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निशा भगत के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़... रघुवर दास, बाबूलाल मरांडी और मधु कोड़ा समेत कई नेता हुए शामिल

आदिवासी नेत्री निशा भगत का अंतिम संस्कार बीते दिन उनके पैतृक गांव उरू में किया गया. इस दौरान रघुवर दास, बाबूलाल मरांडी और मधु कोड़ा समेत कई नेता शामिल हुए.

Edited By Ranjana Kumari
Published: Nov 08, 2026, 07:49 AM IST | Updated: Nov 08, 2026, 08:03 AM IST
Image Credit: निशा भगत अंतिम संस्कार (जी मीडिया)
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आदिवासी नेत्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता निशा भगत का अंतिम संस्कार शनिवार (7 नवंबर, 2026) को चैनपुर प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव उरू में किया गया. अंतिम विदाई में झारखंड के तीन पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, बाबूलाल मरांडी और मधु कोड़ा सहित पूर्व सांसद गीता कोड़ा, भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव, पूर्व विधायक शिवशंकर उरांव और गुमला विधायक भूषण तिर्की समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए. झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे.

गुमला में निशा भगत की प्रतिमा

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने घोषणा की कि वे अपने निजी खर्च से गुमला में निशा भगत की प्रतिमा स्थापित कराएंगे. उन्होंने निशा भगत की मौत को सरकार के संरक्षण में हुई हत्या बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और भू-माफियाओं पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि सरना, सनातन और कथित लव जिहाद जैसे मुद्दों पर निशा भगत की मुखर आवाज को दबाने के लिए साजिश रची गई. उनका बलिदान भुलाया नहीं जा सकता.

रघुवर दास ने ये कहा- आदिवासी समाज की एक बेटी जो गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड से थी. बहुत मर्माहत हुआ जब एक लड़ाकू, निडर, साहसी, हमारी चैनपुर की बेटी आत्महत्या करने पर मजबूर हो गई. मैं मानता हूं कि निशा भगत का ये बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. निशा भगत का बलिदान विदेशी धर्म का प्रचार कर धर्मांतरण करने वाली संस्था और मुस्लिम मानसिकता को समर्थन देने वाली हेमंत सरकार की अंतिम कील है. 

उन्होंने आगे कहा- निशा भगत की आत्महत्या आदिवासी मुख्यमंत्री पर कलंक है. खुद को आदिवासी समाज से जुड़ा बताने वाले मुख्यमंत्री ये बताएं कि निशा सिस्टम से निराश क्यों हुई? उसे आत्महत्या करने के लिए किसने मजबूर किया? मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं? मैं सरकार से मांग करता हूं कि पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दे और पूरे मामले की CBI से जांच हो.

निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और मधु कोड़ा ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

हत्या का मुकदमा दर्ज और गिरफ्तारी की मांग

इधर, निशा भगत के पिता हंदु भगत ने अजय तिर्की और संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी तथा पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की मांग की है.

निशा भगत ने लगाए थे गंभीर आरोप

गौरतलब है कि मौत से पहले निशा भगत ने फेसबुक पर सीधे प्रसारण के माध्यम से कई गंभीर आरोप लगाए थे. अब उनकी मौत से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच और परिजनों को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई है.

रिपोर्ट: रणधीर निधि

यह भी पढ़ें: निशा भगत से वैचारिक मतभेद था, निजी दुश्मनी नहीं थी; वीडियो में नाम आने पर अजय तिर्की ने कहा- आरोप लगते रहते हैं

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रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
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