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गुरुग्राम में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान को लेकर एंटी टेररिस्ट स्क्वाड यानी ATS ने बड़ी कार्रवाई की है. ATS गुरुग्राम की टीम ने SOG नूंह और SOG रोहतक के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए 14 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है. शुरुआती जांच में इन लोगों के पास भारत में रहने के लिए वैध वीजा, पासपोर्ट या दूसरे जरूरी अनुमति नहीं मिलने की बात सामने आई है. सभी 14 लोगों को हिरासत में लेने के बाद मानेसर के डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है.
दरअसल, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ATS गुरुग्राम ने ये कार्रवाई की है. पुलिस अधीक्षक ATS वरुण सिंगला के नेतृत्व में इस अभियान को अंजाम दिया गया. गुप्त सूचनाओं और जांच-पड़ताल के आधार पर ATS गुरुग्राम, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG नूंह, SOG रोहतक और ATS के अन्य कर्मचारियों की संयुक्त टीम बनाई गई थी.
संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया. जांच के दौरान इनके पास से बांग्लादेश से संबंधित पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई. वहीं, प्रारंभिक जांच में इनके पास भारत में रहने के लिए वैध वीजा, पासपोर्ट या अन्य आवश्यक अनुमति नहीं पाई गई.
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान मोहम्मद लुतफोर रहमान, मोहम्मद राजू मियां, साकिब हुसैन, मोहम्मद तारेकुल इस्लाम, इलियास अली, मोहम्मद फेरुज इस्लाम, मोहम्मद अनारुल हक, साकिब राणा, गुलाम रब्बानी, मोहम्मद ज्वेल राणा, अनवर हुसैन, आरिफुल उर्फ अलाउद्दीन, मोहम्मद मसूद राणा और राजू आलम के रूप में हुई है. इनकी उम्र 17 साल से लेकर 37 साल तक बताई गई है. यानी हिरासत में लिए गए लोगों में नाबालिग भी शामिल हैं.
कार्रवाई के बाद ATS की टीम ने सभी 14 बांग्लादेशी नागरिकों को मानेसर स्थित डिटेंशन सेंटर भेज दिया है. फिलहाल इनके दस्तावेजों और भारत में रहने से जुड़े मामलों की नियमानुसार जांच की जा रही है और वैधानिक कार्रवाई जारी है. ATS गुरुग्राम का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करने और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का अभियान लगातार जारी रहेगा.
(गुरुग्राम से देवेंद्र भारद्वाज की रिपोर्ट)