SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

जबलपुर-इंदौर इंडस्ट्री कॉरिडोर के लिए 100 करोड़ की कंपनी, 3 लाख लोगों को मिलेगी नौकरी...मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले

मोहन कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि, जबलपुर-इंदौर इंडस्ट्री कॉरिडोर महाकौशल क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देगा. एक नई कंपनी बनाई जाएगी, जिसका स्वामित्व राज्य सरकार के पास होगा. जानिए और क्या-क्या फैसले लिए गए.

Written By Ranjana Kahar
Published: Oct 15, 2026, 02:19 PM IST | Updated: Oct 15, 2026, 02:47 PM IST
Image Credit: मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले
Join

गुरुवार सुबह मंत्रालय में मोहन कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस बैठक में जबलपुर-भोपाल-इंदौर औद्योगिक कॉरिडोर के विकास को लेकर एक अहम फैसला लिया गया. यह कॉरिडोर पूरे महाकौशल क्षेत्र को एक नई औद्योगिक गति देगा. जबलपुर से शुरू होकर भोपाल से गुजरते हुए राज्य की व्यावसायिक राजधानी इंदौर तक जाने वाला यह कॉरिडोर, औद्योगिक विकास और व्यावसायिक गतिविधियों को नई रफ्तार प्रदान करेगा.

महाकौशल में आएगी इंडस्ट्री की बहार

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जबलपुर-इंदौर इंडस्ट्री कॉरिडोर महाकौशल क्षेत्र में विकास को गति देगा. इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लागू करने के लिए उद्योग विभाग के अंतर्गत एक नई कंपनी बनाई गई है. यह इकाई एक आर्थिक कॉरिडोर के रूप में काम करेगी और पूरी तरह से राज्य सरकार के स्वामित्व में होगी. राज्य सरकार ने इसके लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. मैं व्यक्तिगत रूप से इसकी गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता करूंगा, ताकि फैसले तेजी से लिए जा सकें और सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ काम कर सकें. इस परियोजना को हमारी अन्य कंपनियों के संचालन से मिले अनुभव और विशेषज्ञता का भी लाभ मिलेगा, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी.

औद्योगिक विकास की संभावना

जबलपुर और नरसिंहपुर से लेकर रायसेन तक का क्षेत्र औद्योगिक विकास के लिए अपार संभावनाएं रखता है. यहां पर्यटन, खनन, कृषि और भारी उद्योग जैसे क्षेत्रों के विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हैं. इसके अलावा यह क्षेत्र सड़क, बिजली, पानी और हवाई संपर्क जैसी आवश्यक बुनियादी सुविधाओं से अच्छी तरह सुसज्जित है, जो किसी भी उद्योग को स्थापित करने और चलाने के लिए बुनियादी जरूरतें हैं. इस कॉरिडोर के विकास से यहां निवेश करने वाले उद्योगों को इन सुविधाओं का लाभ उठाने का मौका मिलेगा, जिससे इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा.

मुख्यमंत्री मोहन ने आगे बताया कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए एक व्यापक योजना है. इसके पहले चरण में 3,000 से 10,000 एकड़ भूमि को विकसित करने की योजना शामिल है.

यह भी पढ़ें: बेटी को जमीन दान, बैंक से 2 करोड़ का लोन और फिर खुद पर ही फर्जी मुकदमे: 5 पॉइंट में जानें बिल्डर जीशान अली ने कैसे किया फर्जीवाड़ा

रोजगार के अवसर पैदा होंगे- सीएम मोहन

यह कॉरिडोर निवेश और रोजगार के लिहाज से भी काफी अहम साबित होगा. मार्च 2028 तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का अनुमान है. इससे लगभग एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है, जिससे कुल मिलाकर तीन लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. अगले तीन वर्षों में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने की उम्मीद है, साथ ही छह लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. यह कॉरिडोर महाकौशल क्षेत्र सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में औद्योगिक विकास, निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त करेगा.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES