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भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने भोपाल सत्र न्यायालय में चल रही सुनवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है. दरअसल, केस को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग को लेकर सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपी पक्ष को नोटिस जारी कर दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई की भी अनुमति दे दी है. अब उनकी नियमित जमानत पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हो सकती है.
इस बीच, ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर आज हाई कोर्ट में भी सुनवाई प्रस्तावित है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाई कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है. गिरिबाला ने स्वास्थ्य खराब होने और बीमारी का हवाला देते हुए जमानत की मांग की गई है. जानकारी के अनुसार, इस मामले पर लंच ब्रेक के बाद सुनवाई होने की उम्मीद है.
दूसरी ओर, इस मामले की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी CBI गिरिबाला सिंह की जमानत का कड़ा विरोध करने की तैयारी कर रही है. CBI का स्पष्ट तर्क है कि इस चरण में गिरिबाला सिंह को जमानत देना न्याय के हित में नहीं होगा, क्योंकि इससे मामले की निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है. एजेंसी अदालत के सामने अपने विरोध के मजबूत तर्क पेश करेगी. अभियोजन पक्ष के कड़े रुख और बचाव पक्ष की दलीलों के बीच, सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आज अदालत क्या फैसला लेती है.
दरअसल, इससे पहले जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की कोर्ट ने गिरीबाला सिंह को अपनी जमानत याचिका में बदलाव करने की इजाजत दी थी. हुआ ये है कि पहले CBI ने इस केस में दहेज हत्या की धारा लगाई थी, लेकिन अब चार्जशीट में उस धारा को हटाकर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा लगा दी है. इसलिए अब जमानत पर सुनवाई इसी नई धारा के हिसाब से होगी. इधर, ट्विशा शर्मा केस को भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हो सकती है.
पिछली सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह की ओर से उनकी जमानत अर्ज़ी में संशोधन करने का अनुरोध किया गया था. इसमें से दहेज मृत्यु से जुड़े आरोप को हटाने और नए आरोपों के अनुसार अर्जी में बदलाव करने की मांग की गई थी. हाई कोर्ट ने इस संशोधन की अनुमति देते हुए निर्देश दिया कि जमानत अर्जी पर बहस शुरू होने से पहले अर्जी में ये जरूरी बदलाव कर लिए जाएं ताकि बहस नए आरोपों के आधार पर हो सके. अपनी चार्जशीट में CBI ने दहेज मृत्यु वाले आरोप को हटा दिया है और उसकी जगह आत्महत्या के लिए उकसाने (धारा 108 के तहत) का आरोप शामिल किया है.
बता दें कि 9 दिसंबर 2025 को 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की शादी समर्थ सिंह से हुई थी. इसके बाद 12 मई 2026 को भोपाल में अपने ससुराल में ट्विशा शर्मा फंदे से लटकी हुई मिली थीं. मौत के बाद ट्विशा के परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए परेशान करने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया. मामले में पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या, क्रूरता और दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था. फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है.