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बैतूल स्वास्थ्य विभाग में एक्शनः 85 कर्मचारियों का अटैचमेंट खत्म, जहां नौकरी लगी है वहां ड्यूटी करने के निर्देश

बैतूल में जिला कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेंट व्यवस्था पर रोक लगा दी है. इसमें 85 अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं, कि अपनी मूल पदस्थापना वाली जगह पर ही ड्यूटी ज्वाइन करें. आइए जानते हैं, कि पूरा मामला क्या है?

Written By Manish Kushawah
Published: Oct 23, 2026, 05:50 PM IST | Updated: Oct 23, 2026, 05:56 PM IST
Image Credit: ZEE NEWS
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मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में कलेक्टर का बड़ा एक्शन देखने को मिला है. स्वास्थ्य विभाग में 7 डॉक्टरों समेत 85 अधिकारी-कर्मचारियों के अटैचमेंट को समाप्त कर दिया गया है. पता चला है कि यह सभी कर्मचारी मूल पदस्थापना से दूर अटैचमेंट के जरिए मनचाही जगहों पर सेवाएं दे रहे थे. फिलहाल, कलेक्टर ने इन कर्मचारियों की अटैचमेंट व्यवस्था पर ब्रेक लगा दिया है.

मिली जानकारी के मुताबिक, इनमें कई ऐसे कर्मचारी-अधिकारी भी शामिल हैं, जिनकी तैनाती ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में की गई थी. लेकिन वे अपनी मूल पदस्थापना पर सेवाएं देने के बजाय जिला मु्ख्यालय या अपनी सहूलियत वाली जगह अटैचमेंट पर काम कर रहे थे.

कलेक्टर ने क्या-क्या निर्देश दिए ?

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भोपाल से मिले निर्देशों के बाद बैतूल कलेक्टर और सीएमएचओ ने सभी तरह के अटैचमेंट समाप्त करने की कार्रवाई की है. आदेश के बाद कलेक्टर डॉ. संजय सौरभ ने 85 अधिकारी और कर्मचारियों को तुरंत अपने मूल पदस्थापना स्थल पर पहुंचकर ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं.

क्यों बंद की जा रही है अटैचमेंट ?

इसमें सबसे खास बात यह है कि अब इन कर्मचारियों की अटेंडेंस सार्थक ऐप पर उनकी मूल पदस्थापना वाली लोकेशन से ही दर्ज होगी. यानी मनचाही जगह पर अटैचमेंट के माध्यम से ड्यूटी करने की व्यवस्था पर पूरी तरह से ब्रेक लगाने की तैयारी है. इसका मकसद सिर्फ इतना है कि दूरस्थ इलाकों में मुहैया कराई जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हो सके.

वहीं कलेक्टर संजय सौरभ का कहना है कि भोपाल से मिले निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग के सभी अटैचमेंट समाप्त कर दिए हैं. इसमें मेडिकल विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं. कलेक्टर ने का कि अब इन सभी डॉक्टर, कर्मचारी-अधिकारियों को अपनी मूल पदस्थापना वाली जगह पर ही सेवाएं देनी होंगी.

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सिस्टम में क्या है हाजिरी की व्यवस्था?

कलेक्टर ने आगे बताया कि सिस्टम में कर्मचारियों की उपस्थिति से जुड़ी व्यवस्था को एकीकृत किया जा रहा है. जिन कर्मचारियों की उपस्थिति सार्थक ऐप के माध्यम से दर्ज होती है, तो उनके पदस्थापना आदेश से संबंधित नंबर को ऐप से लिंक किया जाएगा, ताकि वे निर्धारित स्थान पर ही उपस्थिति दर्ज कर सकें. उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से इसके लिए सिस्टम में व्यवस्था की गई है.

जिला कलेक्टर की अटैचमेंट कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. वहीं अब उम्मीद लगाई जा रही है, कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में लंबे समय से प्रभावित हो रही स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को अब मजबूती मिलेगी. मरीजों को अपने ही इलाके में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके.

(रिपोर्टः रूपेश कुमार, बैतूल)
 

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मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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