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घर में ई-रिक्शा रखते हैं तो रहें सावधान! दमोह में छोटी सी लापरवाही ने ली मासूम की जान

मध्य प्रदेश के दमोह में ई-रिक्शा पलटने से साढ़े तीन साल के मासूम की मौत हो गई. घर के बाहर खड़े ई-रिक्शा में चाबी लगी थी. मासूम के एक्सीलेटर घुमाते ही रिक्शा चल पड़ा और पलट गया. घटना ने सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं.

घर में ई-रिक्शा रखते हैं तो रहें सावधान! दमोह में छोटी सी लापरवाही ने ली मासूम की जान
Image Credit: ZEE NEWS

अगर आपके पास ई-बाइक या ई-रिक्शा है और आपके घर छोटे बच्चे हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. क्योंकि ये ई-बाइक या ई-रिक्शा हादसे की वजह बन सकते हैं. इनसे कभी भी कोई अप्रिय घटना सामने आ सकती है. हम इसलिए बता रहे हैं, कि आप पहले से ही सतर्क और सावधान हो सकें. क्योंकि मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक ऐसी दर्दनाक कहानी सामने आई है. जहां ई-रिक्शा ने एक घर का चिराग बुझा दिया है.

दरअसल, यह मामला दमोह जिले के हिंडोरिया थाना इलाके के गांव सुरगी का बताया जा रहा है. जहां पर रहने वाले देवेंद्र अहिरवाल नाम के शख्स के आंगन में उनका ई-रिक्शा खड़ा था. सुबह-सुबह सब अपने काम में लगे थे कि उसी समय उनका साढ़े तीन साल का बेटा अजीत इस ई-रिक्शा के पास पहुंचा था. इसमें चाबी लगी हुई थी और मासूम ने चाबी को घुमा दिया और एक्सीलेटर बढ़ा दिया, जिससे ई-रिक्शा दौड़ पड़ा. कुछ दूरी पर जाने के बाद ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया.  

रिक्शा के नीचे दब गया मासूम

इसके बाद मासूम ऑटो के नीचे दब गया. परिजन और आसपास के लोगों ने दौड़कर ऑटो को उठाया और मासूम को बाहर निकाला. उसे हिंडोरिया के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर दमोह जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. यहां उसका इलाज चल रहा था, लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा पाए.

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

मासूम की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं इलाके में मातम फैल गया है. यह घटना लापरवाही का बड़ा उदाहरण भी है. ई-रिक्शा स्टार्ट होने के बाद आवाज नहीं करता और न ही इसमें गियर सिस्टम होता है. एक्सीलेटर घुमाते ही यह चल पड़ता है. आवाज नहीं आने की वजह से लोग इसे देख नहीं पाते या उनका ध्यान इस ओर नहीं जाता. इस घटना में भी ऐसा ही हुआ. इसके अलावा, रिक्शा में चाबी लगी छोड़ देना भी बड़ी लापरवाही सामने आई है.

मृतक के परिजनों ने क्या कहा?

मृतक के पिता देवेंद्र अहिरवार ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे उनका बेटा घर के बाहर खड़े ऑटो के पास था. इसी दौरान उसका हाथ एक्सीलेटर पर पड़ गया, जिससे ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया और वह उसके नीचे दब गया. परिजनों ने तुरंत ऑटो उठाकर बच्चे को बाहर निकाला और हिंडोरिया अस्पताल ले गए. वहां से उसे दमोह ले जाने और सीटी स्कैन कराने की सलाह दी गई. दमोह पहुंचने के करीब आधे घंटे बाद ही बच्चे ने दम तोड़ दिया.

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अस्पताल प्रबंधक का क्या कहना है?

जिला अस्पताल प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि आज हिंडोरिया से अजीत अहिरवार, पिता देवेंद्र अहिरवार को जिला अस्पताल रेफर किया गया था. बच्चे को अर्धबेहोशी की हालत में लाया गया था. अस्पताल में उसका उपचार किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. परिजनों के मुताबिक, घटना सुबह करीब 7 बजे की है. बच्चा ऑटो के पास था और इसी दौरान ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसके नीचे वह दब गया. घटना सुरखी-हिंडोरिया थाना क्षेत्र के एक गांव की है.

(रिपोर्टः महेंद्र दुबे, दमोह)

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Manish Kushawah

Manish Kushawah

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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