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कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने का BJP का मास्टर प्लान: MP की उन 66 सीटों पर फोकस, जहां मिली थी हार; 24 विधानसभा में अंतर 5000 से भी कम

बीजेपी प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी का पदभार संभालते ही पहले संगठनात्मक दौरे पर भोपाल पहुंचे बिप्लब देब और रेखा वर्मा ने सीधे 'कमजोर कड़ियों' पर फोकस किया है. मध्य प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव में 2 साल से ज्यादा का समय बचा है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है.

कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने का BJP का मास्टर प्लान: MP की उन 66 सीटों पर फोकस, जहां मिली थी हार; 24 विधानसभा में अंतर 5000 से भी कम

मध्य प्रदेश में साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) 230 में से 163 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल की. इसके बाद बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की सभी 29 सीटों पर क्लिन स्वीप किया. अगले चुनाव में 2 साल से ज्यादा का समय बचा है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी अभी से आगामी विधानसभा और स्थानीय चुनावों के लिए अपनी रणनीति पर काम करने लगी है.

बीजेपी ने हाल ही में बिप्लब कुमार देब को प्रदेश प्रभारी और रेखा वर्मा को सह-प्रभारी नियुक्त किया था. इनके पहले भोपाल दौरे पर हुई कोर कमेटी की बैठक में यह हो गया है कि बीजेपी का पूरा फोकस अब प्रदेश की उन 66 विधानसभा सीटों पर है, जहां 2023 के चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा था.

आसानी से जीती जा सकने वाली सीटों पर फोकस!

भारतीय जनता पार्टी के आंतरिक समीक्षा आंकड़ों के मुताबिक, हारी हुई 66 सीटों में से 24 सीटें ऐसी हैं, जहां हार का अंतर बेहद मामूली था. इन 24 सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी की जीत का मार्जिन 290 से लेकर 5000 वोटों के बीच रहा. बीजेपी संगठन इन 24 सीटों को 'आसानी से जीती जा सकने वाली सीटों' के रूप में देख रहा है. पार्टी का मानना है कि थोड़ी सी संगठनात्मक रणनीति और सही उम्मीदवार के चयन से इन्हें आसानी से पार्टी के खाते में लाया जा सकता है. इसके साथ ही पार्टी उन सीटों को भी मजबूत करने में जुटी है, जहां बीजेपी की जीत का अंतर  5 हजार या उससे कम था.

इन 66 सीटों पर बीजेपी की नजर

सुसनेरभांडेर (SC)निवास (ST)जोबट (ST)दतिया
मंदसौरपुष्पराजगढ़ (ST)बदनावरअंबाह (SC)अशोकनगर (SC)
गंधवानी (ST)जौराबालाघाटकुक्षी (ST)मुरैना
परसवाड़ामनावर (ST)सिलवानीवारासिवनीसरदारपुर (ST)
सेमरियाबड़वानी (ST)डिंडोरी (ST)बीना (SC)राजपुर (ST)
बमोरीअमरपाटनसेंधवा (ST)राघौगढ़सतना
अटेरडबरा (SC)केवलारीगोहद (SC)श्योपुर
ग्वालियर पूर्वग्वालियर ग्रामीणभोपाल मध्यभोपाल उत्तरहरदा
लखनादौन (ST)विजयपुरमलहराटिमरनी (ST)पोहरी
अमरवाड़ा (ST)जबलपुर पूर्व (SC)चुरहटछिंदवाड़ाझाबुआ (ST)
खरगापुरचौरईथांदला (ST)पृथ्वीपुरजुन्नारदेव (ST)
भगवानपुरा (ST)टीकमगढ़पांढुर्णा (ST)भीकनगांव (ST)महिदपुर
परासिया (SC)कसरावदतराना (SC)सौंसरबिछिया (ST)

बिप्लब देब का 'त्रिपुरा कैडर मॉडल'

त्रिपुरा में दशकों पुराने वामपंथी शासन के किले को ढहाने वाले बिप्लब देब को संगठन का कठोर रणनीतिकार माना जाता है. उनके भोपाल दौरे का मुख्य एजेंडा ही 'कमजोर बूथों' का एक्स-रे करना रहा. छिंदवाड़ा, महाकौशल, चंबल और आदिवासी बाहुल्य यानी ST आरक्षित सीटों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां कांग्रेस का आधार मजबूत रहा है. इन हारी हुई सीटों को लेकर बीजेपी एक रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसमें यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या उम्मीदवार गलत था? स्थानीय नेताओं में भीतरघात हुआ था? या फिर स्थानीय मुद्दे हावी रहे?

कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने के लिए नया रोडमैप

कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने के लिए बीजेपी एक नया रोडमैप तैयार कर रही है, जिसमें 4-स्टेप एक्शन प्लान हैं. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी 2 साल से ज्यादा का समय बचा है, लेकिन पार्टी ने अभी से प्रभारी और सह-प्रभारी की तैनाती कर दी है. इसके साथ ही वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को 'सीट प्रभारी' बनाकर भेजा जाएगा. 'लाडली बहना' जैसी राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों का हारी हुई सीटों पर अलग से डेटा बेस तैयार कर उनसे सीधा संवाद साधा जाएगा. ऐसे बूथों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां पार्टी पिछले दो या तीन चुनावों से लगातार हार रही है. स्थानीय निर्दलीय या तीसरे विकल्प के प्रभाव का सूक्ष्म स्तर पर विश्लेषण किया जाएगा.

एंटी इनकंबेंसी की तोड़ निकालने का तरीका

बीजेपी नेतृत्व को मालूम है कि 2028 के विधानसभा चुनाव में सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी इनकंबेंसी को बेअसर करने का सबसे कारगर तरीका यही है कि विपक्ष के मजबूत गढ़ों को अभी से कमजोर करना शुरू कर दिया जाए. अक्सर पार्टियां बड़ा चुनाव जीतने के बाद अगले चुनाव तक शिथिल हो जाती हैं, लेकिन बीजेपी का यह कदम उसकी '100% स्ट्राइक रेट' की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है.

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About the Author

Sumit Rai

Sumit Rai

न्यूज़ मीडिया में 13 सालों से अधिक के अनुभव के साथ सुमित राय एक डिजिटल पत्रकार हैं. वर्तमान में सुमित राय Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम के लीड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, क्राइम और हाइपरलोकल मुद्दों के सटीक और गहरे विश्लेषण पर उनकी मजबूत पकड़ है.भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद सुमित ने मीडिया जगत में अपनी पहचान बनाई. अपने करियर के दौरान उन्होंने राजस्थान पत्रिका, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और लोकमत हिंदी जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है. ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ-साथ जटिल राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' और 'ओपिनियन' लिखना उनकी मुख्य पहचान है. वे न्यूज़ डेस्क मैनेजमेंट और क्वालिटी एश्योरेंस के उच्च मानकों को बनाए रखते हैं, ताकि पाठकों तक प्रामाणिक, निष्पक्ष और तथ्य-आधारित खबरें ही पहुंचे.सुमित राय से संपर्क करने के लिए आप उन्हें sumit2.kumar@zeemedia.com पर ईमेल कर सकते हैं. इसके अलावा, आप एक्स (ट्विटर), फेसबुक और लिंक्डइन पर उनके हैंडल @imSumitKRai के जरिए उनसे सीधे जुड़ सकते हैं.
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