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निशा भगत से वैचारिक मतभेद था, निजी दुश्मनी नहीं थी; वीडियो में नाम आने पर अजय तिर्की ने कहा- आरोप लगते रहते हैं

निशा भगत केस में धीरे धीरे सभी पक्षों की बात सामने आ रही है. इस कड़ी में नया बयान अजय तिर्की का है, जिनका नाम निशा भगत के वीडियो में लिया गया था. तिर्की का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में आरोप लगते रहते हैं.

निशा भगत से वैचारिक मतभेद था, निजी दुश्मनी नहीं थी; वीडियो में नाम आने पर अजय तिर्की ने कहा- आरोप लगते रहते हैं
Image Credit: निशा भगत (File Photo)

रांची: आदिवासी स्वयंसेवी निशा भगत की मौत पर केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने कहा है कि निशा आदिवासी बेटी थी. उनसे विचारों की लड़ाई हो सकती है, लेकिन उनकी मौत से मुझे भी आघात हुआ है. उनसे वैचारिक मतभेद था, लेकिन निजी दुश्मनी बिल्कुल भी नहीं थी. उन्होंने कहा कि आरोप कुछ भी लगे, आरोप तो लगते रहते हैं. उसे सिद्ध करना पड़ता है. सामाजिक और राजनीतक जीवन में आरोप लगते रहते हैं. हम सभी को संयम से काम लेना चाहिए. अगर सहने की शक्ति हो, तभी सामाजिक और राजनीतक क्षेत्र जीवन में आएं.

उन्होंने कहा कि हमारे साथ रहने वाले कई लोगों ने भी हमारा विरोध किया है. निशा भगत ने भी विरोध किया पर उनसे कोई राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता नहीं थी. विचारधारा की लड़ाई थी. हम सभी को साथ लेकर चलने वाले हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि निशा सरना और ईसाई की बात करती थी, तोड़ने वाली बात करती थीं पर इतना कहूंगा उनकी आत्मा को शांति मिले.

अजय तिर्की ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को लाश पर, कफ़न पर राजनीति करने का मौका मिल गया है. वीडियो में एक जगह मेरा नाम लिया गया है. वीडियो में ऐसा नहीं कहा गया है कि अजय तिर्की के कारण निशा भगत ने आत्महत्या कर ली है.

तिर्की ने कहा कि निशा पिछले कुछ महीने से डिप्रेशन में थीं. जो पैसा आता था, कुछ महीने से उसे नहीं मिल रहा था. उन्होंने कहा कि देश में जो भी जांच एजेंसी है, ईडी या सीबीआई से जांच करवा लो, मैं पूरा सहयोग करूंगा.

उन्होंने कहा कि झारखंड गठन के समय से ही आदिवासी समाज के लिए सामाजिक क्षेत्र में काम कर रहा हूं. अपना केंद्रीय सरना संगठन चलाता हूं और उसी के तहत सामाजिक काम करता हूं. तिर्की ने कहा कि थाना प्रभारी फोन पर बात नहीं समझा पाए होंगे. थाना प्रभारी किस परिस्थिति में थे, ये तो वे ही बता सकते हैं.

अजय तिर्की ने सवाल उठाया कि बीजेपी और आरएसएस वाले वीडियो देखकर क्यों नहीं बचाने के लिए पहुंच गए. निशा भगत तो उन्हीं के लिए काम करती थी. उन्होंने कहा कि निशा भगत ने अजय तिर्की और ज्योत्सना ही नहीं, आरएसएस और बीजेपी का भी नाम लिया है. उन लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज होना चाहिए.

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About the Author

Sunil Mishra

Sunil Mishra

इंडस्ट्री में 2 दशकों का अनुभव है तो खबरों की बाजीगरी आती है. डिजिटल मीडिया में आधे दशक हो चुके हैं. लंबे समय तक प्रिंट मीडिया में काम करना डिजिटल की दुनिया में मददगार साबित हुआ. दैनिक जागरण से शुरू हुआ सफर, अमर उजाला, हिन्दुस्तान, News Nation, ABP और India Ahead होते हुए Z Bihar Jharkhand तक पहुंचा है. बिहार और झारखंड की स्थानीय और राजनीतिक खबरों की विशेष समझ.
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