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मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में शराब तस्करी रोकने के दौरान टीआई दिलीप पुरी शहीद हो गए. शहीद टीआई के परिवार से मिलने के लिए प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा उनके पैतृक गांव धार जिले के बरमंडल पहुंचे. जहां पर डिप्टी सीएम ने शहीद के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी. उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है. इस दौरान शहीद टीआई के परिवार ने डिप्टी सीएम के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी.
जब डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा धार स्थित बरमंडल गांव में पहुंचे तो पूरे गांव में भावुक माहौल देखने को मिला. डिप्टी सीएम ने शहीद के पिता ओमप्रकाश पुरी और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की. उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि सरकार उनके साथ हमेशा खड़ी है. इस जघन्य वारदात के आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा.
शहीद के परिवार की तरफ से डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के सामने अहम तीन मांगें रखीं. जिसमें पहली मांग यह है कि बरमंडल गांव के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नाम अमर शहीद दिली पुरी के नाम पर रखने और स्कूल परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की है. वहीं परिवार की तरफ से यह भी कहा गया है कि दिलीप पुरी ने इसी विद्यालय में दो साल तक निशुल्क सेवा देते हुए छात्रों को परेड का प्रशिक्षण दिया था. उन्होंने कहा कि शहीद टीआई के योगदान के लिए विद्यालय के प्राचार्य ने प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया था.
परिवार की दूसरी मांग शहीद टीआई की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति देने की है, ताकि वह नौकरी के साथ अपने बच्चों का पालन-पोषण कर सकें. वहीं तीसरी मांग बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की है. परिवार ने कहा कि शहीद की याद को सम्मान देने के साथ-साथ उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है.
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शहीद टीआई के परिवार की मांगों पर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने आश्वासन दिया कि वे मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा कर सभी मांगों पर स्वीकृति दिलाने का प्रयास करेंगे. अब देखना होगा कि शहीद टीआई दिलीप पुरी के परिवार की इन मांगों पर सरकार कब तक निर्णय लेती है.
(रिपोर्टः कमल सोलंकी, धार)