झारखंड के खूंटी जिले से कल देर शाम छह नाबालिग बच्चियां अगवा होने से बाल-बाल बच गईं. ये सभी बच्चियां मारंगहादा थाना क्षेत्र के बांडी गांव की रहने वाली हैं और खूंटी मेला देखने आई थीं. मेला देखने के बाद देर शाम वे घर जा रही थी. देर हो जाने के कारण उन्हें कोई गाड़ी नहीं मिली. तभी एक कार से 5 आदिवासी युवक वहीं पहुंचे और बच्चियों को सुरक्षित उनके घर छोड़ने की बात कहकर कार में बैठा लिया. ऐसा बताया जा रहा है कि इन छह बच्चियों में से एक बच्ची उस 5 युवक में से एक को पहले से जानती थी. इसी के कारण बच्चियां उनकी कार में बैठ गईं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार सवार युवक बच्चियों को मारंगहादा जाने वाली सड़क पर ले जाने के बजाय दूसरे सड़क पर ले जाने लगे. दुसरे रास्ते को देखते हुए बच्चियों को जब शक हुआ तो वह कार को रोककर नीचे उतारने के लिए कहने लगीं. इसी क्रम में कार जिवरी गांव तक पहुंच गई. वहां के ग्रामीणों ने शक के आधार पर कार को रोक लिया. इसके बाद इस घटना की जानकारी व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से अन्य लोगों को पहुंचाई गई. सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में वहां लोग आने लगे.
ग्रामीणों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कार सवार युवक बच्चियों को वहां छोड़कर फरार हो गए. इसके बाद सभी छह बच्चियों को सायको थाना ले जाया गया. वहां पुलिस ने उन सभी बच्चियों को उनके परिजनों को बुलाकर उनको सौंप दिया. ग्रामिणों के सुझबुझ के कारण ये सभी नबालिग बच्चिया सुरक्षित बच गईं. वहीं इस घटना को लेकर इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.
जिवरी गांव के ग्रामप्रधान ने बताया कि उन्हें एक ग्रामीण के माध्यम से बच्चियों के कार में होने की जानकारी मिली थी. इसके बाद उन्होंने सभी ग्रामीणों को एकजुट होकर सड़क पर पहुंचने के लिए कहा. सूचना मिलने पर ग्रामीण उस स्थान पर पहुंचे, जहां बच्चियां कार सवार युवकों के साथ थीं. ग्रामप्रधान के अनुसार, ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर दबाव बनाया तो युवक बच्चियों को छोड़कर भाग गए. ग्रामीणों की तत्परता से सभी बच्चियों को सुरक्षित बचा लिया गया.
रिपोर्ट: ब्रजेश कुमार