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वियतनाम सड़क हादसा: रांची के योग गुरु राजा कुमार वर्मा की मौत, पार्थिव शरीर लाने के प्रयास में जुटी झारखंड सरकार

रांची के रहने वाले योग शिक्षक की वियतनाम में एक दुखद सड़क हादसे में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि उनकी स्कूटी अनियंत्रित होकर एक कार से टकरा गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि हादसे में उनकी जान चली गई.

वियतनाम सड़क हादसा: रांची के योग गुरु राजा कुमार वर्मा की मौत, पार्थिव शरीर लाने के प्रयास में जुटी झारखंड सरकार
Image Credit: वियतनाम में रांची के योग गुरु राजा कुमार वर्मा की मौत (फाइल फोटो)

वियतनाम में हुए एक दर्दनाक हादसे ने रांची के चुन्ना भट्टा में रहने वाले एक हंसते-खेलते परिवार की दुनिया उजाड़ दी. पेशे से योग शिक्षक 26 साल के राजा कुमार वर्मा की सड़क दुर्घटना में जान चली गई. राजा योग क्लास खत्म करके अपने दोस्त के साथ स्कूटी से लौट रहे थे, तभी तेज बारिश के बीच उनकी स्कूटी एक कार से टकरा गई. इस हादसे में राजा की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, अब उनके शव को रांची लाने की कोशिश की जा रही है. झारखंड सरकार में मंत्र संजय यादव ने कहा कि बहुत जल्द राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर रांची लाया जाएगा.

'झारखंड सरकार परिवार की हर मदद करेगी'
श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि वियतनाम में योग शिक्षक राजा कुमार वर्मा की मौत के बाद सरकार लगातार प्रयासरत है. वियतनाम सरकार के साथ सरकार संपर्क में है और कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. बहुत जल्द राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर रांची लाया जा सकेगा. दुख की इस घड़ी में सरकार पीड़ित परिवार के साथ है. नियमों के तहत परिवार को जो भी सरकारी सहायता और मुआवजा देय होगा, वह उपलब्ध कराया जाएगा.

घर की इकलौती उम्मीद थे राजा
दरअसल, राजा के पिता मजदूरी और पेंटिंग का काम करके किसी तरह गृहस्थी चला रहे थे. घर की बदहाली दूर करने और छोटे भाई-बहन की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए राजा दो साल पहले वियतनाम गए थे. मिट्टी और फूस के बने घर की टपकती छत को पक्का कराने और परिवार को सहारा देने का सपना लेकर गए राजा हर महीने घर पैसे भेजा करते थे.

एक महीना पहले ही घर आए थे राजा कुमार वर्मा
अभी एक महीना पहले ही वह रांची अपने घर आए थे. परिजनों ने नम आंखों से बताया कि तब किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि राजा को वे आखिरी बार देख रहे हैं. पड़ोसियों का कहना है कि राजा बेहद मिलनसार और सुलझे हुए इंसान थे, जो अपनी मेहनत से परिवार की तकदीर बदलने में जुटे थे.

सदमे में पिता, भविष्य पर छाया संकट
बेटे की मौत की खबर सुनते ही पिता का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है. राजा ही इस गरीब परिवार की रीढ़ थे. अब उनके चले जाने से छोटे भाई-बहन के भविष्य पर भी अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं. पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है.

रिपोर्ट: कामरान जलीली

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Shailendra

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शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
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