके बाद भी प्रशासन पूरी तरह से मौन हैं.

24 घंटे का दिया अल्टीमेटम
जल सत्याग्रह पर बैठे लोगों का कहना हि कि हम लोग प्रशासन को जगाने के लिए सांकेतिक धरना प्रदर्शन करने के लिए आए हैं. उन्होंने कहा कि अगर 24 घंटे के अंदर दोषी डॉक्टरों पर FIR दर्ज नहीं हुई तो हम लोग इसको अनिश्चितकालीन कर देंगे. इसी जगह पर जल सत्याग्रह करेंगे. उन्होंने बताया कि मैं एक जिले का निवासी हूं. गांव के नाते कल्पना मिश्रा मेरी बहन है. इसलिए हम लोग कल्पना के न्याय के लिए यहां पर बैठे हैं. उन्होंने कहा कि आगे दूसरी कल्पना के साथ ऐसी स्थिति न हो, ये डॉक्टर ऐसी लापरवाही न करें.

प्रशासन को जगाने का प्रयास
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आज उनकी बेटी गई हैं, कल मेरी बेटी भी जा सकती है. किसी की भी बेटी जा सकती है. उन्होंने कहा कि संजग गांधी अस्पताल में दूसरी कल्पना की मौत न हो, उससे पहले सोए हुए प्रशासन को जगाने का प्रयास कर रहे हैं. उनका कहना है कि प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग सोया हुआ है, स्वास्थ्य मंत्री भी अंदर से विकलांग हो चुके हैं. उनको दिखाई नहीं दे रहा है. इतनी बड़ा संजय गांधी अस्पताल है, यह विंध्य प्रदेश की जीवनदायिनी है. इस अस्पताल की किसी महान पुरुष स्व. श्रीनिवास तिवारी ने स्थापना की थी, वे कभी स्वास्थ्य मंत्री हुआ करते थे.

क्या है कल्पना मिश्रा मामला?
दरअसल, यह पूरा मामला रीवा जिले के संजय गांधी स्मृति अस्पताल से जुड़ा है. 26 अगस्त 2026 को सी सेक्सश में ऑपरेशन के दौरान गर्भवती कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की संदिग्ध मौत हो गई थी. इस मामले में गंभीर लापरवाही के आरोपों के चलते प्रशासन की तरफ से डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया है. वहीं कल्पना मिश्रा के पिता न्याय की मांग को लेकर सिरमौर चौराहे पर आमरण अनशन पर बैठे हैं. जिन्हें लगभग 13 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी भी दोषी डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है. वहीं जिले में लोगों ने जल सत्याग्रह की शुरुआत की है, उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि अगर 24 घंटे के अंदर दोषी डॉक्टरों के खिलाफ FIR नहीं हुई तो इसे अनिश्चितकालीन करेंगे.

(रिपोर्टः अजय मिश्रा, रीवा, ZEE Media)

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